दफ्तर से घर वापसी के समय
हड़बड़ी के बावजूद ,
महानगर की कीचड भरी सड़कों से
अनुमान हुआ
सावन के बरसने का ,
बस की प्रतीक्षा करते हुए
शेड के तीन से टपकती हुई बूंदों ने भी चुगली खाई
सावन के बरसने की
पेड़ की दाल पर बैठी पंख सुखाती चिड़िया ने भी
चहक कर बताया सावन के बरसने के बारे में
महानगर की उमस और बिजली के लम्बे कट ने तो
प्रमाण ही दे दिया ,
सावन के बरसने का ,
तमाम टी वी चैनेल्लों ने भी
घोषणा की सावन के बरसने की
यूँ वातानुकूलित दफ्तर की खिडकियों पर लगे
मोटे मोटे रेशमी पर्दों के पीछे
कब बरस गया सावन ,
पता ही न चला
हमने सावन पड़ा
अखबार के मुख्यपृष्ट पर
हमने सावन देखा टी वी स्क्रीन पर
हमने सावन महसूस किया
उमस और बिजली कट में .
------------
मीनाक्षी जिजीविषा
८९२, सेक्टर १०, हौसिंग बोर्ड फरीदाबाद

2 comments:

आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

पुस्तकालय

~~~ साहित्य शिल्पी का पुस्तकालय निरंतर समृद्ध हो रहा है। इन्हें आप हमारी साईट से सीधे डाउनलोड कर के पढ सकते हैं ~~~~~~~

डाउनलोड करने के लिए चित्र पर क्लिक करें...

आइये कारवां बनायें...

साहित्य शिल्पी, हिन्दी और साहित्य की सेवा का मंच, एक ऐसा अभियान.. जो न केवल स्थापित एवं नवीन रचनाकारों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा अपितु अंतर्जाल पर हिन्दी के प्रयोग और प्रोत्साहन का एक अभिनव सोपान भी है, अपने सुधी पाठको के समक्ष कविता, कहानी, लघुकथा, नाटक, व्यंग्य, कार्टून, समालोचना तथा सामयिक विषयो पर परिचर्चाओं के साथ साहित्य शिल्पी समूह आपके समक्ष उपस्थित है। यदि राष्ट्रभाषा हिदी की प्रगति के लिए समर्पित इस अभियान में आप भी सहयोग देना चाहते हैं तो अपना परिचय, तस्वीर एवं कुछ रचनायें हमें निम्नलिखित ई-मेल पते पर प्रेषित करें।
sahityashilpi@gmail.com
आइये कारवां बनायें...

Followers

Google+ Followers

Get widget