दिल बीती बातें याद करता रहा
यादों का चिराग रातभर जलता रहा
नज़म का एक एक अल्फाज़ चुभता रहा
दिल बीती बातें याद करता रहा

जाने किसके इन्तेजार मे
सफर-ए-शब कटता रहा
जो गीत तुमने छेड़े थे
रात भर मैं वह गुनगुनाता रहा
दिल बीती बातें याद करता रहा

शमा पिघलती ही रही थी
और दूर कोई आवाज दे रहा
जुंबा जो न कह पा रही थी
अश्क एक एक दास्तां कहता रहा
दिल बीती बातें याद करता रहा

यादें पुरानी आती ही रही,
दिल धीमे धीमे दस्तक देता रहा
चिंगारियां भड़कती ही रही
टूटे हुए सपनो से कोई पुकारता रहा
दिल बीती बातें याद करता रहा

दिल बीती बातें याद करता रहा
यादों का चिराग रातभर जलता रहा
नज़म का एक एक अल्फाज़ चुभता रहा
दिल बीती बातें याद करता रहा

18 comments:

  1. पंकज सक्सेना20 दिसंबर 2008 को 8:21 am

    बहुत कोमल कविता है। मन को छू जाने वाली।

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  2. दिल बीती बातें याद करता रहा
    यादों का चिराग रातभर जलता रहा
    नज़म का एक एक अल्फाज़ चुभता रहा
    दिल बीती बातें याद करता रहा

    बहुत खूब..

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत खूब।
    शमा पिघलती ही रही थी
    और दूर कोई आवाज दे रहा
    जुंबा जो न कह पा रही थी
    अश्क एक एक दास्तां कहता रहा
    दिल बीती बातें याद करता रहा

    उत्तर देंहटाएं
  4. विजय जी पुरानी यादों में खो कर लिखेंगे तो एसी ही मनभावन रचनायें निकलेंगी। बहुत सुन्दर।

    उत्तर देंहटाएं
  5. दिल के अरमाँ आसुँओं में बह गए....

    भावनाओं की सुन्दर प्रस्तुति

    उत्तर देंहटाएं
  6. Good Poem... I have read it before here:
    http://poemsofvijay.blogspot.com/2008/03/blog-post_07.html

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  7. आपकी याद आती रही रात भर
    चश्मेनम मुस्कराती रही रात भर

    रात भर दर्द की शमा जलती रही
    ग़म की लॉ थरथराती रही रात भर

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  8. KAVITA ACHCHHEE BAN PADEE HAI.
    "EK ALFAAZ"KAA PRAYOG SAHEE NAHIN
    HAI.ALFAAZ BAHU VACHAN HAI.

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  9. शमा पिघलती ही रही थी
    और दूर कोई आवाज दे रहा
    जुंबा जो न कह पा रही थी
    अश्क एक एक दास्तां कहता रहा
    दिल बीती बातें याद करता रहा

    वाह जी वाह कविता पढकर लगा कि एक एक शब्‍द को दर्द में डुबोकर चस्‍पा किया हे आपने बहुत खूब

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  10. आपका यादों के गलियारे से गुजरना बहुत अच्छा लगा,

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  11. हौले हौले सहला कर चली गई।
    याद तुम फिर आना ।

    प्रवीण पंडित

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  12. aap sab ko mera hridyapoorvak dhanyawad.

    aapne kavita pasand ki , mujhe aur kya chahiye..


    vijay
    poemsofvijay.blogspot.com

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  13. No deposit bonuses - POKER money bankrolls
    all possible no deposit bonuses starting bankrolls for free Good luck at the tables.

    Donald Duck

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  14. जय सिया राम ,दोस्तों आज शुकरवार के दिन सभी मित्रो को गुरु सुकरदेव जी रक्षा करे आज़ का दिन सभी मित्रो का मंगल मये हो ? मेरी हार्दिक शुभ कामना बहुत ही सुन्दर रचना दिल छु लिया हमरा ?

    उत्तर देंहटाएं

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