हर किसी की बातों में आया नहीं करते
खामखा ही दिल को उलझाया नहीं करते

साथ मिलकर जो भी मुस्काया नहीं करते
वे किसी की आँख को भाया नहीं करते

माना , कुछ बातों पे शरमाना ही पड़ता है
साधु की बातों पे शरमाया नहीं करते

हर किसी से प्यार की उम्मीद क्यों रक्खें
सब शज़र ए दोस्तो छाया नहीं करते

आप जैसे हैं , रहें वैसे तो अच्छा है
घर बदलने से बदल जाया नहीं करते

कल ही तो वादा किया था आपने हमसे
एक दिन में ही मुकर जाया नहीं करते

सोचिये के दिल पे गुज़रेगी किसी के क्या
साथ तज कर गुस्से में जाया नहीं करते
----------------
प्राण शर्मा का परिचय पढें साहित्य शिल्पी के रचनाकार पृष्ठ पर

15 comments:

  1. आप जैसे हैं, रहें वैसे तो अच्छा है
    घर बदलने से बदल जाया नहीं करते

    प्राण जी को पढ़ना हर बार एक नया अनुभव होता है। एक और सुन्दर प्रस्तुति के लिए आभार!

    उत्तर देंहटाएं
  2. और हाँ गज़ल के पूर्व दिये गये चित्र में उद्धृत ज़हीर कुरैशी के शे’र भी बहुत अच्छे लगे।

    उत्तर देंहटाएं
  3. हर किसी से प्यार की उम्मीद क्यों रक्खें
    सब शज़र ए दोस्तो छाया नहीं करते

    सुभान अल्लाह...किस सादगी और ख़ूबसूरती से ज़िन्दगी जीने का सलीका सिखाती हैं प्राण साहब की ग़ज़लें...एक एक शेर अनमोल है...उन्हें पढवाने का बहुत बहुत शुक्रिया.

    नीरज

    उत्तर देंहटाएं
  4. हर किसी की बातों में आया नहीं करते
    खामखा ही दिल को उलझाया नहीं करते
    बस इतनी सी बात और लोगों के समझ में आया नहीं करती
    बात इतनी सी, समझ में क्‍यूँ नहीं आती,
    फि़क्र औरों के कथन की क्‍यूँ नहीं जाती।

    उत्तर देंहटाएं
  5. आप जैसे हैं , रहें वैसे तो अच्छा है
    घर बदलने से बदल जाया नहीं करते
    sunder
    saader
    rachana

    उत्तर देंहटाएं
  6. हर किसी से प्यार की उम्मीद क्यों रक्खें
    सब शज़र ए दोस्तो छाया नहीं करते

    आप जैसे हैं , रहें वैसे तो अच्छा है
    घर बदलने से बदल जाया नहीं करते


    हर शेर बहुत सहजता से मन में उतरता चला गया ....
    सारी गज़ल अच्छी है लकिन ये दो शेर बहुत अच्छे लगे...


    आभार...आदरणीय प्राण जी का और शुभ कामनाएँ
    गीता पंडित

    उत्तर देंहटाएं
  7. हर किसी से प्यार की उम्मीद क्यों रक्खें
    सब शज़र ए दोस्तो छाया नहीं करते
    वाह...कितना नसीहत देने वाला शेर है.
    आप जैसे हैं , रहें वैसे तो अच्छा है
    घर बदलने से बदल जाया नहीं करते
    सच्चे इंसान का चरित्र तो यही होता है...
    बहुत उम्दा कलाम है प्राण साहब.

    उत्तर देंहटाएं
  8. हर किसी से प्यार की उम्मीद क्यों रक्खें
    सब शज़र ए दोस्तो छाया नहीं करते

    आप जैसे हैं , रहें वैसे तो अच्छा है
    घर बदलने से बदल जाया नहीं करते


    बहुत ही खूबसूरत ग़ज़ल.........

    उत्तर देंहटाएं
  9. waah waah

    bahut dinon ke baad pran ji ki gazal baaanchne ka soubhagya mila

    aanand aaya

    shukriya

    उत्तर देंहटाएं
  10. माना , कुछ बातों पे शरमाना ही पड़ता है
    साधु की बातों पे शरमाया नहीं करते

    Waah kya roshini ki kiran dikhayi di andheron mein. Bahut khoob likha hai Pran ji

    उत्तर देंहटाएं
  11. कल ही तो वादा किया था आपने हमसे
    एक दिन में ही मुकर जाया नहीं करते

    सोचिये के दिल पे गुज़रेगी किसी के क्या
    साथ तज कर गुस्से में जाया नहीं करते
    Bahut Sunder Abhivyakti Prabhudayal Shrivastava

    उत्तर देंहटाएं
  12. हर किसी से प्यार की उम्मीद क्यों रक्खें
    सब शज़र ए दोस्तो छाया नहीं करते ...

    Bahut hi lajawaab ... ek sher ke maadhyam se hi itna kuch samjhaana Pran Saahab jaise ustaadon ke hi bas ki hai ... poori ki poori gazal naayaab tohfa hai padhne waalon ke liye ...

    उत्तर देंहटाएं
  13. आप जैसे हैं , रहें वैसे तो अच्छा है
    घर बदलने से बदल जाया नहीं करते

    कल ही तो वादा किया था आपने हमसे
    एक दिन में ही मुकर जाया नहीं करते


    हर किसी से प्यार की उम्मीद क्यों रक्खें
    सब शज़र ए दोस्तो छाया नहीं करते

    वाह.........मज़ा आ गया! आपके उपर्युक्त शे’र बहुत पसंद आये!
    बधाई...हुज़ूर!

    उत्तर देंहटाएं
  14. Bahut Achhi Rachna Ka Varnan Aapke Dwara. Padhe Love Stories, Hindi Poems, प्यार की स्टोरी हिंदी में aur bhi bahut kuch.

    Thank You.

    उत्तर देंहटाएं

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