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गुरुवार, ९ अक्तूबर २००८

स्वर शिल्पी का लोकार्पण

साहित्य शिल्पी नें एक पायदान और आगे बढाया है और इसी श्रंखला में आज विजयादश्मी को अपने सुधी पाठको को श्रोता भी बनाने की दृष्टि से हम अपनी महत्वाकांक्षी परियोजना स्वर शिल्पी को लोकार्पित कर रहे हैं। स्वर शिल्पी केवल इस लिये नहीं कि कुछ गीत-गज़लें या कोई एलबम हम आपके लिये ले कर प्रस्तुत हों, अपितु इस लिये कि स्वर एक सजीव माध्यम है। आप यहाँ सुन सकेंगे छोटे-छोटे बच्चों के गाये गीत तो कहानियाँ कथाकार के ही स्वर में। कवि सम्मेलनों के माध्यम से भी श्रोताओं को मंच से जोड़ने की कोशिश होगी तो हम नाटक भी प्रस्तुत करेंगे दृश्य तथा श्रव्य दोनों ही माध्यमों द्वारा। आप महान रचनाकारों के साक्षात्कार सुन सकेंगे तो परिचर्चायें और संवाद भी इस माध्यम द्वारा... आज विजयादश्मी को साहित्य शिल्पी समूह लोकार्पित करता है –स्वर शिल्पी!!!

लोकार्पण में सहभागिता के लिए वीडियो प्लेयर पर आरम्भ करें


माँ वागेश्वरी की वंदना नीचे प्लेयर पर सुने

13 comments:

नंदन ९ अक्तूबर २००८ ६:३८ AM  

साहित्य शिल्पी को बधाई। प्रस्तुतियाँ सुनने को बेकरार हूँ अभी से। शुभकामनायें।

रितु रंजन ९ अक्तूबर २००८ ६:४६ AM  

साहित्य शिल्पी की की अब अपनी आवाज भी होगी, शुभकामनायें।

प्रदीप मानोरिया ९ अक्तूबर २००८ ९:५० AM  

सुंदर योजना और उसके कार्यान्वयन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं मेरा कली सहयोग अपेक्षित हो तो मुझे मेल करें pkmanoria@gmail.कॉम
मेरी नई रचना "शेयर बाज़ार पढने हेतु आपको सादर अपने इष्ट मित्रों सहित आमंत्रण है कृपया मेरे ब्लॉग पर पधारें और जाते जाते अपनी प्रतिक्रिया भी व्यक्त करें <> स्वागत है

डा. फीरोज़ अहमद ९ अक्तूबर २००८ १०:१८ AM  

शुभकामनायें

विश्व दीपक ’तन्हा’ ९ अक्तूबर २००८ ११:५० AM  

स्वर शिल्पी के शुभारंभ के शुभ अवसर पर मेरी शुभकामनाएँ।

शोभा ९ अक्तूबर २००८ १२:१० PM  

स्वर शिल्पी का स्वागत है. एक सुंदर और मधुर आवाज सुनने की प्रतीक्षा रहेगी. शुभ कामनाओं सहित

पंकज सक्सेना ९ अक्तूबर २००८ १:१८ PM  

बहुत बहुत बधाई..स्वर शिल्पी और साहित्य शिल्पी को। ये शिल्पी कुछ गढ कर रहेंगे।

मोहिन्दर कुमार ९ अक्तूबर २००८ १:३७ PM  

स्वर शिल्पी के आरम्भ के लिए बहुत बहुत शुभकामनाएं और आभार. आने वाले समय में स्वर शिल्पी का माध्यम से बहुत सी विधाओं का श्रोता बनने का सोभाग्य प्राप्त होगा.. श्रीकांत जी जो इस दिशा में कार्य कर रहे हैं उन्हें बहुत बहुत बधाई.

अभिषेक सागर ९ अक्तूबर २००८ २:५९ PM  

साहित्य शिल्पी का यह प्रयास सफल हो यह शुभकामना है। दशहरा की बधाई।

बेनामी ९ अक्तूबर २००८ ३:०३ PM  

Congratulations. A new milestone.

- Alok Kataria

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` ९ अक्तूबर २००८ ११:५५ PM  

ये प्रयास भी अत्यँत सफल होगा इसका विश्वास है ~~ विजया दशमी की शुभकामनाएँ भेज रही हूँ ~~
स स्नेह्,
- लावण्या

रचना सागर १० अक्तूबर २००८ ७:२८ AM  

स्वर शिल्पी और साहित्य शिल्पी को बधाई इस नये प्रयास के लिये।

राजीव रंजन प्रसाद १० अक्तूबर २००८ ७:४४ AM  

आदरणीय श्रीकांत जी का श्रम और साहित्य शिल्पी टीम की लगन नें एक नया मील का पत्थर रखा है। सभी को बधाई।


***राजीव रंजन प्रसाद

फरवरी-2010 में अब तक प्रकाशित...

स्थायी स्तंभ:-
गज़ल: शिल्प और संरचना:
नाटक पर स्थायी स्तंभ:
काव्य का रचना शास्त्र - आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल': परिकरान्कुर में रखे, साभिप्राय कवि नाम.-काव्य का रचना शास्त्र: ४७,
हितोपदेश की कहानियों का काव्यरूप:-
अनुकरणीय श्रीमदभगवद गीता [धर्म-आध्यात्म पर स्थायी स्तंभ] - अजय कुमार:-
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अभिषेक तिवारी:सप्ताह-1,
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फरवरी-2010 में अब तक प्रकाशित...

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