अलीगढ़। 27 मई को बाल रचनाकारों की अपनी पत्रिका अभिनव बालमन द्वारा शिप्रस स्कूल में राष्ट्रीय बाल संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय रहा ‘पाठ्यक्रम में बच्चों की प्रासंगिकता’। शाहजहाँपुर से आए सुप्रसिद्ध बाल साहित्यकार डॉ. मोहम्मद साजि़द ख़ान, जन शिक्षा समिति, ब्रज प्रदेश के प्रदेश निरीक्षक गोपीनाथ अग्निहोत्री, ब्रिलिएण्ट पब्लिक स्कूल के श्याम कुन्तेल, तेवरी पक्ष के सम्पादक रमेश राज प्रमुख वक्ता रहे।

संगोष्ठी का शुभारम्भ माँ शारदे के दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ।

शाहजहाँपुर से आए सुप्रसिद्ध बाल साहित्यकार डॉ. मोहम्मद साजि़द ख़ान ने कहा कि हमें खेल-खेल में सीखो पद्धति का अधिक से अधिक प्रयोग करना होगा। पाठ्यक्रम में भारतीय भाषाओं का प्रयोग होना चाहिए। पाठ्यक्रम मे इन्द्रियों से अनुभव कर सीखने पर जोर देना होगा। जब बच्चा अनुभव करेगा तो उसका ज्ञान स्थाई होगा। पाठ्यक्रम और साहित्य दोनों अलग हैं। साहित्य, संगीत और कला, इन तीनों को पाठ्यक्रम में समाहित करना होगा तभी पाठ्यक्रम व्यवहारिक होगा।

जन शिक्षा समिति, बृज प्रदेश, मथुरा के प्रदेश निरीक्षक गोपीनाथ अग्निहोत्री ने कहा कि बच्चे गीली मिट्टी के समान है। उन्हें कोई भी आकार दिया जा सकता है, लेकिन बच्चा सजीव है और उसे आकार देने में ध्यान रखना होगा कि उसमें सृजनात्मकता और संवेदना हो। हमें बच्चों की अभिरुचियों, विचारों आदि को समझकर पाठ्यक्रम में शामिल करना होगा।

ब्रिलिएण्ट पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. श्याम कुन्तेल ने कहा कि शिक्षा नीति पर पुनः विचार हर वर्ष होना चाहिए। पाठ्यक्रम के व्यवहारिक प्रयोगों के अनुसार ज्ञान देना चाहिए। सामाजिक विज्ञान में बच्चों को जोड़ना होगा। बच्चे आजकल रचनात्मक लेखन की ओर बढ़ रहे हैं। अमरीका, इंग्लैण्ड जैसे देशों के बच्चों में रचनात्मकता नहीं है जो कि हमारे देश के बच्चों में है। हम अपने लक्ष्य में तो ये लिखते हैं कि सर्वांगीण विकास कर रहे हैं पर न ही खेल का मैदान होता है, न पुस्तकालय होता है, न प्रयोगषाला होती है।

संगोष्ठी में बच्चों को रचनात्मकता के प्रति प्रेरित करने के लिए निशा अरोरा, अनीता गुप्ता, रचना गुप्ता , डॉ. चन्द्रषेखर शर्मा ‘शेखर’ को ‘अभिनव बाल प्रेरक सम्मान’ प्रदान किया गया। संगोष्ठी में निश्चल, सौरभ राज, लीना शर्मा, आशीश, पल्लव, देवाषीश, सुशांत, राहुल, अपूर्व, पल्लव अरोरा, संध्या, अमिता माहेश्वरी, अजय कुमार, चन्द्रलोक, नवीन, अनुभव, अतुल शर्मा, डॉ. अभिनेश शर्मा, दिलीप शर्मा, रामसनेही, रजत, विनोद कुमार, आदि उपस्थित रहे।

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