IMAGE1
कितनी बेबस है नारी जहां में
न हंस पाती है, न रो पाती है
औरों की खुशी और गम में
बस उसकी उमर कट जाती है


 कवि दीपक शर्मा रचनाकार परिचय:-



कवि दीपक शर्मा
चंदौसी, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश
मोबाईल: ९९७१६९३१३१ ई मेल- deepakshandiliya@gmail.com,kavyadharateam@gmail.com

1.

हाथों में ले तुलसी माला ,काँधों पर भगवा दुशाला
आभूषण से लद्लद सीना ,चन्दन से रंगारंग हाला
खुद को प्रभु संत कहते हैं , महंगी कारों में चलते हैं
दौलत वाले प्यारे इनको दरिद्र भक्त बहुत खलते हैं .

कंप्यूटर में महारत हासिल ,मोबाईल आदत में शामिल
याद सभी ब्रांड मुँहज़ुबानी , हाथ समूचे करते झिलमिल
सिंहासन पर बैठ इतराते बस संकेतों से ही बतियाते
जब सत्य प्रश्नों से घबरा जाते,चीख-चीख ख़ूब गरियाते

भोज में छप्पन भोग चाहिए ,घी देशी का छोंक चाहिए
मिनरल वाटर,शीतल पेय पर नहीं कोई भी रोक चाहिए
ताम झाम के पुर शौक़ीन, देते प्रवचन केवल मन्चासीन
ले लाखों की गठरी एवज में फिर हो जाते मय आधीन

पंखा झलती उर्वशी रम्भा ,आम भक्त खा जाए अचम्भा
पैरोडी के भजन पे झूमें,किराये की नचनी हिला नितम्बा
बाहुबली से सेवक घेरा, महामण्डलेश्वर का बड़ा सा डेरा
क्या तेरा और क्या भक्त मेरा ,यहाँ सब कुछ मेरा ही मेरा

क्या संतों का स्वरूप बदल गया,क्या जग का प्रारूप बदल गया
उपदेशों की भाषा बदल गई,"दीपक" दरवेशों का रूप बदल गया
क्या कलयुगी संत ऐसे होते हैं जो राजनेताओं के घर पे सोते हैं
जो मोह माया से निकल नहीं पाते ,स्वं वासना के पुतले होते हैं ?

कवि दीपक शर्मा
सर्वाधिकार @कवि दीपक शर्मा

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

पुस्तकालय

~~~ साहित्य शिल्पी का पुस्तकालय निरंतर समृद्ध हो रहा है। इन्हें आप हमारी साईट से सीधे डाउनलोड कर के पढ सकते हैं ~~~~~~~

डाउनलोड करने के लिए चित्र पर क्लिक करें...

आइये कारवां बनायें...

साहित्य शिल्पी, हिन्दी और साहित्य की सेवा का मंच, एक ऐसा अभियान.. जो न केवल स्थापित एवं नवीन रचनाकारों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा अपितु अंतर्जाल पर हिन्दी के प्रयोग और प्रोत्साहन का एक अभिनव सोपान भी है, अपने सुधी पाठको के समक्ष कविता, कहानी, लघुकथा, नाटक, व्यंग्य, कार्टून, समालोचना तथा सामयिक विषयो पर परिचर्चाओं के साथ साहित्य शिल्पी समूह आपके समक्ष उपस्थित है। यदि राष्ट्रभाषा हिदी की प्रगति के लिए समर्पित इस अभियान में आप भी सहयोग देना चाहते हैं तो अपना परिचय, तस्वीर एवं कुछ रचनायें हमें निम्नलिखित ई-मेल पते पर प्रेषित करें।
sahityashilpi@gmail.com
आइये कारवां बनायें...

Followers

Google+ Followers

Get widget