परिंदों से सीखी है जीने की अदा 

उम्मीदों के संग जोड़ते रिश्ता नया
परिंदों से सीखी है जीने की अदा

जिधर देखिए, वहीं ग़म के मारे
ढूंढते फिर रहे खुशियों का पता

कौन लिखे बगावत की तहरीर यहां
चंद सिक्कों पे बिक जाते हैं रहनुमा

जिस तरफ देखा नजर आया ख़ला
नजर आता नहीं कहीं कोई रास्ता

न समझा है कोई और न समझेगा
अलग है सियासत का फ़लसफ़ा

अच्छा हुआ जो सबकुछ भूला दिया
इस अहद में फ़ुर्सत किसे जो रखे वास्ता  

6 comments:

  1. SAHEE BAHR MEIN GAZAL KAA LIKHAA JAANAA PAHLEE
    SHART HAI . HIMKAR SHYAAM KEE GAZAL KIS BAHR MEIN
    HAI , MATTHA - PACHCHEE KARNE PAR BHEE MUJHE PATAA
    NAHIN CHALAA HAI .

    उत्तर देंहटाएं
  2. आदरणीय प्राण शर्मा जी ने ग़ज़ल के मूल रूप की चर्चा की है जिसके बिना कोई रचना ग़ज़ल नहीं कहलाई जा सकती.साहित्य शिल्पी जैसी साहित्यिक पत्रिका के लिए किसी भी रचना को ग़ज़ल कहने से बचना चाहिए. श्याम जी की रचना बहुत भावपूर्ण है और शब्दों का प्रयोग अद्भुत है लेकिन ये रचना ग़ज़ल की श्रेणी में नहीं आती.

    उत्तर देंहटाएं
  3. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  4. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  5. सच्ची और अच्छी ग़ज़ल ...... बधाई

    उत्तर देंहटाएं

आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

पुस्तकालय

~~~ साहित्य शिल्पी का पुस्तकालय निरंतर समृद्ध हो रहा है। इन्हें आप हमारी साईट से सीधे डाउनलोड कर के पढ सकते हैं ~~~~~~~

डाउनलोड करने के लिए चित्र पर क्लिक करें...

आइये कारवां बनायें...

साहित्य शिल्पी, हिन्दी और साहित्य की सेवा का मंच, एक ऐसा अभियान.. जो न केवल स्थापित एवं नवीन रचनाकारों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा अपितु अंतर्जाल पर हिन्दी के प्रयोग और प्रोत्साहन का एक अभिनव सोपान भी है, अपने सुधी पाठको के समक्ष कविता, कहानी, लघुकथा, नाटक, व्यंग्य, कार्टून, समालोचना तथा सामयिक विषयो पर परिचर्चाओं के साथ साहित्य शिल्पी समूह आपके समक्ष उपस्थित है। यदि राष्ट्रभाषा हिदी की प्रगति के लिए समर्पित इस अभियान में आप भी सहयोग देना चाहते हैं तो अपना परिचय, तस्वीर एवं कुछ रचनायें हमें निम्नलिखित ई-मेल पते पर प्रेषित करें।
sahityashilpi@gmail.com
आइये कारवां बनायें...

Followers

Google+ Followers

Get widget