समय की प्रतिबद्धता कैसे कहोगे
जब समय के अश्व चलते हैं निरंतर
 सूर्य नभ में कब रहा है थिर हमेशा
और पूर्णिमा रही है कब निरंतर


पर समय तो चाल अपनी चल रहा है
यही है प्रति बद्धता उस की निरंतर |


ज्वार के कितने बवंडर उठ खड़े थे
दूर  मीलों तक नही जा कर रुके  थे
 लग रहा था छोड़ गहराई उठा है
जब किनारे दूर सागर के हुए थे


पर समन्दर शीघ्रता से लौट आया
यही है प्रति बद्धता उस की निरंतर |


गर्जना कर कर के वर्षा खूब की थी
जल मग्न करने को जागी  भूख उस की
प्रलयकारी जल  बहुत  उस ने गिराया
वही रीते हाथ हो कर अब खड़ा है


स्वच्छ  अपना  रूप फिर उस ने दिखाया
यही है प्रति बद्धता नभ  की निरंतर |


सुबह सूरज की किरण हर रोज आती
साँझ अपनी लालिमा हर दिन दिखाती
रात को तारे निरंतर जगमगाते
 रोज प्रात: काल पक्षी चहचहाते


बिन रुके पृथ्वी  धुरी  पर  घूमती है
यही है प्रतिबद्धता उस की निरंतर |


द्वंद जीवन में नये हर रोज आते
हृदय में वे शूल सा आकर चुभाते
मगर खुशियाँ भी कभी आती तो हैं
जो बहुत जल्दी से कितनी दूर जाती हैं


यही क्रम जीवन में होता है निरंतर
यही है प्रति बद्धता उस की निरंतर ||

3 comments:

  1. समय की गति के साथ जीवन को समझने की एक बेहतर कोशिश - सुन्दर।
    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    www.manoramsuman.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  2. jivan bahta jata he nirantar..achhi kavita..

    उत्तर देंहटाएं

आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

पुस्तकालय

~~~ साहित्य शिल्पी का पुस्तकालय निरंतर समृद्ध हो रहा है। इन्हें आप हमारी साईट से सीधे डाउनलोड कर के पढ सकते हैं ~~~~~~~

डाउनलोड करने के लिए चित्र पर क्लिक करें...

आइये कारवां बनायें...

साहित्य शिल्पी, हिन्दी और साहित्य की सेवा का मंच, एक ऐसा अभियान.. जो न केवल स्थापित एवं नवीन रचनाकारों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा अपितु अंतर्जाल पर हिन्दी के प्रयोग और प्रोत्साहन का एक अभिनव सोपान भी है, अपने सुधी पाठको के समक्ष कविता, कहानी, लघुकथा, नाटक, व्यंग्य, कार्टून, समालोचना तथा सामयिक विषयो पर परिचर्चाओं के साथ साहित्य शिल्पी समूह आपके समक्ष उपस्थित है। यदि राष्ट्रभाषा हिदी की प्रगति के लिए समर्पित इस अभियान में आप भी सहयोग देना चाहते हैं तो अपना परिचय, तस्वीर एवं कुछ रचनायें हमें निम्नलिखित ई-मेल पते पर प्रेषित करें।
sahityashilpi@gmail.com
आइये कारवां बनायें...

Followers

Google+ Followers

Get widget