HeaderLarge

नवीनतम रचनाएं

6/recent/ticker-posts

वृक्ष घनेरे [बाल-कविता] - कृष्ण कुमार यादव




रचनाकार परिचय:-
कृष्ण कुमार यादव का जन्म 10 अगस्त 1977 को तहबरपुर, आजमगढ़ (उ0 प्र0) में हुआ। आपनें इलाहाबाद विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नात्कोत्तर किया है। आपकी रचनायें देश की अधिकतर प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं साथ ही अनेकों काव्य संकलनों में आपकी रचनाओं का प्रकाशन हुआ है। आपकी प्रमुख प्रकाशित कृतियाँ हैं: अभिलाषा (काव्य संग्रह), अभिव्यक्तियों के बहाने (निबन्ध संग्रह), इण्डिया पोस्ट-150 ग्लोरियस इयर्स (अंग्रेजी), अनुभूतियाँ और विमर्श (निबन्ध संग्रह), क्रान्ति यज्ञ:1857-1947 की गाथा।
आपको अनेकों सम्मान प्राप्त हैं। वर्तमान में आप भारतीय डाक सेवा में वरिष्ठ डाक अधीक्षक के पद पर कानपुर में कार्यरत हैं।
सुन्दर-सुन्दर वृक्ष घनेरे
सबको सदा बुलाते
ले लो फल-फूल सुहाने
सब कुछ सदा लुटाते

करते हैं जीवन का पोषण
नहीं करो तुम इनका शोषण
धरती पर होगी हरियाली
तो सारे जग की खुशहाली

वृक्ष कहीं न कटने पाएं
संकल्पों के हाथ उठाएं
ढेर सारे पौधे लगाकर
धरती से मरूभूमि भगाएं।

एक टिप्पणी भेजें

3 टिप्पणियाँ

  1. पर्यावरण पर लिख रहे हैं आप अच्छा लगा यही तरीका है जाग्रति लाने का....


    बधाई आपको यादव जी...

    जवाब देंहटाएं
  2. बाल कविता के माध्यम से एक सशक्त संदेश प्रसारित करती रचना.

    जवाब देंहटाएं

आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

आइये कारवां बनायें...

~~~ साहित्य शिल्पी का पुस्तकालय निरंतर समृद्ध हो रहा है। इन्हें आप हमारी साईट से सीधे डाउनलोड कर के पढ सकते हैं ~~~~~~~

डाउनलोड करने के लिए चित्र पर क्लिक करें...