मानव कौल, नाट्य क्षेत्र के जाने माने डायरेक्टर के नाटक "शक्कर के पांच दाने का" नोमिनेशन थियेटर जगत के आस्कर पुस्कार के रूप में जाने वाले "द महेंद्रा एक्सीलेंस इन थियेटर आवर्ड" के लिये हुआ है. साहित्य शिल्पी उन्हें इस अवसर पर बधाई देता है| मानव कौल के अतिरिक्त जिन अन्य डायरेक्टरों को इसके लिये नोमिनेट किया गया है उनमे है, प्रीती वासुदेवन (एब्सेंट लवर), रजत कपूर (हेमलेत- द क्लोन प्रिंस), स्वानंद किर्किरे ( आओ साथी सपना देखें), सुविरन ( द बुक आफ लाइफ) और हिदायत शामी (आल अबाउट वूमैन) आप यदि इन नाटकों को देखना चाह्ते है तो नाटको का अयोजन इस प्रकार है इनके लिये सीटे अनारक्षित है और पहले आओ पहले पाओ के आधार पर प्राप्त की जा सकती है.

श्री राम सेंटर, सफदर हाशमी मार्ग, मंडी हाउस, दिल्ली

२८ फरवरी , ७:३० बजे शाम
आओ साथी सपना देखें.

१ मार्च , ७:३० बजे शाम
द एबसेंट लवर

२ मार्च , ४:३० बजे शाम
द बुक आफ लवर

३ मार्च , ४:३० बजे शाम
क़लिवेशम

४ मार्च , ४:३० बजे शाम
आल अबाउट वूमैन

५ मार्च , ४:३० बजे शाम
मध्याबर्त्नी

कमानी आडिटोरियम कापरनिकस मार्ग मंडी हाउस

२ मार्च , ७:३० बजे शाम
लैला मजनू

३ मार्च , ७:३० बजे शाम
अफसाने : बाय से बायस्कोप तक

४ मार्च , ७:३० बजे शाम
हेमलेट- द क्लोन प्रिंस

५ मार्च , ७:३० बजे शाम
शक्कर के पांच दाने



7 comments:

  1. बहुत बढ़िया. मेरी और से शुभकामना और बधाई .

    उत्तर देंहटाएं
  2. प्रिय भाई,

    आपका मेल पढ़ लिया था और साहित्य शिल्पी देखता रहता हूं. कह सकते हैं कि उनमें हूं जो देखते -पढ़ते हैं, लेकिन टिप्पणी देने में आलस्य कर जाते हैं.

    साहित्य शिल्पी के माध्यम से आप महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं. बस एक सलाह देना चाहता हूं. जो सामग्री आप प्रति दिन देते हैं उसे सुरक्षित रखते हुए यदि सप्ताह एक बार और साहित्य-शिल्पी के अंक महीने में चार बार दें तो न केवल पाठक अपनी सुविधा से सप्ताह में कभी भी एक दिन पढ़ सकता है, बल्कि समयाभाव के कारण उसे प्रतिदिन खोलकर देखने के जहमत से भी बच जायेगा. कुंवर नारायण के साक्षात्कार के संदर्भ में तेजेन्द्र शर्मा ने जो कहा था वह सही था. पत्रिका आपकी है आप बेहतर जानते हैं.

    चन्देल

    उत्तर देंहटाएं
  3. जी बहुत बढ़िया....

    मेरा एक निवेदन और था आपसे की क्या आप मुझे किसी छोटे हिंदी नाटक को मेल कर सकते है,जो समाज की किसी समस्या के ऊपर हो..........

    मुझे बहुत ही आवश्यक है अगर आप कर सकते हो तो........
    मेरा इ-मेल ID है ashvin.bhatt25@gmail.com

    उत्तर देंहटाएं
  4. प्रिय दोस्त,

    बहुत बहुत धन्यवाद है.. इस सूचना के लोगों तक पहुचाने के लिए। आप सभी को प्रेम... और आशा है दिल्ली में मुलाक़ात होगी।
    धन्यवाद,

    मानव कौल:-)

    उत्तर देंहटाएं
  5. चन्देल जी,

    आपकी टिप्पणी के लिये आभार.
    चूंकि साहित्य शिल्पी को हम दैनिक पत्रिका की तरह चला रहे हैं इसलिये निश्चित रूप से पहले दिन की पोस्ट दूसरे दिन नीचे चली जाती है...
    महीने भर की सभी रचनाओं के लिन्क साईड बार या बोटम बार पर रहते हैं.. जो पाठक नित्य पोस्ट नहीं पढ पाते वह उस लिन्क पर जा कर पोस्ट पढ सकते हैं और टिप्पणी दे सकते हैं.

    आशा है आपका स्नेह इसी प्रकार भविष्य में भी बना रहेगा... आभार.

    उत्तर देंहटाएं

आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

पुस्तकालय

~~~ साहित्य शिल्पी का पुस्तकालय निरंतर समृद्ध हो रहा है। इन्हें आप हमारी साईट से सीधे डाउनलोड कर के पढ सकते हैं ~~~~~~~

डाउनलोड करने के लिए चित्र पर क्लिक करें...

आइये कारवां बनायें...

साहित्य शिल्पी, हिन्दी और साहित्य की सेवा का मंच, एक ऐसा अभियान.. जो न केवल स्थापित एवं नवीन रचनाकारों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा अपितु अंतर्जाल पर हिन्दी के प्रयोग और प्रोत्साहन का एक अभिनव सोपान भी है, अपने सुधी पाठको के समक्ष कविता, कहानी, लघुकथा, नाटक, व्यंग्य, कार्टून, समालोचना तथा सामयिक विषयो पर परिचर्चाओं के साथ साहित्य शिल्पी समूह आपके समक्ष उपस्थित है। यदि राष्ट्रभाषा हिदी की प्रगति के लिए समर्पित इस अभियान में आप भी सहयोग देना चाहते हैं तो अपना परिचय, तस्वीर एवं कुछ रचनायें हमें निम्नलिखित ई-मेल पते पर प्रेषित करें।
sahityashilpi@gmail.com
आइये कारवां बनायें...

Followers

Google+ Followers

Get widget