सुप्रसिद्ध कवि डॉ० हरिवंशराय बच्चन किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं. आज उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर साहित्यशिल्पी परिवार की ओर से उन्हें हार्दिक श्रद्धांजलि! किसी भी रचनाकार को याद करने के लिये उसकी रचना से बेहतर तरीका नहीं हो सकती. अत: इस अवसर पर आज आइये पढ़ते हैं बच्चन जी की ही एक रचना:-
नीड़ का निर्माण फिर-फिर,
नेह का आह्वान फिर-फिर!

वह उठी आँधी कि नभ में,
छा गया सहसा अँधेरा,
धूलि धूसर बादलों नें
भूमि को भाँति घेरा,
रात-सा दिन हो गया, फिर
रात आई और काली,
लग रहा था अब न होगा
इस निशा का फिर सवेरा,
रात के उत्‍पात-भय से
भीत जन-जन, भीत कण-कण
किंतु प्राची से उषा की
मोहनी मुसकान फिर-फिर,
नेह का आह्वान फिर-फिर,

वह चले झोंके कि काँपे
भीम कायावान भूधर,
जड़ समेत उखड़-पुखड़कर
गिर पड़े, टूटे विटप वर,
हाय, तिनकों से विनिर्मित
घोंसलों पर क्‍या न बीती,
डगमगाए जबकि कंकड़,
ईंट, पत्‍थर के महल-घर;
बोल आशा के विहंगम,
किस जगह पर तू छिपा था,
जो गगन चढ़ उठाता
गर्व से निज तान फिर-फिर!
नीड़ का निर्माण फिर-फिर,
नेह का आह्वान फिर-फिर!

क्रुद्ध नभ के वज्र दंतों
में उषा है मुसकराती,
घोर गर्जनमय गगन के
कंठ में खग पंक्ति गाती;
एक चिड़‍या चोंच में तिनका
लिए जो गा रही है,
वह सहज में ही पवन
उंचास को नीचा दिखाती!
नाश के दुख से कभी
दबता नहीं निर्माण का सुख
प्रलय की निस्‍तब्‍धता से
सृष्टि का नव गान फिर-फिर!
नीड़ का निर्माण फिर-फिर,
नेह का आह्वान फिर-फिर!

3 comments:

  1. डॉ० हरिवंशराय बच्चन जी स्कूल में पढ़ी यह कविता पढ़वाने के लिए आभार!
    बच्चन जी को सादर श्रद्धा सुमन!

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. बच्चन जी को हमारी भी श्रद्धांजलि. बच्चन जी उस दौर के कवि हैं जब छायावाद से प्रगतिवाद की आहट आने लगी थी.

      हटाएं
  2. फेसबुक पर
    Agat Shukla, Anil Mishra, Lal Baghel और 15 अन्य को यह पसंद है.
    टिप्पणियाँ
    Jitendra Kumar Jitu
    Jitendra Kumar Jitu very ncie sir
    नापसंद · जवाब दें · 1 · 18 जनवरी को 03:19 अपराह्न बजे
    Shivkumar Shivesh
    Shivkumar Shivesh मेरी साहित्यिक यात्रा मे डॉ बच्चन जी के साथ विशद साहित्यिक परिचर्या के सुखद संयोग हैं।
    नापसंद · जवाब दें · 1 · 18 जनवरी को 04:54 अपराह्न बजे

    Rahul Bhardwaj
    401 आपसी मित्र
    मित्र
    मित्र
    Rakesh Chandra Sharma
    43 आपसी मित्र
    मित्र
    मित्र
    Faruq Kakarzai
    73 आपसी मित्र
    मित्र
    मित्र
    Puneet Bisaria
    956 आपसी मित्र
    मित्र
    मित्र
    Shrawan Singh
    43 आपसी मित्र
    मित्र
    मित्र
    Nitin Sinha
    144 आपसी मित्र
    मित्र
    मित्र
    Anupam Baxi
    1 आपसी मित्र
    मित्र
    मित्र
    Agat Shukla
    26 आपसी मित्र
    मित्र
    मित्र
    Lal Baghel
    116 आपसी मित्र
    मित्र
    मित्र
    Jitendra Kumar Jitu
    7 आपसी मित्र
    मित्र
    मित्र
    Pankaj Tiwari
    3 आपसी मित्र
    मित्र
    मित्र
    Aditya Singh
    13 आपसी मित्र
    मित्र
    मित्र
    Anil Mishra
    173 आपसी मित्र
    मित्र
    मित्र
    Virendra Yadav
    37 आपसी मित्र
    मित्र
    मित्र
    Rajesh Mantri
    187 आपसी मित्र
    Lalchand Sharma
    1 आपसी मित्र
    Sadhna Shukla
    Saumya Dhawan
    3 आपसी मित्र

    उत्तर देंहटाएं

आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

पुस्तकालय

~~~ साहित्य शिल्पी का पुस्तकालय निरंतर समृद्ध हो रहा है। इन्हें आप हमारी साईट से सीधे डाउनलोड कर के पढ सकते हैं ~~~~~~~

डाउनलोड करने के लिए चित्र पर क्लिक करें...

आइये कारवां बनायें...

साहित्य शिल्पी, हिन्दी और साहित्य की सेवा का मंच, एक ऐसा अभियान.. जो न केवल स्थापित एवं नवीन रचनाकारों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा अपितु अंतर्जाल पर हिन्दी के प्रयोग और प्रोत्साहन का एक अभिनव सोपान भी है, अपने सुधी पाठको के समक्ष कविता, कहानी, लघुकथा, नाटक, व्यंग्य, कार्टून, समालोचना तथा सामयिक विषयो पर परिचर्चाओं के साथ साहित्य शिल्पी समूह आपके समक्ष उपस्थित है। यदि राष्ट्रभाषा हिदी की प्रगति के लिए समर्पित इस अभियान में आप भी सहयोग देना चाहते हैं तो अपना परिचय, तस्वीर एवं कुछ रचनायें हमें निम्नलिखित ई-मेल पते पर प्रेषित करें।
sahityashilpi@gmail.com
आइये कारवां बनायें...

Followers

Google+ Followers

Get widget