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देखा है मैंने [बाल-कविता] - जूही तिवारी

देखा है मैने वक्त को बदलते
मासुम चेहरे को दानव मे बदलते

Ghazal by Neeraj Goswamiरचनाकार परिचय:
१२ साल की जुही तिवारी, आर्मी स्कूल (कोटा) मे छठी कक्षा में पढ़ती हैं। पढ़ने का शौक बहुत है, इसलिये किताब से लेकर जिन्दगी तक पढ़ती रहती हैं। इन्होंने अपने स्कूल-मैगजीन के ऑडोटोरियल बोर्ड मे काम भी किया है और जुनियर सेक्शन की लिट्रेररी क्लब की कैप्टन भी रही हैं।

कुछ दिनों पहले जुही ने अपना एक इंग्लिश ब्लॉग बनाया था और अब एक हिन्दी ब्लॉग भी बनाने की सोच रही हैं।


देखा है मैने प्यार को रोते
हजारो की प्यारी मुस्कान खोते

देखा है मैने जीवन को मरते
चहचहाते हुए समा को अचानक ही डरते

देखा है मैने बागीचो को उजड़ते
जैसे जन्नत जहन्नुम मे हो बदलते

देखा है मैने इतना कुछ
मगर इस दुनिया मे अब भी है बहुत कुछ
अब भी कुछ अच्छे लोग हैं
जो वाकई मे सजीव हैं

प्रार्थना है बस इतनी सी
की वो सजीव
कुछ इस तरह रहें
जहन्नु्म फिर से जन्नत मे बदले

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9 टिप्पणियाँ

  1. प्रार्थना है बस इतनी सी
    की वो सजीव
    कुछ इस तरह रहें
    जहन्नु्म फिर से जन्नत मे बदले

    बच्चों की प्रार्थनायें सुनी जाती हैं। बहुत अच्छी रचना।

    जवाब देंहटाएं
  2. िस सुन्दर रचना के लिये जूही तिवारी को बहुत बहुत बधाई और आशीर्वाद

    जवाब देंहटाएं
  3. उम्र से बडी इस बच्ची की सोच है, अपार संभावनायें हैं जूही में।

    जवाब देंहटाएं
  4. बहुत बढ़िया कविता है। शाबास.. इसी तरह और कविताएं लिख कर हमें पढ़ाया करो।

    जवाब देंहटाएं
  5. joohi achcha pryas hai ishvr kripa se nirntr likhti rho koi njdeek me lekhk ho to vichr vimrsh krne me koi nuksan nhi bde 2 sahity kar bhi ki bar ek hi shbd ke liye khob slah lete hain is aap ki rchnaon me bhut sudhar aa jayega meri shubhkamnayen aap ke sath hain
    dr.vedvyathit@gmail.com

    जवाब देंहटाएं
  6. प्रार्थना है बस इतनी सी
    की वो सजीव
    कुछ इस तरह रहें
    जहन्नु्म फिर से जन्नत मे बदले !

    ATI SUNDAR
    ATI SUNDAR
    ATI SUNDAR

    जवाब देंहटाएं
  7. Wish you good luck for your future. Very Good.

    B.K.Choudhary ( Project Manager, Civil )
    Rathin Banerjee
    Brijesh Singh

    जवाब देंहटाएं
  8. निश्चित रूप से आपकी प्रार्थना सार्थक होगी..जूही की बहुत बहुत शुभकामनाएँ..बढ़िया कविता ..

    जवाब देंहटाएं

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