दादा-दादी या नाना-नानी को पत्र लिखें और ईनाम पायें
डाक विभाग द्वारा राष्ट्रीय डाक सप्ताह के दौरान 13 अक्टूबर को होगी राष्ट्रीय स्तर पर पत्र लेखन प्रतियोगिता
अपनी छुट्टियां कैसे बिताई, स्कूल में मेरा एक दिन या मेरी पसंदीदा पुस्तक पर लिखना होगा पत्र

आपको याद है कि आपने अपने दादा-दादी या नाना-नानी को कब पत्र लिखा था। यदि नहीं लिखा तो आत्मीय संवाद का यह जरिया डाक विभाग एक प्रतियोगिता के माध्यम से उपलब्ध कराने जा रहा है और यदि आपका पत्र अच्छा लगा तो उसे पुरस्कृत भी किया जायेगा। इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि स्कूली छात्र/छात्राओं में पत्र लेखन के प्रति रूझान उत्पन्न करने तथा फिलेटली के प्रति रूचि जागृत करने हेतु राष्ट्रीय डाक सप्ताह (9-15 अक्टूबर) के दौरान 13 अक्टूबर को फिलेटली दिवस पर देश में प्रत्येक डाक मण्डल के मुख्यालय पर  पत्र लेखन प्रतियोगिता  का आयोजन किया जायेगा।

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि जूनियर वर्ग (कक्षा प्रथम से पांचवी तक) एवं सीनियर वर्ग (कक्षा छः से दसवीं तक) के तहत आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता में छात्र/छात्राओं को अपने दादा-दादी/नाना-नानी के नाम दिए गए तीन विषयों  में से किसी एक पर पत्र लिखना होगा। ये विषय हैं -मैंने अपनी छुट्टियां कैसे बिताई, स्कूल में मेरा एक दिन या मेरी पसंदीदा पुस्तक। पत्र अंतर्देशीय पत्र/कागज की शीट पर लिखना होगा जिसे डाक टिकट लगे लिफाफे में बंद किया जाना है, जो कि डाक विभाग द्वारा उपलब्ध कराये जाएंगे। श्री यादव ने कहा कि इन पत्रों को प्रतिभागी बच्चों के दादा-दादी/नाना-नानी तक वितरित करने की भी व्यवस्था की जाएगी।  इसके लिए सभी  प्रतिभागियों  को अपने दादा-दादी/नाना-नानी, जिनको वे पत्र लिखना चाहते हैं, का डाक पता पिन कोड सहित लाना होगा।  प्रतिभागियों को प्रेषक व प्रेषित का सही पता लिखने का तरीका भी इस दौरान बताया जायेगा। 

श्री यादव ने बताया कि प्रविष्टियों का मूल्यांकन मंडल स्तर पर साहित्यकारों और शिक्षाविदों की कमेटी द्वारा किया जायेगा और  प्रथम तीन स्थान पाने वाली प्रविष्टियों को क्रमश: रूपये 500, 251, व 151 और प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया जायेगा। हर मंडल की दो श्रेष्ठ प्रविष्टि को परिमण्डल कार्यालय,  स्तर पर भेजा जायेगा और परिमण्डल स्तर पर प्रथम तीन स्थान पर आने वाली प्रविष्टियों को क्रमश: 5100/-, 3100/- व 2100/- रूपये का नगद पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र प्रदान किये जायेंगे। परिमण्डल स्तर पर प्रथम तीन स्थानों पर रही प्रविष्टियों को डाक महानिदेशालय, नई दिल्ली  भेजा जायेगा, जहाँ राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठतम तीन प्रविष्टियों का चयन कर उन्हें उत्कृष्ट पुरस्कार प्रदान किया जायेगा।  
**********************************************************************************
सधन्यवाद !

निदेशक डाक सेवाएं 
राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर - 342001

************************
कृष्ण कुमार यादव : सम्प्रति भारत सरकार में निदेशक. प्रशासन के साथ-साथ साहित्य, लेखन और ब्लाॅगिंग के क्षेत्र में भी चर्चित नाम । जवाहर नवोदय विद्यालय-आज़मगढ़ एवं तत्पश्चात इलाहाबाद विश्वविद्यालय से 1999 में राजनीति-शास्त्र में परास्नातक. देश की प्राय: अधिकतर प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं एवं इंटरनेट पर वेब पत्रिकाओं व ब्लॉग पर रचनाओं का निरंतर प्रकाशन. व्यक्तिश: 'शब्द-सृजन की ओर' और 'डाकिया डाक लाया' एवं युगल रूप में सप्तरंगी प्रेम, उत्सव के रंग और बाल-दुनिया ब्लॉग का सञ्चालन. इंटरनेट पर 'कविता कोश' में भी कविताएँ संकलित. 50 से अधिक पुस्तकों/संकलनों में रचनाएँ प्रकाशित. आकाशवाणी और दूरदर्शन पर प्रसारण. कुल 5 कृतियाँ प्रकाशित- 'अभिलाषा' (काव्य-संग्रह,2005) 'अभिव्यक्तियों के बहाने' व 'अनुभूतियाँ और विमर्श' (निबंध-संग्रह, 2006 व 2007), 'India Post : 150 Glorious Years' (2006) एवं 'क्रांति-यज्ञ : 1857-1947 की गाथा' .विभिन्न सामाजिक-साहित्यिक संस्थाओं द्वारा 50 से ज्यादा सम्मान और मानद उपाधियाँ प्राप्त. व्यक्तित्व-कृतित्व पर 'बाल साहित्य समीक्षा' (सं. डा. राष्ट्रबंधु, कानपुर, सितम्बर 2007) और 'गुफ्तगू' (सं. मो. इम्तियाज़ गाज़ी, इलाहाबाद, मार्च 2008) पत्रिकाओं द्वारा विशेषांक जारी. व्यक्तित्व-कृतित्व पर एक पुस्तक 'बढ़ते चरण शिखर की ओर : कृष्ण कुमार यादव' (सं0- दुर्गाचरण मिश्र, 2009) प्रकाशित.

संपर्क : कृष्ण कुमार यादव, भारतीय डाक सेवा, निदेशक डाक सेवाएँ, राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर - 342001
ई-मेलः kkyadav.y@rediffmail.com
ब्लॉग:www.kkyadav.blogspot.com, www.dakbabu.blogspot.com

2 comments:

आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

पुस्तकालय

~~~ साहित्य शिल्पी का पुस्तकालय निरंतर समृद्ध हो रहा है। इन्हें आप हमारी साईट से सीधे डाउनलोड कर के पढ सकते हैं ~~~~~~~

डाउनलोड करने के लिए चित्र पर क्लिक करें...

आइये कारवां बनायें...

साहित्य शिल्पी, हिन्दी और साहित्य की सेवा का मंच, एक ऐसा अभियान.. जो न केवल स्थापित एवं नवीन रचनाकारों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा अपितु अंतर्जाल पर हिन्दी के प्रयोग और प्रोत्साहन का एक अभिनव सोपान भी है, अपने सुधी पाठको के समक्ष कविता, कहानी, लघुकथा, नाटक, व्यंग्य, कार्टून, समालोचना तथा सामयिक विषयो पर परिचर्चाओं के साथ साहित्य शिल्पी समूह आपके समक्ष उपस्थित है। यदि राष्ट्रभाषा हिदी की प्रगति के लिए समर्पित इस अभियान में आप भी सहयोग देना चाहते हैं तो अपना परिचय, तस्वीर एवं कुछ रचनायें हमें निम्नलिखित ई-मेल पते पर प्रेषित करें।
sahityashilpi@gmail.com
आइये कारवां बनायें...

Followers

Google+ Followers

Get widget