जगदलपुर बस्तर दिनांक 19.06.2011 आकृति सभागार में छत्तीसगढ़ हिन्दी साहित्य परिषद द्वारा काव्य गोष्ठी का आयोजन किया। कार्यकृम की अध्यक्षता की मशहूर शायर जनाबा रहूपरवेज जी ने। इस अवसर पर युवा कवि विजय सिंह जी ने पर्यावरण आधारित अपनी कविता प्रस्तुत की, परिषद के सचिव शरद चन्द्र गौड़ ने अपनी कविता ‘वीरान प्लेटफार्म’ के माध्यम से बस्तर में अपर्याप्त टेªन सुविधाओं की तरफ लोगों का ध्यान खींचा। कु.चंद्रकांति देवांगन ने नशे की लत को अपनी दो कविताओं की विषय वस्तु बनाया। कादंबरी संस्था की अध्यक्षा सुश्री उर्मिला आचार्य ने ‘फादर्स डे’ को ध्यान में रख कविता के माध्यम से अपने पिता को याद किया।

छत्तीसगढ़ी भाषा के बजुर्ग कवि हुकुमदाय अचिंत ने साहित्यकारों के बीच चल रही गुटबाजी पर चिंता व्यक्त की एवं अपनी छत्तीगढ़ी रचना से सभी का मन मोह लिया।कार्यक्रम में श्रीमती शांति तिवारी,श्रीमती मोहनी ठाकुर, श्रीमती कविता गौड़, भरत गुगादित्य ने काव्य पाठ किया।


कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कवि अवध किशोर शर्मा जी ने किया। इस अवसर युवा चित्रकार सुभाष श्रीवास्तव, बंशीलाल विष्वकर्मा, कुष्ण राजेन्द्र तिवारी, आंकांक्षा, सौरभ, अरूण दास, सत्यदीप इत्यादी मौजूद थे।

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