द्वि-भाषिक (हिंदी और अँगरेज़ी) यशस्वी कवि महेंद्रभटनागर की 108 कविताओं के फ्रेंच-काव्यानुवादों की एन्थोलोजी [‘ A Modern Indian Poet Dr. Mahendra Bhatnagar — UN POÈTE INDIEN ET MODERNE’] Indian Publisher’s Distributors, 166-D, Kamla Nagar, Delhi — 110 007 ने प्रकाशित की है (Pages 292; Price Rs. 320/-)

फ्रेंच-काव्यानुवादवर्दवान विश्विविद्यालय, दुर्गापुर’ (पश्चिम बंगाल) की पूर्व फ्रेंच-प्रोफ़ेसर, अँगरेज़ी-बाँगला की लब्ध-प्रतिष्ठ कवयित्री / निबंध-लेखिका / आलोचक श्रीमती पूर्णिमा राय ने किये हैं।

इन फ्रेंच-काव्यानुवादों के माध्यम से जापानी भाषा में भी काव्यानुवाद उपलब्ध हैं। अनुवादक हैंMr. Seiji Hino. ये जापानी-काव्यानुवाद  Gendaishi Kenkyu’ नामक प्रसिद्ध साहित्यिक पत्रिका में क्रमश: प्रकाशित हो रहे हैं।
फ्रेंच-काव्यानुवादों की इस विशिष्ट एन्थोलोजी पर, फ्रेंच-विद्वानों द्वारा फ्रेंच में लिखित समीक्षात्मक आलेख ‘Poet Mahendra Bhatnagar : His Mind And Art’  नामक आलोचना-ग्रंथ में समाविष्ट हैं। यह समीक्षा-ग्रंथ ‘Vista International Publishing House, v-196 Yamuna Vihar, Delhi — 110 053’ द्वारा प्रकाशित है ।               

 
 इस महत्त्वपूर्ण उपलब्धि पर डॉ॰ महेंद्रभटनागर को हार्दिक बधाई!

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