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बहुत कुछ सस्ता भी हुआ है [सप्ताह का कार्टून] - अभिषेक तिवारी





रचनाकार परिचय:-
अभिषेक तिवारी "कार्टूनिष्ट" ने चम्बल के एक स्वाभिमानी इलाके भिंड (मध्य प्रदेश्) में जन्म पाया। पिछले २३ सालों से कार्टूनिंग कर रहे हैं। ग्वालियर, इंदौर, लखनऊ के बाद पिछले एक दशक से जयपुर में राजस्थान पत्रिका से जुड़ कर आम आदमी के दुःख-दर्द को समझने की और उस पीड़ा को कार्टूनों के माध्यम से साँझा करने की कोशिश जारी है.....

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9 टिप्पणियाँ

  1. बहुत खूब...आपने आखिर नब्ज पकड़ ही ली.

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  2. बहुत बढ़िया!
    दीपक भारतदीप

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  3. अब तो प्रधानमंत्री नें भी कह दिया है कि मंहगायी बढेगी इस लिये जो ससता हुआ है वह ही सही :) कहते हैं चाँद देखने से रोटी की भूख नहीं लगती।

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  4. आजकल के उतार चढाव पर सटीक प्रहार

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