अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन द्वारा अपने 21वें राष्ट्रीय अधिवेशन और 74वें स्थापना दिवस के अवसर पर तेरापंथ भवन अध्यात्म साधना केन्द्र, छत्तरपुर मेहरौली मार्ग, नई दिल्ली में 20 दिसम्बर 2008 को भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री भैरोसिंह शेखावत के हाथों "राजस्थानी भाषा साहित्य पुरस्कार 2008" जनचेतना के विप्लवी यायावर रचना धर्मी श्री ओंकार श्री को प्रदान किया।

श्री ओंकार श्री का परिचय:

जन्म: 26 मार्च 1933, बीकानेर। पिता श्री बालमुकुन्दजी, आपकी विमाता के साथ कराची नगर में हरमन मोहता कंपनी के व्यवस्थापक व प्रवासी राजस्थानी व्यवसायिक घरानों के विवादों के प्रख्यात आरबीट्रेटर थे।

आप डूँगर कॉलेज, बीकानेर से कला स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण कर, अर्थाभाववश आगे पढ़ न सके। तत्पश्चात् आपने लोकमत बीकानेर के सहायक संपादक बतौर मात्र 70 रुपया माहवारी मान देय पर कार्य किया।
सन् 1966 से 1986 तक उदयपुर में स्थित राजस्थान साहित्य अकादमी के सेवा काल में सहायक सचिव का निदेशक व उपनिदेशक पद पर प्रोन्नत हो सन् 82 से 86 तक शासन स्थापित राजस्थानी भासा साहित्य संस्कृति अकादमी बीकानेर के शासन द्वारा नियुक्त संस्थापक सचिव।
अकादमी सेवा मुक्ति के बाद आपने माणक (राज0मा0) का व.संपादक, जोधपुर के सांध्य दैनिक तीसरा प्रहर का व.संपादक दायित्व संभालने के बाद नवमें दशक में बीकानेर संभागीय विकास परिषद का व राजस्थान गो.सेवा संघ का मानद सचिव पद भार वहन किया।

पत्र पत्रकारिता के क्षेत्र में: 
संपादन पूर्व व.संपादक: लोकमत(सा0)बीकानेर, माणक (राजस्थानी) जोधपुर, तीसरा प्रहर सांध्य (दै0) जोधपुर, प्रतिदिन
सांध्य(दै0)उदयपुर, पोलिटिक्स(दै0)उदयपुर, प्रगति(सा0)उदयपुर। प्रकाश(सा0)उदयपुर, ओसवाल ज्योति(व0)जयपुर, जैन दर्पण(मा0)जयपुर, अर्थभारती (मा0)पारिकबन्धु (मा0)जयपुर, श्रमणोपासक (बीकानेर), जागती जोत बीकानेर, मधुमती (मा0) उदयपुर, सहकार पथ (मा0) जयपुर, लूर (शोध जनरल) जोधपुर। एक्सीलैंस (अंग्रेजी शिक्षा मा0) भोपाल। निर्मला (मा0) बैंगलोर।

प्रवर्तन: हिन्दी प्रत्रकारिता में निजात्मीय नगर-जन संवाद षैली स्तम्भ का 'हैलो' बीकानेर, लगभग 2000 लेखा लेख/कवितायें/ विविध विधाओं में 50 पत्रों में प्रकाशित।
ग्रंथ संपादनः विशाल ग्रंथो का यथा: राजस्थान संगीत: संगीतकार-जयपुर, तत्त्ववेत्ता अभिनन्दन ग्रंथ-जयुपर, आखरबेल, प्रणाम स्मृति ग्रंथ (दिल्ली), वंदन स्मृति ग्रंथ, उदयपुर, ऋषया यतन पुरा गंथ-उदयपुर, सर्व मंगल सर्वदा (बी.के.बिड़ला प्रोजेक्ट) कोलकाता।

प्रकाशित ग्रंथः एक पंख आकाश (हिन्दी मिनि कविता प्रवर्तन कृति-1971 उदयपुर, (2) समाज दर्शन (जैनाचार्य जवाहरलालजी महाराज) बीकानेर, विप्लवी संगीतकार (डॉ.जयचन्द्र षर्मा) बीकानेर, व्यासाय नमोनम्: (रम्मतकार पं. बच्छराज व्यास) बीकानेर, सहकारिता से ग्रामस्वराज्य, सहकारिता से लोकतंत्र, सहकारिता से पंचायत राज, जय सहयोग (हिन्दी गीत), मैं उपस्थित हूँ (हिन्दी काव्य)- प्रकाशनोन्मुख, श्री समुच्चय (समग्र संकलन-वर्गीकरण कार्य जारी)।

राजस्थानी जनकवि अवधारणा-राजस्थानी, मोरपंख (राज.गीत), राजस्थानी पत्रकारिता के उजले आयाम (प्रकाशनाधीन), आखरबेल (राज.काव्य संकलन), लिखी सो सही (आत्म कथा-सृजनाधीन), रंगरेख (राज.रेखाचित्र)-प्रकाशनोन्मुख।

सम्मान: डी. लिट (राज.) आर.डी.एफ. जालोर से, जीनियस एवार्ड (विश्व जौहर न्यूज ऐसो0) उदयपुर (पत्रकारिता चैतन्यपूर्ण लेखन हेतु), महाकवि पृथ्वीराज राठौड़ (राज. काव्य) सम्मान, राजस्थानी भाषा (शीर्ष प्रदेश स्तरीय) सम्मान जयपुर (राज्यपाल द्वारा), आ0 शिलीमुख हिन्दी सृजन- स्मृति एवार्ड (प्रथम) जयपुर, समताशेखर (जैन यूथ) जयपुर, प्रबोधक (सिद्धान्त शाखा) बीकानेर, सहकार गुरू (राज. शासन) सम्मान जयपुर, साहित्य श्री (जय साहित्य संसद) जयपुर, विशिष्ट साहित्यकार (रा.भा.सा.सं.अकादमी) सम्मान-बीकानेर, जन प्रचेता (बीकानेर संवाद मंच) सम्बोधन-बीकानेर।

3 comments:

  1. ओंकार जी को कोटिश: बधाई। शंभु जी को धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं
  2. श्री ओंकार जी को सम्मान के लिए बधाई और शम्भू जी को यह समाचार हम तक पहुंचाने के लिए आभार.

    उत्तर देंहटाएं
  3. साहित्य शिल्पी अच्छा मंच लगा। यहा बहुत विविधता है।

    उत्तर देंहटाएं

आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

पुस्तकालय

~~~ साहित्य शिल्पी का पुस्तकालय निरंतर समृद्ध हो रहा है। इन्हें आप हमारी साईट से सीधे डाउनलोड कर के पढ सकते हैं ~~~~~~~

डाउनलोड करने के लिए चित्र पर क्लिक करें...

आइये कारवां बनायें...

साहित्य शिल्पी, हिन्दी और साहित्य की सेवा का मंच, एक ऐसा अभियान.. जो न केवल स्थापित एवं नवीन रचनाकारों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा अपितु अंतर्जाल पर हिन्दी के प्रयोग और प्रोत्साहन का एक अभिनव सोपान भी है, अपने सुधी पाठको के समक्ष कविता, कहानी, लघुकथा, नाटक, व्यंग्य, कार्टून, समालोचना तथा सामयिक विषयो पर परिचर्चाओं के साथ साहित्य शिल्पी समूह आपके समक्ष उपस्थित है। यदि राष्ट्रभाषा हिदी की प्रगति के लिए समर्पित इस अभियान में आप भी सहयोग देना चाहते हैं तो अपना परिचय, तस्वीर एवं कुछ रचनायें हमें निम्नलिखित ई-मेल पते पर प्रेषित करें।
sahityashilpi@gmail.com
आइये कारवां बनायें...

Followers

Google+ Followers

Get widget