रचनाकार परिचय:-

अभिषेक तिवारी "कार्टूनिष्ट" ने चम्बल के एक स्वाभिमानी इलाके भिंड (मध्य प्रदेश्) में जन्म पाया। पिछले २३ सालों से कार्टूनिंग कर रहे हैं। ग्वालियर, इंदौर, लखनऊ के बाद पिछले एक दशक से जयपुर में राजस्थान पत्रिका से जुड़ कर आम आदमी के दुःख-दर्द को समझने की और उस पीड़ा को कार्टूनों के माध्यम से साँझा करने की कोशिश जारी है.....

13 comments:

  1. Aapke Bhai Ki Bhabhi Ki...
    Saas Ke Bhai Ki Biwi Ki...
    Saas Ke Pati Ke Jamai Ke...
    Pote Ki Maa Ki Nanand Ka
    Bhai Apka kaun Hai???

    Jawab De

    उत्तर देंहटाएं
  2. Aapke Bhai Ki Bhabhi Ki...
    Saas Ke Bhai Ki Biwi Ki...
    Saas Ke Pati Ke Jamai Ke...
    Pote Ki Maa Ki Nanand Ka
    Bhai Apka kaun Hai???

    Jawab De

    उत्तर देंहटाएं
  3. तीर सा कार्टून है, और कमेंट में आया सवाल भी ।

    उत्तर देंहटाएं
  4. aaj ka cartoon desh ki vastvik sthiti par karari chot hai.kash!hamare neta chete!Ratan Jain Parihara(Raj.)

    उत्तर देंहटाएं
  5. अभिषेक जी यह कटाक्ष बहुत गम्भीर है मित्र हास्य से कहीं अधिक चिन्तन पर विवश करता है - एक स्वस्थ और सामयिक कार्टून के लिये बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  6. जरूरत है न

    पुरस्‍कृत भी तो करना है

    अपनों को ही करेंगे तो

    भाई भतीजावाद का

    लग जाएगा आरोप

    नहीं चलनी चाहिए

    ऐसी कोई तोप।

    उत्तर देंहटाएं
  7. आपके कार्टून का कटाक्ष समय की सच्चाई है।

    उत्तर देंहटाएं
  8. ABHISHEK JI

    JAI HO AAPKI AUR AAKE CARTOON KI BHI .. WAAH MAZA AA GAYA , KYA KATHAAKSH MAARA HAI , DESH KI STITHI PAR.. HUZOOR , MERI OOR SE DAAD KABUL KAREN ..

    AAPSE EK SHIKAYAT BHI HAI , AAPNE HOLI WAALE POST KE LIYE MERA CARTOON KYON NAHI BANAYA ..

    AAPKA
    VIJAY

    उत्तर देंहटाएं
  9. विजय जी

    अभिषेक कार्टूनों का

    कार्टून नहीं बनाते हैं।

    उत्तर देंहटाएं

आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

पुस्तकालय

~~~ साहित्य शिल्पी का पुस्तकालय निरंतर समृद्ध हो रहा है। इन्हें आप हमारी साईट से सीधे डाउनलोड कर के पढ सकते हैं ~~~~~~~

डाउनलोड करने के लिए चित्र पर क्लिक करें...

आइये कारवां बनायें...

साहित्य शिल्पी, हिन्दी और साहित्य की सेवा का मंच, एक ऐसा अभियान.. जो न केवल स्थापित एवं नवीन रचनाकारों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा अपितु अंतर्जाल पर हिन्दी के प्रयोग और प्रोत्साहन का एक अभिनव सोपान भी है, अपने सुधी पाठको के समक्ष कविता, कहानी, लघुकथा, नाटक, व्यंग्य, कार्टून, समालोचना तथा सामयिक विषयो पर परिचर्चाओं के साथ साहित्य शिल्पी समूह आपके समक्ष उपस्थित है। यदि राष्ट्रभाषा हिदी की प्रगति के लिए समर्पित इस अभियान में आप भी सहयोग देना चाहते हैं तो अपना परिचय, तस्वीर एवं कुछ रचनायें हमें निम्नलिखित ई-मेल पते पर प्रेषित करें।
sahityashilpi@gmail.com
आइये कारवां बनायें...

Followers

Google+ Followers

Get widget