अध्यापक..
अक्सर मत कहो कि तुम सही हो,
छात्रों को उसे महसूस कर लेने दो
ख़ुद-ब-ख़ुद।

सच को थोपो मत..
यह ठीक नहीं है सच के हक़ में,
बोलते हो जो, उसे सुनो भी !!!

4 comments:

  1. आज के दिन और सदैव - एक विशेष भावपूर्ण कविता

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  2. Ek Bahv purn samvad ! Yahan Saudi Arab Me Hindi Sahitya se Rubaru Hona, Maruthal me Ek Nakhlistaan pa lene ke manind he ! Agar Sambhav Ho To Wo Patra Avashya chhape jo Abraham Lincon ne Apane Bete Ke Teacher Ko Likha tha.

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  3. sach or guru shishy ki atmiyataa prakat karti rachnaa.....

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