HeaderLarge

नवीनतम रचनाएं

6/recent/ticker-posts

सिर्फ पकड़्ने से क्या हासिल? [सप्ताह का कार्टून] - अभिषेक तिवारी


रचनाकार परिचय:-
अभिषेक तिवारी "कार्टूनिष्ट" ने चम्बल के एक स्वाभिमानी इलाके भिंड (मध्य प्रदेश्) में जन्म पाया। पिछले २३ सालों से कार्टूनिंग कर रहे हैं। ग्वालियर, इंदौर, लखनऊ के बाद पिछले एक दशक से जयपुर में राजस्थान पत्रिका से जुड़ कर आम आदमी के दुःख-दर्द को समझने की और उस पीड़ा को कार्टूनों के माध्यम से साँझा करने की कोशिश जारी है.....

टिप्पणी पोस्ट करें

11 टिप्पणियां

  1. राष्ट्रपति जी का बैरियर हटवाओ।

    जवाब देंहटाएं
  2. इतना जल्दी पकड लिया ये क्या कम है
    हमारी शोर्यगाथा तलवारों मे,उनके बम है
    जलता रहे घंटो ताज ,अन्दर होने का भ्रम है
    उठ रहा अब विश्वास इनके मिले होने का गम है

    जवाब देंहटाएं
  3. पकड़ लिया यह भी क्‍या कम है
    लटक जाओ खुद ही अगर दम है
    आपको मिल रही है पगार हर माह
    नौकरी से सब मुहब्‍बत करते हैं बेपनाह
    काम न करना तो नहीं है कोई गुनाह।

    जवाब देंहटाएं
  4. कोई नहीं आयेगा। सब सरकारी दामाद हैं।

    जवाब देंहटाएं
  5. अभिषेक जी के कार्टून प्रभावशाली होते हैं।

    जवाब देंहटाएं
  6. फासी का विरोध सरकार क्यों कर रही है यह समझिये। बेकार में जल्लाद निठल्ले बैठे हैं :)

    जवाब देंहटाएं
  7. अभिषेक जी,
    आप के कार्टून इतना सच क्यों बोलतें हैं?

    जवाब देंहटाएं
  8. सही है अभिषेक भाई... अविनाश जी की टिप्पणी भी खूब है... लटक जाओ खुद ही गर दम है...
    खबरी

    जवाब देंहटाएं

आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

आइये कारवां बनायें...

~~~ साहित्य शिल्पी का पुस्तकालय निरंतर समृद्ध हो रहा है। इन्हें आप हमारी साईट से सीधे डाउनलोड कर के पढ सकते हैं ~~~~~~~

डाउनलोड करने के लिए चित्र पर क्लिक करें...