साहित्य शिल्पी वार्षिकोत्सव समारोह/काव्य गोष्ठी तथा ब्लॉगर्स सम्मेलन की व्यापक चर्चा हुई। यह कार्यक्रम इस मायने में भी सफल कहा जा सकता है कि अनेक बुद्धिजीवी, कवि तथा ई-हिन्दी सेवी एक मंच पर एकत्रित हुए एवं विभिन्न विषयों पर विचारों का आदान प्रदान हुआ। हम उन मीडिया कर्मियों के आभारी हैं जिन्होंने कार्यक्रम को समाचार पत्रों तक पहुँचा कर व्यापकता दी| साथ ही हम आभारी है उन ब्ळॉगर साथियों के जिन्होंने कार्यक्रम की खूबियों और खामियों को अपने अपने ब्ळॉग पर चर्चा का विषय बनाया।


साहित्य शिल्पी नें आपके द्वारा विमर्ष से बहुत कुछ सीखा है एवं अपने आगामी कार्यक्रमों में आपके सुझाव सम्मिलित होंगे और बतायी गयी खामियों को दूर करने का यत्न किया जायेगा।

दैनिक जागरण (13/09/2009)


दैनिक हिन्दुस्तान (13/09/2009)


फरीदाबाद मेट्रो (12.09.2009)
इस वेब माध्यम नें कार्यक्रम की सचित्र रिपोर्टिंग की
फरीदाबाद सैक्टर-17 स्थित माडन स्कूल में साहित्य शिल्पी वार्षिकोत्सव के दौरान आयोजित काव्य गोष्ठी में अपनी रचना प्रस्तुत करते कवि विवेक बेनीवाल।
इस प्रस्तुति को देखने के लिये लिंक पर क्लिक करें: -
http://info.faridabadmetro.com/2009/09/12/faridabad-on-saturday-september-12-2009-in-pictures/

जिन ब्ळोग्स पर इस कार्यक्रम की विस्तृत चर्चा हुई उनके लिंक निम्नानुसार हैं।

अ) देशनामा से श्री खुशदीप सहगल
आपने अपनी पोस्ट "ब्लॉगर्स मीट से लौट कर..." को कार्यक्रम से लौटते ही प्रकाशित किया। आपकी रिपोर्ट की सबसे बडी विशेषता थी त्वतितता और संपूर्णता। बहुत बारीकी से आपने ब्यौरा प्रस्तुत किया साथ ही कार्यक्रम में प्रस्तुत रचनाओं के उद्धरण एवं व्तक्त विचारों की बानगी के साथ।
इसे पढा जा सकता है - http://deshnama.blogspot.com/2009/09/blog-post_12.html

ब) नुक्कड से श्री अविनाश वाचस्पति
आपने उपस्थित रचनाकारों और ब्ळोगरों का परिचय अपने ही अंदाज में कराया। यहाँ यह सूचित करना भी आवश्यक है कि ब्ळॉगर्स सम्मेलन की परिकल्पना सहयोग और इस कार्यक्रम का संचालन श्री अविनाश वाचस्पति नें किया था।
इसे पढा जा सकता है - http://nukkadh.blogspot.com/2009/09/blog-post_12.html

स) चौखट पर अविनाश वाचस्पति
अविनाश जी का उद्बोधन पढा जा सकता है जो उन्होने ब्ळॉगर्स सम्मेलन के आरंभ में दिया था।
इसे पढा जा सकता है - http://chokhat.blogspot.com/2009/09/blog-post_13.html

द) मुस्कुराते पल - कुछ सच कुछ सपने से विनोद कुमार पाण्डेय
आपने रिपोर्ट की काव्य-प्रस्तुति दी है। बहुत मनोरम प्रस्तुति है
इसे पढा जा सकता है - http://voice-vinod.blogspot.com/2009/09/blog-post_13.html

ई) इरशादनामा में इरशाद अली
आपने न केवल अपने पोस्ट में इस कार्यक्रम की सफलता की चर्चा की अपितु यह दु:ख भी जताया कि मेरट जैसी जगहों पर भी एसे कार्यक्रम आयोजित हो सकें तब नेट पर हिन्दी की पहुच को व्यापक माना जा सकेगा।
इसे पढा जा सकता है - http://irshadnama.blogspot.com/2009/09/blog-post.html

फ) रंगकर्मी में सुलभ सतरंगी
सुलभ सतरंगी जी के ब्ळोग पर कार्यक्रम की संक्षिप्त रिपोर्ट विस्तृत रिपोर्ट के लिंक के साथ पढा जा सकता है।
इसे पढा जा सकता है - http://rangkarmi.blogspot.com/2009/09/blog-post_9076.html

ज) कुछ भी कहीं भी में अजय कुमार झा
आप नें बहुत रोचक अंदाज में "आपबीती" की शैली में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है।
इसे पढा जा सकता है - http://ajaykumarjha1973.blogspot.com/2009/09/blog-post_13.html

ह) हँसते रहो में राजीव तनेजा
राजीव जी नें कार्यक्रम से जुडे अनजाने अनछुवे पहलू प्रस्तुत करने की बहुत सुन्दर कोशिश की है। प्रस्तुति की शैली में उनका चिरपरिचित "व्यंग्य" झलकता है।
इसे पढा जा सकता है - http://hansteraho.blogspot.com/2009/09/blog-post_14.html

क) झा जी कहिन में अजय कुमार झा
इस रिपोर्ट में अजय कुमार झा जी शायराना हो गये हैं। बहुत रोचक प्रस्तुति है।
इसे पढा जा सकता है - http://jholtanma-biharibabukahin.blogspot.com/2009/09/blog-post_14.html

ख) देशनामा में खुशदीप सहगल
इस रिपोर्ट को बहुत सुन्दर समालोचना भी कहा जा सकता है। यह रिपोर्ट पूरी तरह ब्ळोगर्स सम्मेलन पर केन्दित है। यह बात भी सामने आयी कि जिन ब्लॉगर्स को "ब्लॉग्स और उनसे संबंधित विषयों" पर वक्तव्य के लिये आमंत्रित किया गया था उन्होने भी श्रोताओं की उपस्थिति का लाभ उठा कर अपनी काव्यप्रतिभा का ही लोहा अधिक मनवाया। यह भी स्थापित हुआ कि एसे कार्यक्रमों की और भी आवश्यकता है।
इसे पढा जा सकता है - http://deshnama.blogspot.com/2009/09/blog-post_13.html

आवश्यक: -

सभी ब्ळोगर साथियों की कार्यक्रम में उपस्थिति, सहयोग तथा स्नेह का धन्यवाद। साहित्य शिल्पी की कोशिश है कि हम शीघ्र ही "हिन्दी ब्ळोगिंग" एवं "इंटरनेट पर हिन्दी" जैसे विषय पर एक सेमीनार आयोजित करें। उन सभी का सहयोग आमंत्रित है जो उपरोक्त विषयों पर व्याख्यान देने को प्रस्तुत हों साथ ही यदि वे नाम सुझाये जा सकें जिनके व्याख्यान से सेमीनार में उपस्थित प्रतिभागी लाभांवित हो सकेंगे। सेमीनार पूरी तरह "इंटरेक्टिव" होगा जिससे अधिक से अधिक लाभ उठाया जा सके तथा ठोस निष्कर्षों की प्राप्ति हो।

साहित्य शिल्पी परिवार आप सभी का पुन: आभार व्यक्त करता है।


10 comments:

  1. Bahut Sundar report...badhiya laga
    aur ye bhi achcha laga ki aapne hamari bhi charcha ki..

    sahityshilpi pariwaar ko bahut bahut dhaywaad...

    उत्तर देंहटाएं
  2. यह कार्यक्रम चर्चा का हकदार था। एसे और भी आयोजनों की आवश्यकता है।

    उत्तर देंहटाएं
  3. ब्ळोगिंग पर एक व्यवस्थित सेमीनार की आवश्यकता है इससे गंभीर चर्चा इस विषय पर हो सकेगी। कोशिश करें कि यह दो दिवसीय हो घोषणा एक माह पूर्व कर दें जिससे दूर से भी सहभागी बना जा सके। उडन तश्तरी जी, रवि रतलामी जी, बालेन्दु दधीच जी जैसे वक्ता हों तो सेमीनार से बहुत कुछ निकल कर आ सकता है।

    उत्तर देंहटाएं
  4. साहित्य शिल्पी को सफल आयोजन की बधाई है। सेमीनार में हम प्रतिभागी होंगे, वक्ता अच्छे ही होंगे उम्मीद है।

    उत्तर देंहटाएं
  5. बधाई, आगामी कार्यक्रम की प्रतीक्षा रहेगी।

    उत्तर देंहटाएं
  6. बढिया रिपोर्ट...

    हँसते रहो

    की चर्चा करने के लिए आभार

    उत्तर देंहटाएं
  7. इस कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए साहित्य शिल्पी और सहयोगियों का बहुत आभार। इस कार्यक्रम की उपलब्धि क्या रही? इस पर एक समग्र रिपोर्ट होनी चाहिए थी जो अब तक नहीं आई है।

    उत्तर देंहटाएं
  8. आदरणीय दिनेश राय जी आपका बहुत बहुत धन्यवाद कि आपने हमारा उत्साह बढाया। वस्तुत: ब्ळोगर्स मीट की रिकॉर्डिंग अविनाश जी के साथ है और वे उसे सुन कर मुख्य अंश प्रस्तुत करना चाहते हैं। विलंब के लिये क्षमा।

    हम अलगे दो माह से समयंतराल में ही ब्ळॉगिंग पर सेमीनार आयोजित करना चाहते हैं। आपकी उपस्थिति व सहयोग की भी इच्छा रखते हैं।

    उत्तर देंहटाएं

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