हो अभिन्न उपमेय से, जहाँ 'सलिल' उपमान.
अलंकार परिणाम यदि, कार्य सके संधान..


जहाँ असमर्थ उपमान उपमेय से अभिन्न रहकर किसी कार्य के साधन में समर्थ होता है, वहां परिणाम अलंकार होता है.

उदाहरण:

१.

मेरा शिशु संसार वह दूध पिये परिपुष्ट हो.
पानी के ही पात्र तुम, प्रभो! रुष्ट व तुष्ट हो..


यहाँ पर संसार उपमान शिशु उपमेय का रूप धारण कर ही दूध पीने में समर्थ होता है, इसलिए परिणाम अलंकार है.

२.

कर कमलनि धनु शायक फेरत.
जिय की जरनि हरषि हँसि हेरत..

यहाँ पर कमल का बाण फेरना तभी संभव है, जब उसे कर उपमेय से अभिन्नता प्राप्त हो..

*****

7 comments:

  1. समझने में कठिनाई हुई। पूरी तरह अभी स्पष्ट नहीं हुआ।

    उत्तर देंहटाएं
  2. हो अभिन्न उपमेय से, जहाँ 'सलिल' उपमान.
    अलंकार परिणाम यदि, कार्य सके संधान..

    धन्यवाद सलिल जी।

    उत्तर देंहटाएं
  3. ज्ञानवर्धन का धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  4. उदाहरण से बात स्पष्ट हो जाती है। यह एक और नया अलंकार है जिससे मैं परिचित हुई।

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत अच्छी प्रस्तुति, आभार।

    उत्तर देंहटाएं
  6. आप सब का आभार.

    मैं आपसे सहमत हूँ. यह अलंकार कुछ कठिन प्रतीत होता है.

    अनन्या जी! आप जैसे पाठकों के लिए ही इस लेखमाला में कुछ नया देने का प्रयास है. क्या आप इस अलंकार को अपने शब्दों में समझायेंगी जिससे विश्वास जी का समाधान हो सके. आशा है इस अनुरोध पर ध्यान देंगी.

    उत्तर देंहटाएं

आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

पुस्तकालय

~~~ साहित्य शिल्पी का पुस्तकालय निरंतर समृद्ध हो रहा है। इन्हें आप हमारी साईट से सीधे डाउनलोड कर के पढ सकते हैं ~~~~~~~

डाउनलोड करने के लिए चित्र पर क्लिक करें...

आइये कारवां बनायें...

साहित्य शिल्पी, हिन्दी और साहित्य की सेवा का मंच, एक ऐसा अभियान.. जो न केवल स्थापित एवं नवीन रचनाकारों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा अपितु अंतर्जाल पर हिन्दी के प्रयोग और प्रोत्साहन का एक अभिनव सोपान भी है, अपने सुधी पाठको के समक्ष कविता, कहानी, लघुकथा, नाटक, व्यंग्य, कार्टून, समालोचना तथा सामयिक विषयो पर परिचर्चाओं के साथ साहित्य शिल्पी समूह आपके समक्ष उपस्थित है। यदि राष्ट्रभाषा हिदी की प्रगति के लिए समर्पित इस अभियान में आप भी सहयोग देना चाहते हैं तो अपना परिचय, तस्वीर एवं कुछ रचनायें हमें निम्नलिखित ई-मेल पते पर प्रेषित करें।
sahityashilpi@gmail.com
आइये कारवां बनायें...

Followers

Google+ Followers

Get widget