सामान्यतः अंग्रेज़ी और हिंदी की वाक्य-सरंचना का अपना-अपना भिन्न रूप है चाहे वह दोनों में संज्ञा के स्थान पर हो या फिर क्रिया-विशेषण के स्थान पर हो और यही भिन्नता मशीनी अनुवाद में समस्याएँ उत्पन्न करती है। विशेषतया क्रिया-विशेषण की भिन्नता। अंग्रेज़ी और हिंदी की वाक्य-सरंचना का मशीनी अनुवाद में क्रिया-विशेषण की इसी भिन्नता को यहाँ विश्लेषित किया गया है।

परिभाषा- जो शब्द क्रिया की विशेषता प्रकट करते हैं वे क्रिया-विशेषण कहलाते हैं।
जैसे- 1.सोहन सुंदर लिखता है।
2.गौरव यहाँ रहता है।
3.संगीता प्रतिदिन पढ़ती है।
इन वाक्यों में ‘सुन्दर’, ‘यहाँ’ और ‘प्रतिदिन’ शब्द क्रिया की विशेषता बतला रहे हैं। अतः ये शब्द क्रिया-विशेषण हैं।

अर्थानुसार क्रिया-विशेषण के भेद-
1. कालवाचक क्रिया-विशेषण।
2. स्थानवाचक क्रिया-विशेषण।
3. परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण।
4. रीतिवाचक क्रिया-विशेषण।
5. अन्य

1. कालवाचक क्रिया-विशेषण - जिस क्रिया-विशेषण शब्द से कार्य के होने का समय ज्ञात हो वह कालवाचक क्रिया-विशेषण कहलाता है। इसमें बहुधा ये शब्द प्रयोग में आते हैं- यदा, कदा, जब, तब, हमेशा, तभी, तत्काल, निरंतर, शीघ्र, पूर्व, बाद, पीछे, घड़ी-घड़ी, अब, तत्पश्चात्, तदनंतर, कल, कई बार, अभी फिर कभी आदि। यह क्रिया-विशेषण प्रकट करता है कि काम कब हुआ।   
English
Hindi
I am going to school now
मैं अभी स्कूल को जा रहा हूँ
Noun+Verb+Prep+Noun+Adv
Noun+Adv+Noun+Prep+Verb
यहाँ पर अंग्रेज़ी में क्रिया-विशेषण अगर वाक्य के अंत में आता है तो वही क्रिया-विशेषण हिंदी वाक्य में संज्ञा के पश्चात् आता है।

English
Hindi
He arrived late for work
वह काम के लिए ऑफिस देरी से गया
Noun+Verb+Adv+Prep+Noun
Noun+Noun+Prep+Adv+Verb
यहाँ पर अंग्रेज़ी में क्रिया-विशेषण अगर क्रिया के बाद आता है तो वही क्रिया-विशेषण हिंदी वाक्य में क्रिया से पहले आता है।

"now" और "late" दोनों ही verb द्वारा किये जा रहे कार्य के समय के बारे में जानकारी देते हैं.
before, after, daily, never, yesterday जैसे adverbs जो verb द्वारा किये जाने वाले कार्य के समय से सम्बधित जानकारी देते हैं उन्हें adverbs of time कहते हैं। always, never, ever, often, seldom, sometimes और irregularly उन verbs के पहले आता है जिनका वे अर्थ सुधारते हैं
English
Hindi
I always go to school on time
मैं हमेशा स्कूल को समय पर जाता हूँ
Noun+Adv+Verb+Prep+Noun+Prep+Noun
Noun+Adv+Noun+Prep+Noun+Prep+Verb

English
Hindi
She never speaks a lie
वह कभी नहीं झूठ बोलती है
Noun+Adv+Verb+Det+Noun
Noun+Adv+Noun+Verb

2. स्थानवाचक क्रिया-विशेषण - जिस क्रिया-विशेषण शब्द द्वारा क्रिया के होने के स्थान का बोध हो वह स्थानवाचक क्रिया-विशेषण कहलाता है। इसमें बहुधा ये शब्द प्रयोग में आते हैं- भीतर, बाहर, अंदर, यहाँ, वहाँ, किधर, उधर, इधर, कहाँ, जहाँ, पास, दूर, अन्यत्र, इस ओर, उस ओर, दाएँ, बाएँ, ऊपर, नीचे आदि। इस क्रिया-विशेषण से पता चलता है कि काम कहाँ (किस जगह) हुआ या होना है
English
Hindi
Come here
यहाँ आओ
Verb+Adv
Adv+Verb
यहाँ "here"  का उपयोग come  के साथ किया गया है. और ये इस बात की जानकारी देता है कि कहाँ आना या जाना हैं।
in, out, here, there, under, above इस श्रेणी (adverb of place) में प्रयुक्त होने वाले कुछ शब्द हैं.

3. परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण - जो शब्द क्रिया का परिमाण बतलाते हैं वे ‘परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण’ कहलाते हैं। इसमें बहुधा थोड़ा-थोड़ा, अत्यंत, अधिक, अल्प, बहुत, कुछ, पर्याप्त, प्रभूत, कम, न्यून, बूँद-बूँद, स्वल्प, केवल, प्रायः अनुमानतः, सर्वथा आदि शब्द प्रयोग में आते हैं।

 काजल पाण्डेरचनाकार परिचय:-



27 नवंबर 1977 को दिल्ली में जन्म। दिल्ली विश्वविद्यालय से पी.एच.डी (हिंदी), एम.फिल (हिंदी) एवं एम.ए. (हिंदी)। अनुवाद में एकवर्षीय स्नात्तकोत्तर डिप्लोमा। जर्मन विदेशी भाषा में एकवर्षीय सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम। नामी पत्र-पत्रिकाओं में आलेखों का प्रकाशन। दो पुस्तकों का प्रकाशन। सम्प्रति - सी-डैक, पुणे में वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी के पद पर कार्यरत। डॉ. काजल पाण्डे वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी एप्लाइड एआई ग्रुप, प्रगत संगणन विकास केंद्र (सी-डैक) पुणे विश्वविद्यालय परिसर, गणेशखिंद पुणे - 411007 महाराष्ट्र
कुछ शब्दों का प्रयोग परिमाणवाचक विशेषण और परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण दोनों में समान रूप से किया जाता है। जैसे-थोड़ा, कम, कुछ काफी आदि। यह क्रिया-विशेषण प्रकट करता है कि काम कितनी बार हुआ
English
Hindi
I have read the book twice
मैंने दो बार किताब पढ़ी है
Noun+Aux+Verb+Det+Noun+Adv
Noun+Adv+Noun+Verb+Aux

English
Hindi
He often comes here
वह कभी कभी यहाँ आता है
Noun+Adv+Verb+Adv
Noun+Adv+Adv+Verb
"twice" और "often" दोनों ही इस बात की जानकारी देते हैं कि कितनी बार verb द्वारा किये जा रहे कार्य हो रहे हैं
often, twice, seldom, once जैसे adverbs जो verb द्वारा किये जाने वाले कार्य की संख्या के बारे में देते हैं उन्हें संख्यावाचक क्रिया-विशेषण या परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण कहते हैं।

4. रीतिवाचक क्रिया-विशेषण - जिन शब्दों के द्वारा क्रिया के संपन्न होने की रीति का बोध होता है वे ‘रीतिवाचक क्रिया-विशेषण’ कहलाते हैं। इनमें बहुधा ये शब्द प्रयोग में आते हैं- अचानक, सहसा, एकाएक, झटपट, आप ही, ध्यानपूर्वक, धड़ाधड़, यथा, तथा, ठीक, सचमुच, अवश्य, वास्तव में, निस्संदेह, बेशक, शायद, संभव हैं, कदाचित्, बहुत करके, हाँ, ठीक, सच, जी, जरूर, अतएव, किसलिए, क्योंकि, नहीं, न, मत, कभी नहीं, कदापि नहीं आदि।
5. अन्य - जब किसी वाक्य में verb के साथ उसका कोई auxiliary verb जुड़ा हो तब उस verb की विषेशता बयान करने वाला adverb प्रायः auxiliary verb और main verb के बीच प्रयुक्त होता है
English
Hindi
I have always told him to work-hard
मैंने हमेशा उसे कठिन परिश्रम के लिए बताया है
Noun+Aux+Adv+Verb+Noun+Prep+Noun
Noun+Adv+Noun+Noun+Prep+Verb+Aux

English
Hindi
He does not know my address
वह मेरा पता नहीं जानता है
Noun+Aux+Adv+Verb+Noun+Noun
Noun+Noun+Noun+Adv+Verb+Aux

5.1 Adverb जिस शब्द की विषेशता का विवरण करता है और उस adverb को पास से पास रखना चाहिए क्योंकि वाक्य में adverb की स्थिति के अनुसार वाक्य के अर्थ में परिवर्तन हो जाता है, जैसे,
I have often thought of going to my grandparent's house. यहाँ often का प्रयोग thought के साथ किया गया है Often से पता चलता है कि मैं कितनी बार सोचता हूँ
I have thought of going to my grandparent's house often. यहाँ often का प्रयोग going के साथ किया गया है. यहाँ पर पता चलता है कि मैं कितनी बार जाना चाहता हूँ

5.2 वाक्यों के आरम्भ में प्रयुक्त adverb कभी-कभी किसी एक शब्द को modify न करके सम्पूर्ण वाक्य को modify करता है.
English
Hindi
Evidently the facts are correct
यद्यपि तथ्य सहीं हैं
Adv+Det+Noun+Verb+Noun
Adv+Noun+Noun+Verb

English
Hindi
Luckily no-one was hurt in the accident

सौभाग्य से दुर्घटना में कोई नहीं घायल हुआ है।

Adv+Noun+Verb+Noun+Prep+Det+Noun
Adv+Noun+Prep+Noun+Noun+Verb

English
Hindi
Probably he is mistaken
शायद वह गलती कर गया है।
Adv+Noun+Aux+Verb
Adv+Noun+Verb+Aux

5.3 Intransitive verb की विशेषता प्रकट करने वाला adverb सामान्य रूप से उस verb के बाद आता है.
English
Hindi
My friend lives here.
मेरा दोस्त यहाँ रहता है।
Noun+Noun+Verb+Adv
Noun+Noun+Adv+Verb

English
Hindi
She speaks fluently
वह अच्छे से बोलती है
Noun+Verb+Adv
Noun+Adv+Verb

5.4 जब किसी transitive verb के बाद उसका कर्म हो तब adverb कर्म के पश्चात आता है
English
Hindi
He performed his duty carefully.
उसने अपना काम सावधानीपूर्वक करके दिखाया
Noun+Verb+Noun+Noun+Adv
Noun+Noun+Noun+Adv+Verb

Adverb of manner से काम किस प्रकार हुआ, इस बात की जानकारी मिलती है.

Adverb of degree या quality मात्रा की जानकारी मिलती है.
Adverbs of Afirmation and Negation
इस Adverb से स्वीकृती या अस्वीकृती की पुष्टी होती है.

Adverb of reason से कारण का बोध करता है.
कुछ शब्द ऐसे हैं जिनके वाक्य में प्रयोग से पता चलता है कि वह adverb है अथवा adjective या noun.
English
Hindi
This is a very sweet mango.
यह एक बहुत मीठा आम है।
Noun+Verb+Det+Adv+Adj+Noun
Noun+Det+Adv+Adj+Noun+Verb

English
Hindi
Sahib reads quite clearly
साहिब बिल्कुल स्पष्ट रूप से पढ़ता है।
Noun+Verb+Adv+Adv
Noun+Adv+Adv+Verb

यह कहा जा सकता है कि अगर अंग्रेज़ी और हिंदी में क्रिया विशेषण की भिन्नता के आधार पर ऐसे कुछ नियम बनाए जाएं तो मशीनी अनुवाद में अंग्रेजी हिंदी की वाक्यात्मक सरंचना की कठिनाईयों को सरल किया जा सकता है।

डॉ. काजल पाण्डे

पुणे

1 comments:

आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

पुस्तकालय

~~~ साहित्य शिल्पी का पुस्तकालय निरंतर समृद्ध हो रहा है। इन्हें आप हमारी साईट से सीधे डाउनलोड कर के पढ सकते हैं ~~~~~~~

डाउनलोड करने के लिए चित्र पर क्लिक करें...

आइये कारवां बनायें...

साहित्य शिल्पी, हिन्दी और साहित्य की सेवा का मंच, एक ऐसा अभियान.. जो न केवल स्थापित एवं नवीन रचनाकारों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा अपितु अंतर्जाल पर हिन्दी के प्रयोग और प्रोत्साहन का एक अभिनव सोपान भी है, अपने सुधी पाठको के समक्ष कविता, कहानी, लघुकथा, नाटक, व्यंग्य, कार्टून, समालोचना तथा सामयिक विषयो पर परिचर्चाओं के साथ साहित्य शिल्पी समूह आपके समक्ष उपस्थित है। यदि राष्ट्रभाषा हिदी की प्रगति के लिए समर्पित इस अभियान में आप भी सहयोग देना चाहते हैं तो अपना परिचय, तस्वीर एवं कुछ रचनायें हमें निम्नलिखित ई-मेल पते पर प्रेषित करें।
sahityashilpi@gmail.com
आइये कारवां बनायें...

Followers

Google+ Followers

Get widget