no image

किस राह चलूँ, किस देस चलूँ मौला राम कहूँ या रहीम कहूँ, किस भेस छलूँ मौला!!! सदयुग, द्वापर, त्रेता सब युग का शेष रचा तूने कलयुग में क...

no image

  हिन्दी साहित्य को जानने समझने वालों के लिए ‘छायावाद’ एक ऐसा विषय रहा है जिसकी परिभाषा एवं अर्थ पर आरंभ से आज तक अनेक साहित्य मनीषियों एव...

no image

वह बच्चा  रो रो कर  खामोशी को गहराता था  टुकुर टुकुर आँखें तकती थी  माँ की क्षत-विक्षत छाती को  जिनसे रुधिर बहा आता था  एक न...

नाटक : एक सामान्य अवलोकन भाग :१ [नाटक पर स्थायी स्तंभ] – योगेश समदर्शी

नाटक का आज जो स्वरूप दिखाई देता है उस पर काफी कुछ कहा जा सकता है। नाटक साहित्य की जिस आवाज को मुखर करता है, उसमें संदेश मुख्य होता है। कहानी...

no image

उम्र भर तड़पे सहर के वास्ते बिक गये जो एक घर के वास्ते। वो परिंदा कब तलक लड़ता भला था कफ़स में उम्र भर के वास्ते। घिस गया माथा दुआ ...

no image

गणतंत्र जिसमें सेनसेक्स है, जिसमें मरते किसानों का विदर्भ है। गणतंत्र, जिसमें किसानों का सिंगूर है। गणतंत्र जिसमें महंगी कारों के किस्से है...

भगत सिंह की शहादत से संदर्भित स्वाधीनतापूर्व की रचनायें [विशेष प्रस्तुति] – साहित्य शिल्पी

भगत सिंह नें फाँसी के फंदे को चूमा और इस बूढे देश की नसें उबल पडीं। क्रांति दावानल हो गयी और अंग्रेज सूरज अस्त होने लगा।...। प्रस्तुत कवित...

no image

आलेख -1 ------------------------------------------------------- भगत सिंह का मार्ग सूना क्यों हो गया - योगेश समदर्शी --------------------...

अखिल भारतीय सांस्कृ्तिक पत्रकार संघ, नई दिल्ली  द्वारा आयोजित मित्र संवाद व कहानी पाठ 25 सितम्बर 2008 – [साहित्य समाचार, रिपोर्ट] – अविनाश वाचस्पति

(श्री राजेन्‍द्र यादव, श्री तेजेन्‍द्र शर्मा औरसंचालन करते हुए श्री अजित राय) पत्रकार संघ को पुरस्कार संघ न बनाया जाये (साहित्यकार श्र...

उस तितली से बन जाओ [बाल कविता] - रचना सागर

कोमल कोमल पंखो वाली नभ को देखो छूने वाली रंगीनी बरसाने वाली प्यारी तितली आई है एक संदेशा लाई है हिन्दु मुस्लिम सिख ईसाई आपस मे है ...

no image

बेटी व्याही, तो समझो गंगा नहाये सुनकर लगा था कभी जैसे कोई पाप पानी मे बहा आये बचपन से क्षीण परिभाष्य हर दर, हर ठौर, भारित आश्रय एक क...

नवलगढ़ की बूढी हवेलियाँ [यात्रा वृतांत] - देवेश वशिष्ठ खबरी

पुरानी हवेलियां बूढ़ी औरतों की तरह होती हैं| इठलाते बचपन की तरह किसी ने उन्हें प्यार से उठाया; जवान अल्हड़ नक्काशियाँ की; उनकी चुनरी पर धानी...

no image

बेकल मन की बेकल बातें, मन में ही रह जाती हैं, सुर गीतों को दे ना पातीं, मन ही मन पछताती हैं, क्या-क्या भूलें क्या याद करें,मन-मंथन गहरा...

यह जमीं है गाँव की [कविता] - योगेश समदर्शी

गौर से देखो इसे और प्यार से निहार लो आराम से बैठो यहाँ पल दो पल गुजार लो सुध जरा ले लो यहाँ पर एक हरे से घाव की कि यह जमीं है गाँव की...

नैनो है गुणकारी कार [व्यंग्य] – अविनाश वाचस्पति {साथ में प्रस्तुत हैं कीर्तिश भट्ट की, ‘नैनो’ पर चर्चित कार्टून श्रंखला}

नई दुनिया के कार्टूनकार कीर्तिश भट्ट के निराले कार्टूनों ने सबसे अधिक एवरेज दी है। बिना इंधन के दिलों में जा बसे हैं। टाटा की लखटकिया कार नै...

no image

सर्वेश्वर दयाल सक्सेना हिन्दी साहित्य जगत के एक ऐसे हस्ताक्षर हैं, जिनकी लेखनी से कोई विधा अछूती नहीं रही। चाहे वह कविता हो, गीत हो, नाटक ह...

आर्त्तनाद [लघु कथा] - प्रवीण पंड़ित

उम्र हो चली अब| किससे कहूं कि मेरा भी ज़माना था। कैसे कहूं कि बड़े- बड़े हाक़िम-हुक्काम, राजे-महाराजे, शाह-नवाब मुस्तैद रहे मेरे साये मे।...

आप भी अब मिरे गम बढ़ा दीजिए  [गज़ल] – श्रद्धा जैन

आप भी अब मिरे गम बढ़ा दीजिए मुझको लंबी उमर की दुआ दीजिए मैने पहने है कपड़े धुले आज फिर तोहमते अब नई कुछ लगा दीजि...

no image

किसी भाषा में लिखे गये साहित्य के विकास-क्रम को समझने के लिये उस भाषा की उत्पत्ति और विकास के विभिन्न चरणों को समझना भी आवश्यक हो जाता है ...

पुस्तकालय

~~~ साहित्य शिल्पी का पुस्तकालय निरंतर समृद्ध हो रहा है। इन्हें आप हमारी साईट से सीधे डाउनलोड कर के पढ सकते हैं ~~~~~~~

डाउनलोड करने के लिए चित्र पर क्लिक करें...

आइये कारवां बनायें...

साहित्य शिल्पी, हिन्दी और साहित्य की सेवा का मंच, एक ऐसा अभियान.. जो न केवल स्थापित एवं नवीन रचनाकारों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा अपितु अंतर्जाल पर हिन्दी के प्रयोग और प्रोत्साहन का एक अभिनव सोपान भी है, अपने सुधी पाठको के समक्ष कविता, कहानी, लघुकथा, नाटक, व्यंग्य, कार्टून, समालोचना तथा सामयिक विषयो पर परिचर्चाओं के साथ साहित्य शिल्पी समूह आपके समक्ष उपस्थित है। यदि राष्ट्रभाषा हिदी की प्रगति के लिए समर्पित इस अभियान में आप भी सहयोग देना चाहते हैं तो अपना परिचय, तस्वीर एवं कुछ रचनायें हमें निम्नलिखित ई-मेल पते पर प्रेषित करें।
sahityashilpi@gmail.com
आइये कारवां बनायें...

Followers

Google+ Followers

Get widget