HeaderLarge

नवीनतम रचनाएं

6/recent/ticker-posts

इक धमाका सा हुआ जब से नगर के बीचोंबीच [ग़ज़ल]- योगेन्द्र मौदगिल




रचनाकार परिचय:-

योगेन्द्र मौदगिलहास्य-व्यंग्य के कवि एवं गज़लकार हैं। आपकी कविताओं की ६ मौलिक एवं १० संपादित पुस्तकें प्रकाशित हैं। आपको अनेकों सम्मान प्राप्त हुए हैं। आप हरियाणा की एकमात्र काव्यपत्रिका कलमदंश का ६ वर्षों से निरन्तर प्रकाशन व संपादन कर रहे हैं।

इक धमाका सा हुआ जब से नगर के बीचोंबीच.
कितनी दीवारें उठी फिर घर से घर के बीचोंबीच.

इन दिवारों से कहो अब कानाफूसी बंद हो,
हर कदम पर कान हैं अब इस शहर के बीचोंबीच.

स्कूली बच्चे ढूंढते रिक्शा में बैठे गौर से,
अपना भविष्य फिल्म के हर पोस्टर के बीचोंबीच.

पेट की मजबूरियां क्या-क्या कराती हैं सखी,
सोचती अक्सर वो नीले नाचघर के बीचोंबीच.

अब तो बस आतंक के डंके बजे हैं देख लो,
मौत के अल्फाज यारों हर खबर के बीचोंबीच.

कितनी नावें गर्व से उल्टी पड़ी हैं 'मौदगिल',
कितने तिनके शान से फैले नहर के बीचोंबीच.

टिप्पणी पोस्ट करें

11 टिप्पणियां

  1. स्कूली बच्चे ढूंढते रिक्शा में बैठे गौर से,
    अपना भविष्य फिल्म के हर पोस्टर के बीचोंबीच.
    गंभीर प्रश्न है।

    जवाब देंहटाएं
  2. पेट की मजबूरियां क्या-क्या कराती हैं सखी,
    सोचती अक्सर वो नीले नाचघर के बीचोंबीच.

    अब तो बस आतंक के डंके बजे हैं देख लो,
    मौत के अल्फाज यारों हर खबर के बीचोंबीच.
    बहुत अच्छी ग़ज़ल।

    जवाब देंहटाएं
  3. इक धमाका सा हुआ जब से नगर के बीचोंबीच.
    कितनी दीवारें उठी फिर घर से घर के बीचोंबीच.
    बहुत अच्छी लगी आप की यह कविता

    जवाब देंहटाएं
  4. सभ्य समाज की विडंबनाओं को दर्शाती सुन्दर रचना

    जवाब देंहटाएं
  5. नमस्कार मौदगिल जी बहुत बेहतरीन गजल है ,, जीवन की सच्चाई को जिस तरह से आप ने इतनी बेहतरीन ढंग से व्यक्त किया है अद्भुद है
    स्कूली बच्चे ढूंढते रिक्शा में बैठे गौर से,
    अपना भविष्य फिल्म के हर पोस्टर के बीचोंबीच.
    सादर
    प्रवीण पथिक

    जवाब देंहटाएं
  6. स्कूली बच्चे ढूंढते रिक्शा में बैठे गौर से,
    अपना भविष्य फिल्म के हर पोस्टर के बीचोंबीच.
    ....जीवन की विडंबनाओं को दर्शाती बढिया गज़ल है।बधाई।

    जवाब देंहटाएं
  7. इन दिवारों से कहो अब कानाफूसी बंद हो,
    हर कदम पर कान हैं अब इस शहर के बीचोंबीच

    LAJAWAAB ....... SIMPLY GREAT....

    जवाब देंहटाएं
  8. pet ki majbooriyan kya kya karati hain sochati hai vo neele naachghar ke beech .. !!bahut sunder yatharth ki peeda .

    जवाब देंहटाएं

आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

आइये कारवां बनायें...

~~~ साहित्य शिल्पी का पुस्तकालय निरंतर समृद्ध हो रहा है। इन्हें आप हमारी साईट से सीधे डाउनलोड कर के पढ सकते हैं ~~~~~~~

डाउनलोड करने के लिए चित्र पर क्लिक करें...