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बदली छायी
 डा. महेंद्र भटनागर रचनाकार परिचय:-


डा. महेंद्रभटनागर
सर्जना-भवन, 110 बलवन्तनगर, गांधी रोड, ग्वालियर -- 474 002 [म. प्र.]

फ़ोन : 0751-4092908 / मो. 98 934 09793
E-Mail : drmahendra02@gmail.com
drmahendrabh@rediffmail.com

मौसम कितना बदल गया!
सब ओर कि दिखता
नया-नया!
सपना - जो देखा था
साकार हुआ,
अपने जीवन पर
अपनी किस्मत पर
अपना अधिकार हुआ।
समता का
बोया था जो बीज-मंत्र
पनपा, छतनार हुआ।
सामाजिक-आर्थिक
नयी व्यवस्था का आधार बना।
शोषित-पीड़ित जन-जन जागा,
नवयुग का छविकार बना।
साम्य-भाव के नारों से
नभ-मंडल दहल गया!
मौसम कितना बदल गया!

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3 comments:

  1. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन 'कजली का शौर्य और ब्लॉग बुलेटिन’ में शामिल किया गया है.... आपके सादर संज्ञान की प्रतीक्षा रहेगी..... आभार...

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  2. "बदली छायी" बहुत खूब रचना

    उत्तर देंहटाएं

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