HeaderLarge

नवीनतम रचनाएं

6/recent/ticker-posts

अखिल भारतीय लघुकथा सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन [साहित्य समाचार] - प्रस्तुतिः इरफान राही

नई दिल्ली। यहॉं नई दिल्ली से प्रकाशित राष्ट्रीय हिन्दी पत्रिका हम सब साथ साथ द्वारा देश भर से चयनित दो दर्जन से अधिक युवा एवं 80 वर्ष से भी अधिक आयु तक के लघुकथाकारों को एक ही मंच पर इकट्ठा कर उनकी श्रेष्ठ लघुकथाओं के पाठ व उनको सम्मानित किए जाने का एक अनूठा कार्यक्रम आयोजित किया गया और यह सब हुआ प्रख्यात साहित्यकार श्रीमती चित्रा मुद्गल के मुख्य आतिथ्य, कैपिटल रिपोर्टर के संपादक श्री सुरजीत सिंह जोबन की अध्यक्षता एवं लब्ध प्रतिष्ठित कथाकार श्री बलराम व व्यवसायी श्री ए. पी. सक्सेना के विशिष्ट आतिथ्य में।

इस अवसर पर श्रीमती चित्रा मुद्गल ने हम सब साथ साथ पत्रिका के इस कदम की सराहना करते हुए लघुकथा के विकास पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि इसकी दशा व दिशा दोनों ही ठीक है। अब भावी पीढ़ी का दायित्व है कि वे इसे कहाँ तक ले जाते हैं। श्री जोबन ने कहा कि लघुकथा अपने आप में संपूर्ण कहानी समाहित किए हुए रहती है।

इसके पूर्व सम्मेलन की शुरूआत रेडियो सिंगर श्रीमती सुधा उपाध्याय की सरस्वती वंदना से हुई तत्पश्चात् कथाकार श्री बलराम ने लघुकथा के विकास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लघुकथा आज विकासोन्मुख है।

सम्मेलन हेतु उ.प्र., म.प्र., राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, प. बंगाल एवं दिल्ली आदि से दो दर्जन से भी अधिक लघुकथाकारों को चयनित किया गया था। जिसमें से सम्मेलन में उपस्थित लघुकथाकारों ने अपनी श्रेष्ठ लघुकथाओं का पाठ किया और उसके पश्चात् उन्हें स्मृति चिन्ह, प्रमाणपत्र, पुस्तकें प्रदान कर एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। लघुकथा पाठ एवं सम्मान हेतु चयनित वरिष्ठ लघुकथाकारों में सर्वश्री मो. मुइनुद्दीन अतहर, सनातन वाजपेयी, के. एल. दिवान, मनोहर शर्मा, देवेन्द्र नाथ शाह, सत्यपाल निश्चिंत, गणेश प्रसाद महतो, राम बहादुर व्यथित, प्रदीप शशांक, तेजिन्द्र, माला वर्मा, अकेला भाइ, शरदनारायण खरे, दिनेश कुमार छाजेड़, आरती वर्मा, गीता गीत, देवांशु पाल, ज्योति जैन, नंदलाल भारती, एम. अशफाक कादरी एवं युवा लघुकथाकारों में सर्वश्री महावीर रवांल्टा, संतोष सुपेकर, शोभा रस्तोगी, समद राही, नरेन्द्र कुमार गौड़, कैलाशचंद्र जोशी, पंकज शर्मा एवं लाल बिहारी लाल के नाम उल्लेखनीय रहे।

समारोह का सफल संचालन सर्वश्री विनोद बब्बर एवं विवेक मिश्र ने किया एवं आभार पत्रिका के कार्यकारी संपादक श्री किशोर श्रीवास्तव ने व्यक्त किया।

एक टिप्पणी भेजें

1 टिप्पणियाँ

आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

आइये कारवां बनायें...

~~~ साहित्य शिल्पी का पुस्तकालय निरंतर समृद्ध हो रहा है। इन्हें आप हमारी साईट से सीधे डाउनलोड कर के पढ सकते हैं ~~~~~~~

डाउनलोड करने के लिए चित्र पर क्लिक करें...