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आओ एक परिवार बनाएँ [कविता] - किरण सिन्धु

आओ एक परिवार बनाएँ,
रिश्ते खून से नहीं दर्द से बना करते हैं.
तुम मेरी आँखों के आँसू पोंछ देना,
मैं तुम्हारे होठों पर मुस्कान सजा दूँ.
हम लड़ें अपनी परिस्थितियों से,
और एक दूसरे की जीत का महोत्सव मनाएँ,
बँटवारा जमीन नहीं, हमारे सुख - दुःख का हो,
क्योंकि जमीन पर खिंछी हुई लकीर,
हृदय को भी बाँटती है.

आओ अर्जित करें सम्मान का धन,
संचित करें अपनापन,
विस्मृत करें वैमनस्य,
स्थापित रहे सामंजस्य,
शमित हो अंहकार,
बस प्रेम का हो संचार,
बस प्रेम का हो संचार.

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13 टिप्पणियाँ

  1. हम लड़ें अपनी परिस्थितियों से,
    और एक दूसरे की जीत का महोत्सव मनाएँ,
    बँटवारा जमीन नहीं, हमारे सुख - दुःख का हो,
    क्योंकि जमीन पर खिंछी हुई लकीर,
    हृदय को भी बाँटती है.

    सोच से भरी कविता।

    जवाब देंहटाएं
  2. किरण जी, साहित्य शिल्पी पर आपका स्वागत। उम्मीद से भरी कविता अच्छी लगी -

    तुम मेरी आँखों के आँसू पोंछ देना,
    मैं तुम्हारे होठों पर मुस्कान सजा दूँ.
    हम लड़ें अपनी परिस्थितियों से,
    और एक दूसरे की जीत का महोत्सव मनाएँ,

    जवाब देंहटाएं
  3. तुम मेरी आँखों के आँसू पोंछ देना,
    मैं तुम्हारे होठों पर मुस्कान सजा दूँ

    आज के ज़रुरत है ये..........ऐसे समाज का निर्माण होना चाहिए ..अच्छी रचना है..........

    जवाब देंहटाएं
  4. किरण जी आपकी पंक्तियाँ गद्य अधिक हो गयी हैं। एक स्वस्थ सोच है आपकी कविता में।

    जवाब देंहटाएं
  5. पंकज सक्सेना2 जून 2009 को 3:51 pm

    कविता और अच्छी हो सकती थी। भाव अच्छे लगे।

    जवाब देंहटाएं
  6. बहुत अच्छी कविता है, बधाई।

    जवाब देंहटाएं
  7. ये कविता पढ़ कर , ख़ास तौर पर दूसरा पद , बचपन में होने वाली स्कूली प्रार्थना याद आ गयी | जो कि सुखद रहा | सन्देश स्पष्ट और सामयिक है |
    कविता कि शुरुआत मुक्त छंद से हुई और ख़त्म होते होते तुकांत शैली दिखाई देने लगी जो कि कविता के ढांचे को ज़रा confused सा बनाता है ...
    फिर भी एक सुन्दर भाव से परिपूर्ण कविता लिखने के लिए बधाई |

    जवाब देंहटाएं
  8. आप की कविता पर कमेन्ट करने औकात ही नहीं है मैं तो इतना ही कहूँगा बेहतरीन ये लेनी दिल, को छू गयी रिश्ते खून से नहीं दर्द से बना करते हैं.
    सादर
    प्रवीण पथिक
    9971969084

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  9. किरन जी बहुत अच्छी कविता है।

    जवाब देंहटाएं
  10. प्रेरणा देती कविता के लिए किरण जी को बहुत-बहुत बधाई

    जवाब देंहटाएं
  11. एक आशावादी साकारात्मक भाव लिये कविता.. किरण सिन्धु जी को अच्छी कविता के लिये बधाई

    जवाब देंहटाएं
  12. विवेक भटनागर25 सितंबर 2018 को 10:13 am

    हम लड़ें अपनी परिस्थितियों से,
    और एक दूसरे की जीत का महोत्सव मनाएँ.

    बहुत ही उम्दा। किरण सिंधु जी को बधाइयां।

    जवाब देंहटाएं

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