मुश्किलें आईं अगर तो, फ़ैसला हो जाएगा
कौन है पानी में कितने, सब पता हो जाएगा

दूरियाँ दिल की कभी जो, बढ़ भी जाएँ तो हुज़ूर
तुम बढ़ाना इक कदम, तय फासला हो जाएगा

रिश्ते-नाते, ज़र, ज़मीं, फीके लगेंगे ये सभी
मौत से जिस दिन भी तेरा सामना हो जाएगा

जब दुआ माँगोगे दिल से, और उस पे हो यक़ीं
गर बुरा होना भी होगा, तो भला हो जाएगा

आरज़ू थी मेरे दामन में भी खिलता एक फूल
और गर ये ही न हो तो क्या ख़ला हो जाएगा

ज़िंदगी का रास्ता होगा, बड़ा काँटों भरा
साथ तुम होगे तो “श्रद्धा” हौसला हो जाएगा

कवि परिचय:-
श्रद्धा जैन अंतर्जाल पर सक्रिय हैं तथा ग़ज़ल विधा में महत्वपूर्ण दख़ल रखती हैं।

आप शायर फैमिली डॉट् क़ॉम का संचालन भी कर रहीं हैं व इस माध्यम से देश-विदेश के स्थापित व नवीन शायरों एवं कवियों को आपने मंच प्रदान किया है। वर्तमान में आप सिंगापुर में अवस्थित हैं व एक अंतर्राष्ट्रीय विद्यालय में हिन्दी सेवा में रत हैं।

22 comments:

  1. जब दुआ माँगोगे दिल से, और उस पे हो यक़ीं
    गर बुरा होना भी होगा, तो भला हो जाएगा

    आरज़ू थी मेरे दामन में भी खिलता एक फूल
    और गर ये ही न हो तो क्या ख़ला हो जाएगा

    वाह श्रद्धा जी, बहुत खूब।

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत गहरायी है आपकी ग़ज़ल में।
    दूरियाँ दिल की कभी जो, बढ़ भी जाएँ तो हुज़ूर
    तुम बढ़ाना इक कदम, तय फासला हो जाएगा

    उत्तर देंहटाएं
  3. GAZAL KE KIS-KIS SHER KEE TAAREEF
    KARUN?HAR SHER KHOOBSOORAT HAI
    AUR DIL MEIN UTAR JAANEWAALAA HAI.

    उत्तर देंहटाएं
  4. shraddha ji ,bahut sundar gazal..

    जब दुआ माँगोगे दिल से, और उस पे हो यक़ीं
    गर बुरा होना भी होगा, तो भला हो जाएगा

    ज़िंदगी का रास्ता होगा, बड़ा काँटों भरा
    साथ तुम होगे तो “श्रद्धा” हौसला हो जाएगा

    these lines are ultimate ..

    bahut sundar .. bhai kabhi kabhi to lagta hai ki main bhi gazalen likhun...

    bahut badhai .

    vijay

    उत्तर देंहटाएं
  5. जब दुआ माँगोगे दिल से, और उस पे हो यक़ीं
    गर बुरा होना भी होगा, तो भला हो जाएगा
    बहुत ही अच्छी गज़ल लिखी है आपने श्रद्धा जी। मुझे ये लाइने बहुत अच्छी सच्ची लगी।

    उत्तर देंहटाएं
  6. दूरियाँ दिल की कभी जो, बढ़ भी जाएँ तो हुज़ूर
    तुम बढ़ाना इक कदम, तय फासला हो जाएगा
    सभी शेर एक से बढ कर एक हैं।

    उत्तर देंहटाएं
  7. Nice gaZal, Thanks.

    Alok Kataria

    उत्तर देंहटाएं
  8. श्रद्धा जी,
    ग़ज़ल बहुत बढ़िया लगी,
    रिश्ते-नाते, ज़र, ज़मीं, फीके लगेंगे ये सभी
    मौत से जिस दिन भी तेरा सामना हो जाएगा
    जब दुआ माँगोगे दिल से, और उस पे हो यक़ीं
    गर बुरा होना भी होगा, तो भला हो जाएगा
    बहुत -बहुत बधाई.

    उत्तर देंहटाएं
  9. Hi Shraddha

    Ek bahut khoobsoorat ghazal ke liye badhaai. Keep it up!

    Tejendra Sharma
    Katha UK (London)

    उत्तर देंहटाएं
  10. जब दुआ माँगोगे दिल से, और उस पे हो यक़ीं
    गर बुरा होना भी होगा, तो भला हो जाएगा

    बहुत बढिया गज़ल

    उत्तर देंहटाएं
  11. मुश्किलें आईं अगर तो, फ़ैसला हो जाएगा
    कौन है पानी में कितने, सब पता हो जाएगा
    जबरदस्त।

    अनुज कुमार सिन्हा
    भागलपुर

    उत्तर देंहटाएं
  12. दूरियाँ दिल की कभी जो, बढ़ भी जाएँ तो हुज़ूर
    तुम बढ़ाना इक कदम, तय फासला हो जाएगा

    लाजवाब.............वाह.......बहुत ही सुन्दर, जीवन से भरपूर ग़ज़ल ............
    हर शेर में इक नया दर्शन नज़र आता है

    उत्तर देंहटाएं
  13. श्रद्धा जी बहुत ही खूबसूरत ग़ज़ल।

    उत्तर देंहटाएं
  14. ek achchhee ghazal ke liye badhaayee!
    nazar paRee to arz kartaa chalu ki sher,

    दूरियाँ दिल की कभी जो, बढ़ भी जाएँ तो हुज़ूर
    तुम बढ़ाना इक कदम, तय फासला हो जाएगा

    hazoor ke saath "tum" naheeN "aap" kaa istemaal ho saktaa hai. aap wazn se khaarij ho jataa hai , isliye sher phir se kahnaa behtar hogaa.
    is tarah ke nuks ko urdu shaairee meN shuturgubah kahte hai! Pran jee ne bhee aam bhaashaa meN is nuks kaa ullekh kiyaa hai. unke lekh aur anubhav se faaydaa uThaaye to unke mehnat saphal hogee.
    shukriyaa
    dheer

    उत्तर देंहटाएं
  15. दिल से निकले दिल तक पहुंचने वाले लफ़्जों से सजी गजल.. हर शेर अपने आप में एक संदेश देता हुआ.

    उत्तर देंहटाएं
  16. Dheer bahut bahut shukriya aapke sujhaav ke anusaar sher ko badal diya hai
    दूरियाँ दिल की कभी जो, बढ़ भी जाएँ तो हुज़ूर
    आप चलना इक कदम तय फासला हो जाएगा
    bataye ye theek hai kya?

    उत्तर देंहटाएं
  17. श्रद्धा जी की ग़ज़लो की तारीफ़ में क्या कहें...

    गज़ब का मतला
    और सब के सब शेर पे वाह-दिल से

    उत्तर देंहटाएं
  18. DHEER JEE,
    HAZOOR SHABD KAA ISTEMAAL
    "AAP" AUR "TUM" DONO KE SAATH HOTA
    HAI.HAZUR KE SAATH TUM KAA ISTEMAAL
    IN FILMEE GEETON MEIN DEKHIYE
    AAO HAZOOR,TUMKO NAZAARON MEIN
    LE CHALUN
    -----------------------
    HAZURE AALAA ,JO HO IZAZAT
    TO HUM YE KAH DEN
    TUMHAAREE ADAAON PE MARTE HAIN HUM
    YE KISNE KAHAA HAI KI DARTE HAIN
    HUM
    HAZOOR KE SAATH AB AAP KAA
    ISTEMAAL DEKHIYE-
    BAHUT SHUKRIA,BADEE MEHRBAANEE
    MEREE ZINDGEE MEIN,
    HAZOOR AAP AAYE

    उत्तर देंहटाएं
  19. aadarniy Pran ji!
    namaste!

    aapne mere khat ko tawajjo dee, jiske liye mamnoon huN. apnee baat rakhne se pehle yeh arz kar duN, keh sooraj ko diyaa dikhaane kee meree aukaat naheeN. so baalak samajh kar muaaf kar deejiyegaa.

    aise hazaaroN filmi geet hai jin meN shuturgurbah, dekhaa gayaa hai.. misaal ke taur par,
    teree ummeed teraa intazaar karte haiN,
    ai sanam! ham to sirf tum se pyaar karte haiN!

    yahaaN saaf nazar aataa hai ki "teraa" ke saath "tujh se pyaar" honaa chahiye thaa. (shuturgurbah). teraa ke saath tum kaise aa saktaa hai.

    yahaaN tak keh woh geet_kaar jo ghazal_go shaayar bhee haiN, unkee ghazloN aur geetoN ke ma'yaaroN meN zameen aasamaan kaa fark hai.

    maine lafz e 'huzoor' ko sanjeedah shaairee (geetoN ke alaavaa) meN tum keh saath istemaal hotaa huaa naheeN dekhaa. ustaad e mohataram janaab Sarwar Alam Raz saHeb ne bhee yahee kahaa hai.

    phir aap behtar jaante haiN.

    :- mere naam ke aagey "ji" lagaa kar sambodhit nah keejiye, aap um'r meN mere dada ji ke baraabar hai. :)

    dhanyavaad
    Dheeraj Ameta "Dheer"

    उत्तर देंहटाएं

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