विरासत में 'मोहन राकेश' की कहानी ‘मवाली'
उस लडक़े का परिचय केवल इतना ही है कि वह शाम के वक़्त चौपाटी के मैदान में जमा होनेवाली भीड़ में घूम रहा था। चौपाटी का मैदान काफ़ी खुला है, और….
----------
कमल कुमार से बातचीत
स्त्री लेखन की अलग पहचान के लिए साहित्यिक से अधिक गैर-साहित्यिक निमित्त है। स्त्री को दिया गया संस्कार, मूलधारा से कहीं उसकी निष्क्रय भूमिका......।  

देस परदेस में 'जाआओ गुइमारएस रोसाकी' की ‘नदी का तीसरा किनारा’।
जाआओ गुइमारएस का जन्म मिनास रोसा ग़ैराइस, ब्राजिल में 1908 में हुआ था। चिकित्सा का प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में प्रैक्टिस शुरू की। 
----------
शील निगम’  की कहानी अंतिम विदाई
राजू बी. ए. पास होते हुए भी टैक्सी चलाने का काम करता था। बी .ए. पास करके दर दर की ठोकरें खाने के बाद भी जब नौकरी नहीं मिली तो.....।
----------
डॉ. प्रेम जनमेजयका व्यंग्य साहित्य और सफेदी
राजा दशरथ को, एक दिन दर्पण में मुखड़ा देखते समय, जब कानों के पास सफेद बाल दिखाई दिया तो उन्होंने निर्णय लिया कि राम को राजपाट सौंपकर.....।   
----------
लाला जगदलपुरी की ग़ज़लें
हम-तुम इतने उत्थान में हैं
भूमि से परे, आसमान में हैं।
----------
'अनिल जनविजय' की लघुकथा 'धर्मनिर्पेक्ष'
रेल के डिब्बे में एक अंधा भिखारी चढ़ आया था। वह गा- गा कर भीख मांग रहा था।  कुल चार गाने उसने गाये।  
----------   
मैंने पढी किताब में ‘अनिल प्रभा कुमार’ की ‘बहता पानी’
अमेरिका के प्रवासी हिन्दी लेखकों में पिछले कुछ वर्षों में जिन साहित्यकारों ने अपनी गंभीर रचनात्मकता का परिचय दिया है, अनिल प्रभा कुमार उनमें एक नाम है।  
----------
विकि आर्य की कुछ कविताएं
हज़ारों दुआएं
पल पल फूलों सी झरती हैं
                                               पूरा पढने के लिये यहाँ क्लिक करें।
----------
आओ धूप में अभिषेक कुमार झा ''अभी' की कवितायें
सच करने हैं, गर सपने।
तो नयन खुले रखो अपने।।

पूरा पढने के लिये यहाँ क्लिक करें।
 ----------

इस सप्ताह की ई-पुस्तक में लियो तोलस्तोय की हाजी मुराद (हिन्दी अनुवाद: रूपसिंह चंदेल)
डाउनलोड करने के लिये यहाँ क्लिक करें।

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

पुस्तकालय

~~~ साहित्य शिल्पी का पुस्तकालय निरंतर समृद्ध हो रहा है। इन्हें आप हमारी साईट से सीधे डाउनलोड कर के पढ सकते हैं ~~~~~~~

डाउनलोड करने के लिए चित्र पर क्लिक करें...

आइये कारवां बनायें...

साहित्य शिल्पी, हिन्दी और साहित्य की सेवा का मंच, एक ऐसा अभियान.. जो न केवल स्थापित एवं नवीन रचनाकारों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा अपितु अंतर्जाल पर हिन्दी के प्रयोग और प्रोत्साहन का एक अभिनव सोपान भी है, अपने सुधी पाठको के समक्ष कविता, कहानी, लघुकथा, नाटक, व्यंग्य, कार्टून, समालोचना तथा सामयिक विषयो पर परिचर्चाओं के साथ साहित्य शिल्पी समूह आपके समक्ष उपस्थित है। यदि राष्ट्रभाषा हिदी की प्रगति के लिए समर्पित इस अभियान में आप भी सहयोग देना चाहते हैं तो अपना परिचय, तस्वीर एवं कुछ रचनायें हमें निम्नलिखित ई-मेल पते पर प्रेषित करें।
sahityashilpi@gmail.com
आइये कारवां बनायें...

Followers

Google+ Followers

Get widget