27 जुलाई 2015 की शाम अवुल पकिर जैनुलाबदीन अब्दुल कलाम अथवा डॉक्टर ए॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम (15 अक्टूबर 1931 - 27 जुलाई 2015) जिन्हें मिसाइल मैन और जनता के राष्ट्रपति के नाम से जाना जाता था, भारतीय प्रबंधन संस्थान में 'रहने योग्य ग्रह' पर एक व्याख्यान दे रहे थे जब उन्हें जोरदार कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) हुआ और ये बेहोश हो कर गिर पड़े। लगभग 6:30 बजे गंभीर हालत में इन्हें बेथानी अस्पतालों में आईसीयू में ले जाया गया और दो घंटे के बाद इनकी मृत्यु की पुष्टि कर दी गई। अस्पताल के सीईओ जॉन साइलो ने बताया कि जब कलाम को अस्पताल लाया गया तब उनकी नब्ज और ब्लड प्रेशर साथ छोड़ चुके थे। अपने निधन से लगभग 9 घण्टे पहले ही उन्होंने ट्वीट करके बताया था कि वह शिलोंग आईआईएम में लेक्चर के लिए जा रहे हैं।

डॉक्टर कलाम भारतीय गणतंत्र के ग्यारहवें निर्वाचित राष्ट्रपति थे। वे भारत के पूर्व राष्ट्रपति, जानेमाने वैज्ञानिक और अभियंता के रूप में विख्यात हैं। इन्होंने मुख्य रूप से एक वैज्ञानिक और विज्ञान के व्यवस्थापक के रूप में चार दशकों तक रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) संभाला व भारत के नागरिक अंतरिक्ष कार्यक्रम और सैन्य मिसाइल के विकास के प्रयासों में भी शामिल रहे। इन्हें बैलेस्टिक मिसाइल और प्रक्षेपण यान प्रौद्योगिकी के विकास के कार्यों के लिए भारत में मिसाइल मैन के रूप में जाना जाने लगा।

इन्होंने 1974 में भारत द्वारा पहले मूल परमाणु परीक्षण के बाद से दूसरी बार 1998 में भारत के पोखरान-द्वितीय परमाणु परीक्षण में एक निर्णायक, संगठनात्मक, तकनीकी और राजनैतिक भूमिका निभाई।

कलाम सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी व विपक्षी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस दोनों के समर्थन के साथ 2002 में भारत के राष्ट्रपति चुने गए। पांच वर्ष की अवधि की सेवा के बाद, वह शिक्षा, लेखन और सार्वजनिक सेवा के अपने नागरिक जीवन में लौट आए। इन्होंने भारत रत्न, भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त किये।

साहित्यशिल्पी परिवार की ओर से इस महान व्यक्तित्व को सादर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पढ़ते हैं, क़ैस जौनपुरी की कविता "पहुँचे उनको मेरा सलाम":
तुमने सुना?
दुनिया से एक नेक इंसान कम हो गया...
कौन?
कौन....क्या कहूँ...?

कलम की ताक़त कलाम
मुस्कुराने की आदत कलाम
बच्चों के प्यारे कलाम
ए पी जे अब्दुल कलाम
वो जो हमेशा मुस्कुराते रहे
आगे बढ़ना सिखाते रहे
आख़िरी दम तक भी वो
जीना क्या है बताते रहे
ऐसे थे वो नेक इंसान
पहुँचे उनको मेरा सलाम

गवाह है पूरा हिन्दुस्तान
थे वो राष्ट्रपति महान
काम था जिनका बाँटना ज्ञान
कर्मभूमि जिसकी विज्ञान
ऐसे थे वो नेक इंसान
पहुँचे उनको मेरा सलाम

5 comments:

  1. विनम्र श्रद्धांजली.... कलाम साहब के साथ भारत के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया...:(

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  2. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिनसक्रियता के जीवन्त परिचायक कलाम साहब - ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है.... आपके सादर संज्ञान की प्रतीक्षा रहेगी..... आभार...

    उत्तर देंहटाएं
  3. humne ek kimti ratn kho diya or shayed hi koi inki barpai kar payaga

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  4. विनम्र श्रधांजलि !
    कलाम साहब हमारे दिलो में है जिन्होंने भारत को विश्व में प्रतिष्ठा दिलाई, जिनके लिए अमेरिका ने भी अपना झंडा झुका दिया!
    आभार.......

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  5. l बहुमुखी प्रतिभा के धनी और “मिसाइल मैन” के नाम से विख्यात अब्दुल कलाम देश के सर्वोच्च पद पर भी आसीन रहे l कई सम्मान प्राप्त कर चुके कलाम को देश के सर्वोच्च सम्मान “भारत रत्न” से भी नवाजा जा चुका है l देश को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पहचान देने वाले कलाम को आने वाली पीढियां हमेशा अपने दिलों में रखेंगी l कलाम का साहित्य में भी विशेष दखल रहा है l एक सफल बैज्ञानिक , बेहतरीन राष्ट्रपति , लेखक और कवि , एक मर्मस्पर्शी इंसान , सादगी पसंद जीवन ये ऐसे गुण है जो कि उनके व्यक्तित्व को भीड़ में अलग करते थे l डॉ. कलाम का बच्चपन कड़े संघर्षो से होकर गुजरा था , वे हमेशा ही एक आम आदमी बनकर रहे l सफलता को उन्होंने कभी भी अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया l अपने अंतिम क्षणों में भी वे राष्ट्र की सेवा करते हुए विदा हो गए l कलाम एक ऐसी शख्सियत थे जो भावी पीढ़ियों के लिए हमेशा एक आदर्श और प्रेरक रहेंगे l ऐसी विभूति को शत - 2 नमन !

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