पुस्तक परिचय में महेन्द्र भीष्म का उपन्यास "किन्नर कथा"

महेन्द्र भीष्म हिन्दी और साहित्य जगत में चिर परिचित नाम है। आपके तीन कहानी संग्रह प्रकाशित हुए हैं। "जय हिन्द की सेना" शीर्षक से प्रकाशित आपका उपन्यास भारत और पाकिस्तान के बीच हुए 1971 के युद्ध पर आधारित है। 

आपकी नवीनतम उपन्यास कृति है "किन्नर कथा" 

प्रकाशक - सामयिक प्रकाशन, दरियागंज, नयी दिल्ली 
दूरभाष - 01123270715
पुस्तक मूल्य - 300 रुपये

यह उपन्यास किन्नरों के जीवन पर आधारित है तथा अपनी विषय विविधता तथा सशक्त कथानक के कारण चर्चा में है। 

9 टिप्पणियाँ:

  1. Dr. C. B. Singh says

    Nice..Seems to be good book. I'll try to get it from Samyik Prakashan. Thanks for the information.


    निधि अग्रवाल says

    नया सा विषय लग रहा है। अवश्य पढना चाहूँगी। इसक पुस्तक का रिव्यू या कोई अंश भी प्रकाशित करें।


    अनिल कुमार says

    निधि जी से सहमत हूँ। यह विषय अपने आप में इतना नया लग रहा है कि इसका कोई अंश भी प्रस्तुत करते तो अच्छा होता।


    अनन्या says

    राजीव जी इस उपन्यास का कोई अंश साहित्य शिपी पर प्रस्तुत करने का आग्रह तो मैं भी करूंगी।


    नंदन says

    साहसिक विषय


    अनिरुद्ध says

    जरूर पढूंगा।


    अभिषेक सागर says

    अच्छा है


    Dr. R. K. Dixit says

    This is an extraordinary Novel . I really appreciate the unforgettable affords of Respected Mahendra Bhism . I wish Respect Author all the Best. In my opinion, this will be proved as mile stone of Sahitya Jagat. Once again I highly appreciate Hon. Mahendra Bhism.
    Dr. R. K. Dixit
    Chief Author “Global Journals Inc.”
    Globaljournals.org


    mahendra bhishma says

    tikakaro ko dhanyavad Kinner Katha per review India Today me 4 april 20`12 ke unk me aaya he . Krpya dekhana chahe ?


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प्रसंग में चित्रकार ब्रह्मदेव की जिजीविषाव्यंग्य में सूर्यबाला का यात्रा एक सम्मेलन की
भाषा सेतु में लाला जगदलपुरी के दोहे कविता में नीलम शर्मा ’अंशु’ की कविताएं
मेरे पाठक में कमल कुमारलघुकथा में सुबोध श्रीवास्तव की लघुकथाएं
मेरी रचना प्रक्रिया में प्रेमचंद गाँधीकहानी में नीना पाल की आख़िरी गीत
मैंने पढ़ी किताब में सूरजप्रकाश द्वारा दलाई लामा की आत्मकथा "द पाथ टू फ्रीडम" आओ धूप में रितु रंजन की कविताएं