माँ 

हज़ारों दुआएं
पल पल फूलों सी झरती हैं
उसकी खुरदरी हथे‍लियां
तुम्हारे पत्तों जैसी लगती हैं
जानते हो हरसिंगार
तुम्हारी कुछ बातें......
बिल्कुहल मेरी मां से मिलती जुलती हैं।

रंग

एक तितली
काट गयी रास्ता
सुबह सुबह
दिन सारा
रंग रंग हो गया

बौने सपने 

खुली आंख तो खुद को
जकड़े हुए पाया
गुलीवर सा जीवन
आज फिर
बौने सपनों की गिरफ़्त में है

मैं 


मैं!
मैं!
और मैं!
लो वामन ने नाप लिये
तीन ही पग में
घरती, आकाश और पाताल

आवारा

कुछ तबियत आवारा
कुछ किस्मत भी आवारा मिली
मुझे उसकी तलाश थी
और वो...
मुझे ढ़ूंढ़ने के बहाने निकली

=====

18 comments:

  1. मुझे उसकी तलाश थी
    और वो...
    मुझे ढ़ूंढ़ने के बहाने निकली

    Viky ji, In panktion ka jawab nahin... In panktiyon ne mere atit ke kuchh panon ko wapas mere samne la kar khadha kar diya...

    Kavitayein prakashit hone ki Bahut bahut badhaian Viky ji...
    aise hi hume apne kavitaon se

    उत्तर देंहटाएं
  2. panchon ungliyon awdhjarana se vipreet, yeh paancho kavitayein barabar hain, nahi koi kisi se kam na koi kisi se jyada. prem, aatmchintan,jeevan se ooot-prot. apni sundar kritiyan baante rahiye viki ji. shunkamnayein.

    उत्तर देंहटाएं
  3. Bahut khoob Vicky, Sapne boney hi sahi khoobsoorat ho!

    उत्तर देंहटाएं
  4. Viky the harsingar poem is beautiful and the others I have read before yet - they continue to impress...Bahut khoob...

    Rashmi RD

    उत्तर देंहटाएं
  5. mein aaj shaiyar ho gaya.... दिन सारा
    रंग रंग हो गया
    Great words

    Prabeer Sikdar, Deccan Chronicle/The Asian Age, Warangal

    उत्तर देंहटाएं
  6. अर्चना यादव12 जुलाई 2012 को 8:39 pm

    बहूत सुंदर ....एसा लगा जसे छोटे से ग्लास मैं समुंदर भर गया हो

    उत्तर देंहटाएं
  7. In Panktiyon,ko dekhkar,jaagen hain kuch arman!!!
    Poems are teeming with emotions and realism n that's why they quiver and touch the heart..
    All d very best..way to go!!:)

    उत्तर देंहटाएं
  8. dil ko na jaane kahan choo jaati hai!!!....thank you!...Mamta

    उत्तर देंहटाएं
  9. Harsingaar mere ma ke ghar ke aangan mein khilta hain
    jaisa tum kehti ho ki "hazaaron duayen pa pal jharti hain"
    ab jaa rahi hoon ma ke ghar
    toh ma aur harsingar dono intezaar mein baithi hain

    Loved your poem Viky and yes I am relocating to ma ka aangan. love Deepdi

    उत्तर देंहटाएं
  10. It is 'I' which brings bondage. It is 'I' which makes us liberated. Truly said.Captured the essence of life. That is what poetry does.

    उत्तर देंहटाएं

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