रचनाकाररचनाकार परिचय:-

अतुल कन्नौजवी
Atul Kushwah (Shayar Atul kannaujvi)
Sr. sub editor, Naidunia Media, Gwalior (M.P.)
Ph. 0751- 4711032
mob- +91 7489007662.
एक करतब दूसरे करतब से भारी देखकर
मुल्क भी हैरान है ऐसा मदारी देखकर,

जिनके चेहरे साफ दिखते हैं मगर दामन नहीं
शक उन्हें भी है तेरी ईमानदारी देखकर,

उम्रभर जो भी कमाया मिल गया सब खाक में
चढ गया फांसी के फंदे पर उधारी देखकर,

मुल्क के हालात कैसे हैं पता चल जाएगा
देखकर कश्मीर या कन्याकुमारी देखकर,

सर्द मौसम में यहां तो धूप भी बिकने लगी
हो रही हैरत तेरी दूकानदारी देखकर,

इस तरह के नोट चूरन में निकलते थे कभी
सब यही कहते दिखे कल दो हजारी देखकर,

देखने सूरत गया था आइने के सामने
आईना रोने लगा हालत हमारी देखकर।। #




5 comments:

  1. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" शुक्रवार 02 दिसम्बर 2016 को लिंक की गई है.... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  2. बहुत खूब ... हर शेर आज के हालात को बाखूबी बयान कर रहा है ... सुभान अल्ला ...

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  3. ग़ज़ल की शक़्ल में ताज़ातरीन हालात को पेश करने का अनूठा अंदाज़ खूब भाया अतुल जी. लिखते रहिये..

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