तेरा ख़याल दिल से मिटाया नहीं अभी [साहिर लुधियानवी की पुण्यतिथि पर विशेष प्रस्तुति]

प्रसिद्ध शायर साहिर लुधियानवी की आज पुण्य़ तिथि है। साहिर का जन्म 8 मार्च 1921 में लुधियाना में हुआ था। साहिर को संघर्षपूर्ण जीवन और प्रसिद्ध लेखिका अमृता प्रीतम से असफल प्रेम के लिये भी याद किया जाता है। साहिर लुधियानवी का पहला कविता संग्रह था 'तल्खियाँ'।

साम्यवादी विचारों से प्रेरित साहिर लुधियानवी नें अनेको उर्दू पत्रिकाओं का संपादन किया जिनमें अदब-ए-लतीफ़, शाहकार, शाहराह आदि प्रमुख हैं। साहिर नें बाजी, प्यासा, फिर सुबह होगी, कभी कभी जैसे लोकप्रिय फिल्मों के लिये गीत भी लिखे। 25 अक्टूबर 1980 को दिल का दौरा पड़ने से साहिर लुधियानवी का निधन हो गया। आज साहिर की पुण्यतिथि पर प्रस्तुत है उन्हे श्रद्धांजलि स्वरूप उनकी ही एक ग़ज़ल -


तेरा ख़याल दिल से मिटाया नहीं अभी
बेदर्द मैं ने तुझ को भुलाया नहीं अभी

कल तूने मुस्कुरा के जलाया था ख़ुद जिसे
सीने का वो चराग़ बुझाया नहीं अभी

गर्दन को आज भी तेरे बाहों की याद है
चौखट से तेरी सर को उठाया नहीं अभी

बेहोश होके जल्द तुझे होश आ गया
मैं बदनसीब होश में आया नहीं अभी

2 टिप्पणियाँ:

  1. अनिरुद्ध says

    सुन्दर प्रस्तुति


    अभिषेक सागर says

    साहिर जी को याद करने क धन्यवाद


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प्रसंग में चित्रकार ब्रह्मदेव की जिजीविषाव्यंग्य में सूर्यबाला का यात्रा एक सम्मेलन की
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