जश्न है हर सू , साल नया है
हम भी देखें क्या बदला है

गै़र के घर की रौनक है वो
अब वो मेरा क्या लगता है

दुनिया पीछे दिलबर आगे
मन दुविधा मे सोच रहा है

तख्ती पे 'क' 'ख' लिखता वो-
बचपन पीछे छूट गया है

नाती-पोतों ने जिद की तो
अम्मा का संदूक खुला है

याद ख्याल आई फिर उसकी
आँख से फिर आँसू टपका है

दहशत के लम्हात समेटे
आठ गया अब नौ आता है

15 comments:

  1. खूबसूरत गज़ल है, सतपाल जी! आपको और अन्य पाठकों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें!

    उत्तर देंहटाएं
  2. 'नाती-पोतों ने ज़िद की तो…'
    बहुत सुन्दर! मन को छू जाने वाला शे'र।
    नये साल की मंगलकामनायें।

    उत्तर देंहटाएं
  3. सशक्त और मनहर ग़ज़ल है।

    तख्ती पे 'क' 'ख' लिखता वो-
    बचपन पीछे छूट गया है

    याद ख्याल आई फिर उसकी
    आँख से फिर आँसू टपका है

    उत्तर देंहटाएं
  4. नाती-पोतों ने जिद की तो
    अम्मा का संदूक खुला है

    नये साल की शुभकामनायें। बहुत अच्छी ग़ज़ल है।

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत अच्छी ग़ज़ल है सतपाल जी बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  6. पंकज सक्सेना3 जनवरी 2009 को 10:15 am

    हर शेर सशक्त है। नव वर्ष की शुभकामनायें।

    उत्तर देंहटाएं
  7. SATPAL JEE,NAYE SAAL AAPKEE YE GAZAL AAJ KE HAALAAT SAMETE HUE
    HAI.SABHEE ASHAAR ACHCHHE KAHEN
    HAIN AAPNE.

    उत्तर देंहटाएं
  8. सतपाल जी आपकी इस विधा में महारत है। हर शेर बेहतरीन है।

    याद ख्याल आई फिर उसकी
    आँख से फिर आँसू टपका है

    उत्तर देंहटाएं
  9. गै़र के घर की रौनक है वो
    अब वो मेरा क्या लगता है



    तख्ती पे 'क' 'ख' लिखता वो-
    बचपन पीछे छूट गया है

    नाती-पोतों ने जिद की तो
    अम्मा का संदूक खुला है

    याद ख्याल आई फिर उसकी
    आँख से फिर आँसू टपका है

    ye chaar sher bhaut achhe lage Satpal ji aapki gazal padna hamesha se hi sukhad anubhav raha hai

    उत्तर देंहटाएं
  10. गज़ल बहुत अच्छी है।

    जश्न है हर सू , साल नया है
    हम भी देखें क्या बदला है

    उत्तर देंहटाएं
  11. नव वर्ष पर सुन्दर गजल के लिये आभार

    उत्तर देंहटाएं
  12. हर शे'र बार बार पढ़ा।
    तमाम ग़ज़ल कई बार पढ़ी।
    हर बार प्यारी लगी , और नई भी।

    प्रवीण पंडित

    उत्तर देंहटाएं
  13. satpaal ji , naye saal par aapki ye rachana ka swagat hai ..

    behad khoobsurat gazal

    bahut bahut badhai ..

    aapka
    vijay
    http://poemsofvijay.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं

आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

पुस्तकालय

~~~ साहित्य शिल्पी का पुस्तकालय निरंतर समृद्ध हो रहा है। इन्हें आप हमारी साईट से सीधे डाउनलोड कर के पढ सकते हैं ~~~~~~~

डाउनलोड करने के लिए चित्र पर क्लिक करें...

आइये कारवां बनायें...

साहित्य शिल्पी, हिन्दी और साहित्य की सेवा का मंच, एक ऐसा अभियान.. जो न केवल स्थापित एवं नवीन रचनाकारों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा अपितु अंतर्जाल पर हिन्दी के प्रयोग और प्रोत्साहन का एक अभिनव सोपान भी है, अपने सुधी पाठको के समक्ष कविता, कहानी, लघुकथा, नाटक, व्यंग्य, कार्टून, समालोचना तथा सामयिक विषयो पर परिचर्चाओं के साथ साहित्य शिल्पी समूह आपके समक्ष उपस्थित है। यदि राष्ट्रभाषा हिदी की प्रगति के लिए समर्पित इस अभियान में आप भी सहयोग देना चाहते हैं तो अपना परिचय, तस्वीर एवं कुछ रचनायें हमें निम्नलिखित ई-मेल पते पर प्रेषित करें।
sahityashilpi@gmail.com
आइये कारवां बनायें...

Followers

Google+ Followers

Get widget