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हमदर्द बन कर ठगा [सप्ताह का कार्टून] - अभिषेक तिवारी

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2 टिप्पणियां

  1. एक और तीक्ष्ण कटाक्ष..... सदैव की भांति. आम आदमी की बात को अभिव्यक्ति देने के लिये आभार

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  2. बहुत अच्छा व्यंग्य किया आपने अभिषेक जी....बधाई...

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