मन से गुंडागर्दी..



हिन्दी पर थप्पड़..

--------------
नाम: सुरेश शर्मा (कार्टूनिस्ट )
आयु: ४७ वर्ष
पेशा: स्वतंत्र कार्टूनिस्ट
अन्य जानकारियां कार्य अनुभव २५ वर्षों का ! अबतक १५००० हजार से भी अधिक कार्टून प्रकाशित!
कुछ प्रमुख पत्र-पत्रिकाएं जहाँ कार्टून प्रकाशित हुए या हो रहे हैं:
दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, रांची एक्सप्रेस, सन्मार्ग, अपनी रांची, देशप्राण, सरिता, मेरी सहेली, वामा, गृह सहेली, बिंदिया, प्रथम प्रवक्ता, नूतन कहानियाँ, सच्ची कहानियां, सरस सलिल, दी पब्लिकअजेंडा, राज माया, संपादक, नंदन, बाल भारती, बाल हंस, बाल भाष्कर, दीवाना तेज साप्ताहिक, लोटपोट, मधुमुस्कान, आनंद डाइजेस्ट, मेला, माधुरी, आदि.....
ब्लोग्स- http://sureshcartoonist.blogspot.com. www.sahityashilpi.com

11 comments:

  1. इनकी गुंडागर्दी बंद होनी चाहिये समझ नहीं आता कि हमारा कानून इनके आगे लाचार क्यों नजर आता है?

    उत्तर देंहटाएं
  2. Good Ones on the Shame of Maharastra.

    Alok Kataria

    उत्तर देंहटाएं
  3. एक अच्छे व्यंग्य चित्र के लिए बधाई.

    रूपसिंह चन्देल

    उत्तर देंहटाएं
  4. बेमन की मनसे ने करी

    मन की सरकार ने ना करी।

    उत्तर देंहटाएं
  5. dhatna pr kya khub chali aap ki tulika badhai ho.

    उत्तर देंहटाएं
  6. शर्मनाक है जो कुछ महाराष्ट्र में हो रहा है। शिवाजी की धरती में ये कैसे लोग पैदा हो गये?

    उत्तर देंहटाएं
  7. पंजाब से उसको गेहूँ मिले
    धान उसका बिहारी है पर क्या करें?
    संतरे से ही गर पेट भरता तो फिर
    उसको कश्मीर के सेब क्योंकर मिलें?
    उसका सूरज अलग/उसका चंदा अलग
    काश होता तो राहत से सोता तो वो
    सबका खाता है और ‘मल’ किये जा रहा
    और मलमल में मचला के कहता है वो
    गाल बजता है और थाल में छेद है
    टूट होगी जहाँ से वही सूत्र हूँ
    भूमिपुत्र हूँ।

    उत्तर देंहटाएं

आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

पुस्तकालय

~~~ साहित्य शिल्पी का पुस्तकालय निरंतर समृद्ध हो रहा है। इन्हें आप हमारी साईट से सीधे डाउनलोड कर के पढ सकते हैं ~~~~~~~

डाउनलोड करने के लिए चित्र पर क्लिक करें...

आइये कारवां बनायें...

साहित्य शिल्पी, हिन्दी और साहित्य की सेवा का मंच, एक ऐसा अभियान.. जो न केवल स्थापित एवं नवीन रचनाकारों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा अपितु अंतर्जाल पर हिन्दी के प्रयोग और प्रोत्साहन का एक अभिनव सोपान भी है, अपने सुधी पाठको के समक्ष कविता, कहानी, लघुकथा, नाटक, व्यंग्य, कार्टून, समालोचना तथा सामयिक विषयो पर परिचर्चाओं के साथ साहित्य शिल्पी समूह आपके समक्ष उपस्थित है। यदि राष्ट्रभाषा हिदी की प्रगति के लिए समर्पित इस अभियान में आप भी सहयोग देना चाहते हैं तो अपना परिचय, तस्वीर एवं कुछ रचनायें हमें निम्नलिखित ई-मेल पते पर प्रेषित करें।
sahityashilpi@gmail.com
आइये कारवां बनायें...

Followers

Google+ Followers

Get widget