2014 का पद्मभूषण डॉ. मोटूरि सत्यनारायण पुरस्कार डॉ. सुधा ओम ढींगरा को [साहित्य समाचार]

2014 का पद्मभूषण डॉ. मोटूरि सत्यनारायण पुरस्कार डॉ. सुधा ओम ढींगरा को दिया जाएगा , इसकी घोषणा दिनांक 24 अप्रैल , 2015 ( शुक्रवार) को ...

जापान की राम कथा [विरासत]

जापान के एक लोकप्रिय कथा संग्रह 'होबुत्सुशू' में संक्षिप्त राम कथा संकलित है। इसकी रचना तैरानो यसुयोरी ने बारहवीं शताब्दी में ...

राम की राह पर स्वामी! [कविता] - डॉ० कौशलेन्द्र, जगदलपुर

हे स्वामी ! तुम्हें आह लगेगी उन कन्याओं की जिनके साथ आस्था के नाम पर छल करते हुये यौन दुष्कर्म करने का अभ्यस्त रहा है एक ढोंगी सं...

सुन्दर [लघुकथा] - डॉ. बलराम अग्रवाल

लड़की ने काफी कोशिश की लड़के की नज़रों को नज़रअंदाज़ करने की। कभी वह दाएँ देखने लगती, कभी बाएँ। लेकिन जैसे ही उसकी नज़र सामने पड़ती, लड...

"पत्रकारिता कोश" के 15वें अंक का विमोचन 4 मई को [साहित्य समाचार]

   मुंबई : आफताब आलम द्वारा संपादित भारत की प्रथम मीडिया डायरेक्टरी "पत्रकारिता कोश" के 15वें अंक का विमोचन आशीर्वाद संस्था ...

कोतवाल का फरमान [लघुकथा] - रामजी मिश्र 'मित्र'

बहुत दिन हो गए मान थाने नहीं गया। पत्नी रोज कहती जाओ आज शिकायत कर आओ पर उसका विश्वास टूट चुका था। वह बहुत अधिक भयभीत था। पुलिस के नाम से थर...

मेहनत किसान की [कविता] - रवि श्रीवास्तव

आखिर हम कैसे भूल गये, मेहनत किसान की, दिन हो या रात उसने, परिश्रम तमाम की। रचनाकार परिचय:- लेखक, कवि, व्यंगकार, कहानीकार, फ...

नई पौध [लघुकथा]- सुधा भार्गव

रचनाकार परिचय:- श्रीमती सुधा भार्गव का जन्म ८ मार्च, १९४२ को अनूपशहर (उत्तर प्रदेश) में हुआ। बी.ए., बी.टी., विद्याविनोदिनी, विशारद ...

no image

सीख रहा हूँ, कलम पकडना सीख रहा हूँ, आडी- तिरछी रेखाओं से, तस्वीर बनाना सीख रहा हूँ, रचनाकार परिचय:- नाम:- मनोरंजन कुमार ति...

कब अपने अधिकारों को, अधिकारी-सा मांगोगी [कविता]- पीयूष द्विवेदी

जिस गोदी में हरकोई, प्रथम नींद से जगता है ! जिस पयधारा को पीकर, हष्ट-पुष्ट सा लगता है ! उस गोदी, उस धारा की, स्वा...

फेलुन [गज़ल]- सुशील यादव

मकसद हो तो आना जाना अच्छा लगता है निभ जाए तो वफा ,निभाना अच्छा लगता है रचनाकार परिचय:- यत्रतत्र रचनाएं ,कविता व्यंग गजल प्रक...

होली बाद नमाज़ [कहानी] - क़ैस जौनपुरी

अहद एक मुसलमान है. मुसलमान इसलिए क्योंकि वह एक मुस्लिम परिवार में पैदा हुआ है। हां ये बात अलग है कि वह कभी इस बात पर जोर नहीं देता है ...

अगर हम सुधर गये [व्यंग्य]-  वीरेन्द्र सरल

नौटंकी लाल को लेंस वाले चश्में पहनकर सोते हुये देखकर मेरा दिमाग घूम गया। चश्में के प्रति इतनी आसक्ति समझ मे नही आ रही थी। आँखे कमजोर हो...

वादा [लघुकथा] - रचना व्यास

उसके बीवी बच्चे नहीं थे | इसलिए सब उसके अपने थे | जब जिसने काम बताया निस्वार्थ भाव से कर दिया | रचनाकार पर...

थाली पापा वाली [बाल कविता]-  प्रभुदयाल श्रीवास्तव

मिर्ची बहुत तेज सब्जी में. कैसे खाऊँ खाना| रचनाकार परिचय:- श्री प्रभुदयाल श्रीवास्तव का जन्म- 4 अगस्त 1944 को धरमपुरा दमो...

तरही ग़ज़ल [गज़ल] - बृजेश नीरज

अब खेल इस जहाँ के सभी जान तो गया पर पेट की ही आग में ईमान तो गया रचनाकार परिचय:- नाम- बृजेश नीरज पिता- स्व0 जगदीश नारायण सिंह...

किरिबाती का जलावतरण [आलेख] - केशव मोहन पाण्डेय

कुछ दिन पहले की बात है। यहीं कोई दो माह पहले की। मुझे अपने कार्यक्षेत्र, अपने विद्यालय से एक परियोजना पर काम करने का अवसर मिला था। पर्य...

अहसास [लघुकथा] - मनोज चौहान

सुधीर की पत्नी मालती की डिलीवरी हुए आज पांच दिन हो गए थे| उसने एक बच्ची को जन्म दिया था और वह शहर के सिविल हॉस्पिटल में एडमिट थी| सुधीर औ...

बचा है अब यही इक रास्ता क्या [ग़ज़ल] - वीनस केसरी

बचा है अब यही इक रास्ता क्या मुझे भी भेज दोगे करबला क्या तराजू ले के कल आया था बन्दर तुम्हारा मस्अला हल हो गया क्या रचनाकार परिचय:- ...

बिछोह [कविता]- शबनम शर्मा

कोख में आने से अब तक तुम्हारा स्पर्श, अहसास चहुँ ओर बिखरी तुम्हारी यादें, तुम्हारी खनकती हँसी, तुम्हारी शरारतें, रचनाकार परिच...

no image

गतांक ( संविधान-सभा में राजभाषा विचार [लेख] - भाग 4 , संविधान-सभा में राजभाषा विचार [लेख] - भाग 3 , संविधान-सभा में राजभाषा विचार [ले...

पुस्तकालय

~~~ साहित्य शिल्पी का पुस्तकालय निरंतर समृद्ध हो रहा है। इन्हें आप हमारी साईट से सीधे डाउनलोड कर के पढ सकते हैं ~~~~~~~

डाउनलोड करने के लिए चित्र पर क्लिक करें...

आइये कारवां बनायें...

साहित्य शिल्पी, हिन्दी और साहित्य की सेवा का मंच, एक ऐसा अभियान.. जो न केवल स्थापित एवं नवीन रचनाकारों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा अपितु अंतर्जाल पर हिन्दी के प्रयोग और प्रोत्साहन का एक अभिनव सोपान भी है, अपने सुधी पाठको के समक्ष कविता, कहानी, लघुकथा, नाटक, व्यंग्य, कार्टून, समालोचना तथा सामयिक विषयो पर परिचर्चाओं के साथ साहित्य शिल्पी समूह आपके समक्ष उपस्थित है। यदि राष्ट्रभाषा हिदी की प्रगति के लिए समर्पित इस अभियान में आप भी सहयोग देना चाहते हैं तो अपना परिचय, तस्वीर एवं कुछ रचनायें हमें निम्नलिखित ई-मेल पते पर प्रेषित करें।
sahityashilpi@gmail.com
आइये कारवां बनायें...

Followers

Google+ Followers

Get widget