विक्रम सेठ को उनके पहले  पद्यात्मक उपन्यास 'द गोल्डन गेट'  के  बाद ‘ए सूटेबल ब्वॉय' से विश्वभर में ख्याति  मिली जिसे लिखने में आठ साल लग गये। अंग्रेजी का यह विशालतम  उपन्यास 1400 पृष्ठों का है। मैंने हाल ही में विक्रम सेठ का उपन्यास ‘एन इक्वल म्यूजिक’  पढा है जिसे वाइकिंग ने प्रकाशित किया है।   इस उपन्यास में  कथावाचक माइकल और जूलिया  के आधे अधूरे प्रेम सम्बन्ध और संगीत के साथ उनके अटूट  रिश्ते  की  कहानी साथ साथ चलती है।  माइकल पेशेवर वायोलिन वादक है जो लन्दन में क्वार्टेट में वायलिन बजाता है। जब वह वियना में संगीत सीख रहा था, तब पियानो वादक जूलिया से प्रेम करता था। वह अपने संरक्षक से हताश और परेशान  हो कर वियना से लन्दन आ गया  और जूलिया से भी दूर हो गया, हालाँकि वह उसे अब भी भुला नहीं पाया है। उसे 10 साल  बाद अचानक जूलिया बस में नजर आती है। पुराने दोस्तों की मदद से माइकल जूलिया का पता लगा लेता है जो उसके पड़ोस में ही रहती है । वह जूलिया से मिलकर पुरानी यादें ताजा करता है। अब जूलिया शादीशुदा है और उसका  सात साल का बेटा  है। बहरी होती जा रही जूलिया माइकल को पाकर अपनी तकलीफ को कुछ हद तक भूल जाती है। वह माइकल और उसके बेंड के साथ पियानो वादक के रूप में वियना का दौरा करती है। मगर कुछ दिन साथ बिताने के बाद जूलिया को अपराधबोध होता  है तो वह  अपने परिवार के पास लौट  जाती है । अंततः अकेलेपन में  संगीत ही माइकल को मानसिक यंत्रणा  से मुक्ति दिलाता है।

‘एन इक्वल म्यूजिक’ में माइकल के जूलिया के साथ आधे अधूरे प्यार की जटिलताओं, अवसाद और संगीत की ताकत को काव्यात्मक और दिलचस्प शैली में व्यक्त किया गया है। माइकल जूलिया से कहता है, 'मुझे नहीं पता कि  मैंने तुम्हारे बिना इतने साल कैसे गुजारे।’ मगर तभी  वह महसूस करता है, 'मेरे शब्द इतने कमजोर और खोखले हैं मानो किसी घरेलू औरत की कल्पना हो।'  वह यह भी कहता है, 'मेरे जीवन और मेरे प्यार के बीच अंतर क्या है? एक मेरा मनोबल गिराता है, दूसरा उठाता है।' पुस्तक में कहीं-कहीं डार्क ह्यूमर का भी इस्तेमाल किया गया है। एक जगह जूलिया बहरे होने के फायदे गिनाते- गिनाते यह सोचकर  उदास हो जाती है कि वह बरसात की आवाज नहीं सुन सकती है। किताब के अंत में माइकल  सोचता है, 'इसी जगह मुझे पता चला था कि वह सुन नहीं सकती है। मैं उससे पिछली सर्दियों में मिला था और ये सर्दियाँ शुरू होने से पहले बिछुड गया। तालाब की लहरों पर बर्फ रेशम जैसी झिलमिला रही है और सर्दियों के जल में हंस धीरे- धीरे टहल रहे हैं।’  

विक्रम सेठ की पाश्चात्य और भारतीय शस्त्रीय संगीत में गहरी दिलचस्पी है. 'मुझे संगीत बोलने से भी अधिक प्रिय है। जब मुझे एहसास हुआ  कि  मुझे संगीत पर लिखना है तो मैं  चिंता में डूब गया।' पूरे उपन्यास में संगीत ही पात्रों और घटनाओं को आपस में जोड़े हुए है। अगर पाठक को बीथोवन, मोजार्ट, शुबर्त, जाज़, ए मेजर और एफ माइनर की जानकारी है, तो उसे यह उपन्यास पढ़ने में अधिक आनंद आयेगा। इसमें संगीतकार की दुनिया को बहुत बारीकी से दिखलाया गया है जैसे-- रिहर्सल , रिकॉर्डिंग के लिए सौदा, वियना में एक कॉन्सर्ट हॉल में प्रदर्शन, प्रदर्शन के दौरान घबराहट, मीडिया जुटाने में माहिर एजेंट, क्वार्टेट के सदस्यों के बीच आपस में तनातनी और सबसे  पहले  वायोलिन बजाने के लिए होड़। संगीत वाद्ययंत्र के लिए लोगों का जूनून और वायलिन की नीलामी में बोली लगाते लोग उपन्यास को जीवंत बना देते हैं। जूलिया कहती है- 'संगीत की धुनें तैयार करना और प्यार करना -यह बहुत आसान सा समीकरण है।’ जूलिया के हमेशा के लिए चले जाने पर माइकल अपने म्यूजिक बेंड से भी अलग हो जाता है। अंत में वह सोचता है-‘यह संगीत ही सबसे बड़ा तोहफा है। खुशी की इच्छा ही क्यो की जाये? दुखी होने से क्यों बचा जाये? एक एक दिन गुजारना और कभी कभार संगीत सुन लेना ही बहुत है।

समीक्षा - सरिता शर्मा

3 comments:

  1. vikram seth ki pustak ki vishayvastu se avgat kraane ke liye dhanyavaad

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  2. पढ लिया ! खूब लिखा ! पुस्तक को मूल रूप मे पढने की तलब पैदा कर दी । शुक्रिया ।

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  3. समीक्षा संक्षिप्त किंतु स्पस्ट और सुंदर है.

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