जैसा कि पुस्तक के नाम से विदित होता है यह पुस्तक ब्लोगिंग के हर क्षेत्र पर प्रकाश डालने के लिये ही लिखी गई है. लेखक के अनुसार ब्लोगिंग की जानकारी पर हिन्दी भाषा में यह पहली भारतीय पुस्तक है. 336 पन्नों की इस पुस्तक का प्रकाशन हुआ है "रवि पाकेट बुक्स" मेरठ के माध्यम से. सम्पादन, कन्टेंट डेवल्पर, इंटरफ़ेस डिजाईनिग का कार्य स्वंय लेखक इरशाद अली जी ने किया है. इस पुस्तक को 14 खंडों में बांटा गया है.

रचनाकार परिचय:-

मोहिन्दर कुमार का जन्म 14 मार्च, 1956 को पालमपुर, हिमाचल प्रदेश में हुआ। आप राजस्थान यूनिवर्सिटी से पब्लिक- एडमिन्सट्रेशन में स्नातकोत्तर हैं।

आपकी रचनायें विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही हैं साथ ही साथ आप अंतर्जाल पर भी सक्रिय हैं। आप साहित्य शिल्पी के संचालक सदस्यों में एक हैं। वर्तमान में इन्डियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड में आप उपप्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं।

"ब्लोगिंग क्या है" लेखक के अनुसार ब्लोगिंग लोकप्रियता और आकर्षण की चाहत के मारों के लिये सोशल नेटवर्किंग की इस दुनिया में लोकतांत्रिक और साझा सरोकारों की प्रस्तुति एंव अभिव्यक्ति का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है. राजनेता, लेखक, पत्रकार, कवि, अभिनेता-अभिनेत्री सभी किसी न किसी मंच के माध्यम से ही अपनी अभिव्यक्ति को साकार रूप दे कर लोगों के दिलों में अपनी जगह बना कर अपना कद बढा रहे है. आज ब्लाग एक प्लेटफ़ार्म है जिसके द्वारा आप सोशल नेटवर्किंग की दुनिया में अपनी पेठ बना सकते है. ब्लोगिंग अभिव्यक्ति का श्रेष्ठ माध्यम इसलिये भी है क्योंकि आपके लिखे पर कोई कैंची नहीं चलती, आप अपनी मर्जी और पसन्द का लिख सकते हैं, आप पर कोई अतिरिक्त दबाब नहीं रहता, आपका लिखा सहेजा जाता है और समय तथा भौगोलिक सीमाओं के बंधन से भी परे है. इसके साथ साथ आप स्वतंत्र लेखन और साझा लेखन से जुड कर देश और समाज से जुड सकते हैं. इरशाद जी ने एक व्यक्तिगत भेंट के दौरन मुझे बताया कि जब यह किताब लिखी गई थी उस समय हिन्दी के ब्लोग संख्या में काफ़ी कम थे परन्तु अब उसमें लगातार तेजी से बढोतरी हो रही है. ब्लोग तो ब्लोग एग्रीगेटरों की संख्या भी बढ रही है. ब्लोगिंग के इस मंच पर सब का स्वागत होता है.. उम्र और अनुभव का कोई बंधन नहीं और आपको अपनी रचनाओं पर प्रतिक्रियायें भी तुरन्त ही मिल जाती है.

"ब्लोगिंग का इतिहास" लेखक के अनुसार्स सोमवार, 21 अप्रेल, 2003, समय रात के दस बजकर 21 मिनट पर दुनिया के पहले हिन्दी ब्लोग का अवतरण हुआ और ब्लोग का नाम था " 9.2.11 डाट ब्लागस्पाट डाट काम और इसे बनाने वाले थे आलोक कुमार जिन्होंने पहली बार पोस्टिंग करते हुये लिखा - "चलिये अब ब्लाग बना लिया तो कुछ लिखा जाये.. बैसे ब्लाग की हिन्दी क्या होगी, पता नही."

एक मत के अनुसार इसकी शुरुआत 1997 में डेव वाईनर के ब्लाग "स्क्रिप्टिंग न्यूज" से हुई. दूसरा मत है कि इन्टरनेट की दुनिया में ब्लोग की शुरुआत हुई अगस्त 1999 में जब सैन फ़ांसिस्को मे पीरा लेब्स के तीन दोस्तों ने इस नई विधा का परिक्षण शुरु किया. होमपेज का जन्म इससे काफ़ी पहले 1994 में हो चुका था. इस (दूसरे) अध्याय में लेखक ने विस्तार से इस बारे में लिखा है कौन कौन से इन्टरनेट प्लेयर इस दिशा में कब कब सामने आये. ब्लोगिंग बेव पोर्टल, एग्रीगेटर/प्रथम कुछ चिठ्ठो एंव हिन्दी ब्लोगिंग के शैश्वकाल का जिक्र है.

"ब्लोग, ब्लोगिंग, ब्लागर" लेखक के अनुसार ब्लागरों के वैयत्तिक विचारों, मत और राय को सामाजिक मंच देने और इस जरिये से उसे मुख्यधारा जीवन मे हस्तक्षेप की संतुष्टि देने वाला जनमाध्यम है, उसका ब्लाग. विभिन्न लोग अपने ब्लाग का उपयोग विभिन्न तरह से कर रहे हैं. कुछ लोग जहां ब्लाग का उपयोग अपने स्वय़ं के विचारों को संगठित करने के लिये करते हैं, वहीं अन्य विश्व के हरारों लोगों को प्रभावित करने व बात रखे के लिये. फ़ोटो ब्लाग, आडियो ब्लाग, मोब्लाग और बीडियो ब्लाग के माध्यम से विभिन्न रूपों मे संप्रेषण संभव है. कुछ नाकारात्मक दिशा में भी कार्यरत हैं जो धार्मिक कट्टरता और विश्व के विघटन फ़ैला रहे हैं. ब्लाग लिखने वालों को चिट्ठाकार या ब्लागर कहा जाता है और यह एक नई जाति के रूप उभर कर सामने आ रहा है. विकास के साथ ब्लागिंग की विधा में पांच नई तरह के स्पष्ट रूप उभरे हैं - जैसे सामुहिक ब्लाग, बहुविषयक ब्लाग, पोर्टल्स पर ब्लाग को स्थान, पोर्टल जैसे दिखने वाले ब्लाग और ब्लागों का व्यावसायिकरण की और झुकाव. संकलन और गुणवता के आधार पर तोले जाने पर अंग्रेजी ब्लाग्स के आगे हिन्दी के ब्लाग बौने पड जायेंगे और शायद इसका कारण हिन्दी ब्लोग का शैशवकाल है. कीबोर्ड के इन सिपाहियों द्वारा अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है. कुछ रोचक घटनाओं और उदाहरणों द्वारा इस खंड को रोचक रूप से लिखा गया है.

"ब्लाग एग्रीगेटरों की दुनिया" इस खंड में एग्रीगेटरों पर प्रकाश डाला गया है. नारद, चिट्ठाजगत व ब्लोगवाणी जो कि मुख्य एग्रीगेटर है पर आंकडे दिये गये है.

"कैसे जुडे ब्लोगिंग से आप" जैसा कि इस खंड के शीर्षक से ही पता चलता है, इस खंड मे ब्लागिंग के लिये प्रसिद्ध कुछ वेब ठिकानो, ब्लाग के भाग तथा प्रकार, ब्लाग बनाने संबधी जानकारी का सिलसिलेवार व्योरा दिया गया है. बहुत सी जानकारियां नया ब्लाग शुरु करने वालों के साथ साथ उन सब के लिये भी लाभप्रद हैं जो पहले से ही ब्लोंगिंग कर रहे हैं. चित्रों और उदाहरणों के जरिये सब कुछ सपष्ट किया गया है.

"आपका हिन्दी ब्लाग" इस खंड में हिन्दी में ब्लाग कैसे लिखा जाये, हिन्दी टाईपिंग, बिंडोस में हिन्दी स्पोर्ट अनेबल करना, फ़ोनेटिक हिन्दी टूल्स, ट्रांस्लिटरेशन एंव हिन्दी के खास ब्लोगों पर चर्चा की गई है.

"ब्लोगिंग का बढता क्षेत्र और लोकप्रियता" ब्लोगिंग के लिये नई सुविधाओं, पाठकों की बढती संख्या, नई दिशायें व स्वरूप, सीमाओं व चुनोतियों के साथ साथ इस बात पर भी चर्चा की गई है कि क्या ब्लाग मिडिया से आगे निकल रहा है ? आई टी के दिग्गजों के हिन्दी ब्लोगिंग के बाजार में कूद पडने के साथ साथ ब्लाग भाषा में स्थानियता के पुट, भाषा व्यवहार पर भी लिखा गया है.

"कैसे बनायें प्रभावी ब्लाग" यह एक ऐसा विषय है जिस पर हर एक ब्लोगर जानकारी चाहता है. इस खंड में थीम टेम्पलेट के चुनाव, रंगों, चित्रों, संरचना की उपयोगिता, व्यक्तिगत स्पर्श, जुगत, एग्रीगेटरों से जुडाव, बेकग्राऊंड संगीत, टिप्पणियों, सर्च इंजिन, ब्लाग टूल, ब्लाग पंजीकरण, ईमेल सदस्यता उपयोगिता, ब्लोग पोल व अन्य उपकरण व गजेटस के उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी गई है.

"मशहूर ब्लाग, ब्लागर और उनके किस्से" इस खंड में ब्लागविश्व के चर्चित लोगों और उनके ब्लोगों के बारे में रोचक जानकारी है. इन ब्लागरों में हालीबुड के कलाकारों से लेकर बालीबुड के कलाकार, प्रसिद्ध खिलाडी, व्यवसायी, वरिष्ठ पत्रकार भी शामिल हैं.

"मजेदार ब्लागिंग" इस खंड में ब्लाग की आभासी दुनिया के दीवाने ब्लागरों की मनोदशा, ब्लागिंग के साईड इफ़ेक्ट, ब्लोगर की ब्लागिंग आजादी के अत्तिरिक्त् इस विषय पर शोध प्रकाशित है कि आप किस किस्म के ब्लोगर हैं? आईडिया ब्लोगर, मौसमी ब्लोगर, खबरिया ब्लोअगर, उठाईगीर, लेखक से ज्यादा पढाकू, सनसनी फ़ैलाने वाले, कवि अथवा भडासी किस्म के ?

"ब्लोगिंग और कुछ सावधानियां" यह खंड इस पुस्तक का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष है जिसमें इस बात पर जानकारी दी गई है कि सोशल नेटवर्किंग या ब्लोगिंग के दौरान किन किन सावधानियों को अपनाना जरूरी है. ब्लाग सामाग्री चोरी होने पर क्या करें, चुराने वाले का पता कैसे लगायें, पता लग जाने पर क्या करें, होस्टिंग कम्पनी का पता कैसे करें, बेनाम ब्लागिंग, ब्लागरों की समस्यायें व सुझाव, ब्लाग के लोकतंत्र में माफ़िया राज की आशंका, ब्लोग चोरी से बचने के कुछ सुगम उपाय कुछ ऐसे विषय हैं जिन पर हर ब्लोगर जानकारी चाहता है..इस सब का समाधान इस खंड में उपस्थित है.

"एड्वांस ब्लागिंग टिप्स" अपने ब्लोग को खास और दूसरों से अलग दिखने के लिये एक ब्लोगर को क्या क्या करना चाहिये उन सब टिप्स पर इस खंड में चर्चा की गई है. दूसरे ब्लागरों का ध्यान कैसे आकर्षित किया जाये यह भी एक बहुत बडा प्रशन है और आपके ब्लोग को चर्चित करने में सहायक हो सकता है. सार्थक टिप्पणिया, लचीला रुख, ब्लागिंग प्लेटफ़ार्म, अपना लक्ष्य, अन्य विकल्प, दूसरे क्या कर रहे हैं, आप अलग क्या कर सकते हैं और आप क्या लिख रहे हैं बहुत महत्वपूर्ण है. ब्लोगरों के लिये 13 यक्ष प्रशन भी इस खंड में दिये गये हैं जो आपके लिये बहुत काम के हो सकते हैं.

"कैसे हो ब्लोगिंग से कमाई" स्पांसर्शिप, एडसेंस का विकल्प और उन्हें लगाना, हिन्दी ब्लागिंग में व्यवसायिकता, हिन्दी सेवा के साथ साथ कमाई कैसे की जाये यह विषय सब ब्लोगर्स के लिये महत्वपूर्ण है और इसका खुलासा किया गया है इस खंड में.

"सितारों के ब्लाग" इस पुस्तक का अन्तिम खंड सितारों के ब्लाग पर है जिसमें आमीर खान, अमिताभ बच्चन, सलमान खान, शाहरूख खान, विपासा बसू, राम गोपाल वर्मा, विक्र्म भट्ट, शेखर कपूर, लालू यादव, उमर अबदुल्ला, दीपक चोपडा, उद्दव ठाकरे के नाम उल्लेखनीय हैं.

श्री इरशाद अली स्वयं एक ब्लोगर हैं और http://irshadnama.blogspot.com नामक ब्लोग पर लिखते हैं. उनके द्वारा लिखी गई यह पुस्तक नवीन व स्थापित दोनों तरह के ब्लागरों के लिये पठनीय सामाग्री संग्रहित किये हुये है और इसका मुल्य 150 रुपये मात्र है।

12 comments:

  1. 336 पन्नों 14 खंडों की इस पुस्तक की तो बधाई मगर इतनी पेचीदगी ? कोई एसा समाधान निकाले 1.बिना बनाये ब्लोग बना मिले ओर उसे पसन्द करने वालो को टिप्पणी करने के लिये घण्टों लाईन में लगना पडे
    2.कब उस पर क्या लिखा मिले बहुत सारा पर हो अच्छा
    3.एक बात ओर पैसे जो मिले उस पर टी.डी.एस. ना कटे
    बस मै ही टोपर बना रहूँ टिप्पणीयाँ पाता रहूँ

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  2. इस लेख के साथ पुस्तक कहाँ से मिल सकती है यह जानकारी भी दें। ब्ळोगिंग पर अब भी जानकारी की कमी ही है।

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  3. इरशाद जी सराहनीय कार्य किया है आपने।

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  4. सारी रामायण सुनादी अब हमें पूछना पड रहा है सीता कौन थी, यह कहां मिलेगी, दिल्‍ली हरियाण युपी को हम रोंदते फिरते हैं इधर बता दो, यह हम जब लेंगे जबकि जानते हैं इसमें रैंक बनाने का चेप्‍टर नहीं होगा, 3 पोस्‍ट में Rank-1 कैसे होती है यह तो बस हम जानें, world record है (मेरे अनुमान से), फिर भी कोई गुरू यह करिशमा दिखा सकता है वह दो पोस्‍ट में कर दिखाये यह ब्लाग का रूत्‍बा

    कोई गुरू निम्‍न विचार का ना हो तो मुझे बताये,(यह कैरानवी के विचार हैं शेक्‍सपियर के नहीं), जो उत्‍तर दे उसको पेशगी धन्‍यवाद
    'कभी गुरू लोग 99 बता के एक अपने पास रखते थे, कलयुग के गुरू (खंडेलवालजी को छोडके) 1 बताके 99 अपने पास रखते हैं'

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  5. इरशाद जी बहुत बहुत धन्यवाद। किताब तलाश करते हैं।

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  6. बहुत अच्छा प्रयास है, लेखक को बधाई।

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  7. मारवाड़ के मंदिर लूटने की खबरों से मुंबई में प्रवासी चिंतित


    मुंबई: पाली जिले के बागोल गाँव में चिंतामणि जिनालय के लूटने की खबर से चिंतित प्रवासी जैन समाज की धार्मिक भावनाओ को ध्यान में रखते हुए मारवाड़ जैन संघ मुंबई के प्रमुख भरत सोलंकी ने राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत को पत्र लिख कर क्षेत्र में हो रही इस तरह कि घटनाओ पर अंकुश लगाने एवं उपरोक्त मामले की समुचित जाँच कराने की मांग की हैं ताकि जिले में लगातार हो रही चोरी की इन घटनाओ की साजिश का पर्दाफाश हो सके । पर्युषण पर्व के दौरान मंगलवार की मध्य रात्रि मंदिर के ताले तोड़कर सोने और चांदी के जेवरात एवं भंडारा तोड़कर नकदी सहित करीब दस लाख रूपये का सामान चोर चोरी कर ले गए जिसकी प्राथमिक सूचना खिंवाडा थानान्तर्गत तुंरत दर्ज करवा दी गई हैं । ज्ञात रहे पिछले माह की १२ जुलाई को भी मोटर साइकिल पर सवार लुटेरो ने आकर दिन दहाड़े मंदिर में से भगवान की पञ्च धातु मूर्ति एवं चांदी के मुकुट लेकर फरार हो गए थे जिसकी जाँच खोज पड़ताल स्थानीय पुलिस कर ही रही थी कि यह दूसरी घटना फिर हो गई।
    फिलहाल मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार उक्त मामले की जाँच हेतु पाली जिले के पुलिस अधीक्षक को समुचित कार्यवाही करने का निर्देश जारी कर दिया गया है जिसका मारवाड़ जैन संघ प्रमुख भरत सोलंकी ने स्वागत किया है और आशा व्यक्त की है कि लाखो जैन अनुयाइयों की धार्मिक भावानाओ को ठेस पहुचाने वाले असामाजिक तत्व जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में आ जायेंगे ।

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  8. इरशाद अली जी को साधुवाद...मोहिन्दर जी को धन्यवाद

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  9. बंधु मोहिन्दर जी !

    ब्लोग्गिंग की दुनियां में संभवत: ऐसी किसी जानकारी की बहुप्रतीक्षा रही है . आपने "इरशाद अली जी की पुस्तक "ए टू जैड ब्लोगिंग" पर विशेष आलेख के माध्यम से शिल्पी मित्रों को उप्योगी सूचना दी है.

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  10. आयुष रिसोर्ट में संपन्न हुआ बागोल जैन संघ का सम्मेलन


    मुंबई । श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन संघ बागोल का वार्षिक स्नेह सम्मेलन गत दिनों रविवार ९ जनवरी को आयुष रिसोर्ट पनवेल पर हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। बाबूलाल भिकमचंद सुन्देशा मेहता परिवार द्वारा प्रायोजित सम्मेलन में साढ़े सातसौ से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। मुंबई के विभिन्न स्थानों से बसों द्वारा प्रभात में ही भाव यात्रा के साथ शुरू हुए सम्मेलन में रिसोर्ट पहुँचने पर मेहता परिवार द्वारा संघ पूजन करते हुए स्वागत किया गया|
    रिसोर्ट पर अल्पाहार के बाद युवाओ ने दोपहर तक क्रिकेट खेलकर तो बाकी शेष लोगो ने खेल को देखने का भरपूर आनंद लिया| दो बजे बाद शुरू हुए डांस प्रतियोगिता और जादू के कारनामो ने तो सभी को अचंभित ही कर दिया| सम्मान समारोह में प्रतिभाशाली डिग्री धारक छात्रों एवं तपस्वियों को सम्मानित किया गया।
    बागोल जैन संघ की ओर से बाबूलाल भीकमचंदजी मेहता परिवार का सम्मान किया गया| शंखेश्वरपार्श्वनाथ सोलंकी जिनालय के निर्माता चम्पालाल सोलंकी समेत वरिष्ठ नागरिक जीवराज सोलंकी, गोड़वाड के लोकप्रिय समाजसेवी अमरचंद कोठारी, सुकनराज बरलोटा, कपूरचंद कोठारी, भीमराज सोलंकी, नाहरमल गुंगलिया, भबूतमल मेहता ने कार्यक्रम समारोह में मंच क़ी शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन समिति ने सराहनीय भूमिका निभाई कार्यक्रम के अंत में प्रायोजक परिवार की ओर से आयोजन समिति के सभी सदस्यों का सम्मान किया।

    सन् 2012 के सम्मलेन की घोषणा के लिए श्री बाबूलाल सागरमलजी बोराणा का साफा एवं तिलक हार से अभिनन्दन बाबूलाल भीकमचंदजी मेहता ने किया। कार्यक्रम का संचालन जयन्ति बोराणा ने किया।

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