चांद-निजामी बंधुओं ने शमा बांधा

·         बायोस्कोप ने क्षेत्रीय फिल्मों को दी प्रमुखता
·         शाकिर ख़ान ने पेश दिया सितार-वादन का परफॉरमेंस
·         म्यूज़िक कम्पोज़र इस्माइल दरबार भी हुए शामिल

नई दिल्ली। बायोस्कोप फिल्म फेस्टिवल समारोह के समापन समारोह में चांद निजामी बंधु की कव्वाली व शाहनवाज़ अहमद के सितार वादन की धुन ने दर्शकों को झूमा दिया। चांद-निज़ामी बंधुओं द्वारा गुनफाया, गुनफाया…’ की धुन पर तालियां बजती रहीं। कार्यक्रम में मशहूर कॉमेडियन शंभु शंकर की कॉमेडी पर भी खूब ठहाके लगे। इसके अलावा धुरी (पंजाब) डीपीएस के बच्चों ने भी कार्यक्रम पेश किया। इस मौके पर मशहूर म्यूज़िक कम्पोज़र इस्माइल दरबार, अभिनेत्री रामेश्वरी, लेखराज टंडन, फिल्म अभिनेता कंवलजीत समेत मनोरंजन जगत की बड़ी हस्तियां शामिल हुईं। संसद मार्ग स्थित एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में 11 दिसंबर से चल रहे इस फिल्म महोत्सव का शुभारंभ दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने किया था।

इस मौके पर कार्यक्रम के मुख्य आयोजक आलोक भारद्वाज ने कहा, इस फिल्म महोत्सव की थीम महिला सशक्तिकरण है और इस फिल्म फेस्टिवल में क्षेत्रीय भाषाओं की कई मशहूर फिल्मों को शामिल किया गया है जिसे देखने हरदिन हज़ारों की संख्या में लोग आ रहे हैं। वहीं फेस्टिवल निदेशक ज्योति अरोड़ा ने कहा कि ये फिल्म फेस्टिवल एक सकारात्मक पहल है समाज में महिलाओं की दशा और दिशा को सुधारने का। वहीं, धुरी (पंजाब) दिल्ली पब्लिक स्कूल के महानिदेशक प्रो. एसएन कुलकर्णी ने कहा कि इस फेस्टिवल में नॉमिनेटेड 15 फिल्मों को अगले वर्ष पोलैंड में होने वाले फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित किया जाएगा। श्री कुलकर्णी ने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं को हमारे देश के अलावा विदेशों में ख्याति दिलवाना बायोस्कोप फिल्म फेस्टिवल का उद्देश्य है।

कार्यक्रम के समापन समारोह पर इस फेस्टिवल में चयनित विशिष्ट फिल्मों, बेस्ट डायरेक्टर्स, एक्टर्स, एक्ट्रेस, फीचर फिल्म्स, शॉर्ट फिल्म्स, बेस्ट डोक्यूमेंट्री को अवॉर्ड भी दिए गए। समापन समारोह के अवसर पर चौथी दुनिया के प्रबंध संपादक संतोष भारतीय, मगर ऑर्गेनिक की प्रमुख रीना भारतीय, मेडिटेशन गुरु व सेलिब्रेटिंग लाइफ फाउंडेशन की प्रमुख अर्चना दीदी समेत कई बड़ी हस्ती शामिल हुए। फिल्म महोत्सव के उद्घाटन के मौके पर दिल्ली कमीशन फॉर वूमेन की चेयरपर्सन स्वाति मालिवाल, अनिल वाध्वा, हरभजन मान, रीना भारतीय, अनुश्री देवी समेत कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। वहीं निर्णायक मंडल में लेखराज टंडन, मालती सहाय, पंडित गौतम कौल, रामेश्वरी, कंवलजीत सिंह, अनीस बजमी, मिलिंद यूके, शिरीष दोभाल, विनिता गुप्ता, ओम गुप्ता, सविता राज आदि शामिल रहे।
 




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