27 जून, 1880  को टुस्कुम्बिया, अलाबामा में जन्म
1882 में उन्नीस महीने की उम्र में गंभीर बीमारी के कारण हेलेन की सुनने और देखने की शक्ति जाती रही।
1887 में 3 मार्च को ऐन मैन्सीफील्डक सुलिवन हेलेन की टीचर बनीं।
5 अप्रैल 1887  को हेलेन ने पहला शब्द वाटर सीखा।
1890 में हेलेन ने बोलना सीखा।
1891 में हेलेन ने अपनी कहानी फ्रास्ट किंग लिखी जिस पर चोरी का इल्जाम लगा।
1889 में हेलेन के पिता की मृत्यु हुई।
1890 में हेलेन ने रैडक्लिफ कॉलेज में दाखिला लिया।
1903 में हेलेन की आत्मॉकथा – अ स्टोरी ऑफ माइ लाइफ का प्रकाशन
1904 में हेलेन ने रैडक्लिफ कॉलेज से स्नालतक की डिग्री ली। वे विश्व  की पहली बहरी-दृष्टिहीन स्नातक बनीं।
1913 में प्राध्यापिका के रूप में कैरियर की शुरुआत।
1916 में पीटर फागान से सगाई लेकिन मां के दबाव में सगाई तोड़नी पड़ी।
1921 में हेलेन की मां की मृत्यु।
1924 में अमेरिकन फाउंडेशन फॅार द ब्लायइंड के लिए काम करना शुरू किया।
1927 में माय रिलीजन का प्रकाशन।
1936 में ऐन मैन्साफील्डद सुलिवन की मृत्यु।
1943 में घायलों से मिलने मिलीटरी अस्पताल गयीं।
1946 में दृष्टिहीनों के कल्याण के लिए दुनिया भर के दौरे शुरू किये।
1955 में टीचर, ऐन सुलिवन की जीवनी प्रकाशित।
1957 में ऐन मैन्सलफील्ड  सुलिवन के त्यागमय अध्यापकीय जीवन पर आधारित मिरैकल वर्कर का टेलिविजन पर नाट्य रूप में सीधा प्रसारण, बाद में 1962 में इसी नाम से फिल्म का निर्माण।
1 जून 1968  को आर्कान रिज, कनेक्टिकट में अपने घर में सत्तासी बरस की उम्र में देहांत।

1 comments:

  1. हेलेन केलर का व्यक्तित्व अत्यंत प्रेरणादायी है। इससे लगता है कि आदमी को निराश नहीं होना चाहिये और यदि हिम्मत न हारे तो वह बहुत कुछ कर सकता है और मानवता के लिये उदाहरण बन सकता है ।

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