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अतिरिक्त सामान [लघुकथा] - रचना व्यास

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पति-पत्नी दोनों नौकरी करते हैं। आज के जमाने में एक कमाने वाले से चार अादमियों का गुज़ारा भला कैसे चले? झुलसा देने वाली गर्मी पड़ रही है। बेडरूम में व ड्राइंग रूम में ए.सी. लगवाया।
अगली गर्मी में बच्चों के कमरे में भी लग गया। फिर दो साल अच्छे गुजरे। इस साल दोनों का प्रमोशन हुआ। उन्होंने ड्राइंगरूम की साज-सज्जा के लिए विशेष बजट बनाया। चार साल पुराना ए.सी. कुछ जम नहीं रहा था। इस बार साइज में कुछ बड़ा व ब्रांडेड लगवाना था। पति ने प्रश्न उठाया कि पुराने का क्या होगा। पत्नी ने आवाज में चाशनी घोलकर कहा "अम्माजी के कमरे में लगेगा और क्या? इस बुढ़ापे में वो क्यों गर्मी सहन करें भला!!" अम्मा जानकर हैरान थी कि ए.सी. चार साल में बूढ़े हो जाते हैं पर खुश भी कि बूढ़े को सहारा देने वाला बूढ़ा मिल गया।

रचना व्यास

रचनाकार परिचय:-

रचना व्यास मूलत: राजस्थान की निवासी हैं। आपने साहित्य और दर्शनशास्त्र में परास्नातक करने के साथ साथ कानून से स्नातक और व्यासायिक प्रबंधन में परास्नातक की उपाधि भी प्राप्त की है।

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