HeaderLarge

नवीनतम रचनाएं

6/recent/ticker-posts

तेरी गली [कविता]- शिव कुमार यादव

IMAGE1
अनजिये सपनों की

 शिव कुमार यादव रचनाकार परिचय:-



शिव कुमार यादव
डी. 170 – आर.एम.एस.कालोनी
टैगोर नगर / रायपुर / छत्तीसगढ़
मोबाईल- 09407625051

पहचान है, तेरी गली
आंसू नहीं, गम नहीं
मुस्कान है, तेरी गली
जज्बात के सितारों से सजी
आसमान है, तेरी गली
खोकर हम दोनों को
परेशान है, तेरी गली
आज भी बुलाती है
नादान है, तेरी गली
अहसास की तपिश लिये
अरमां है , तेरी गली
आज मैं नहीं,तुम नहीं
सुनसान है , तेरी गली
दफ़न है रिश्तों का वजूद
कब्रिस्तान है , तेरी गली

Xxxxxxxxxxxx

टिप्पणी पोस्ट करें

1 टिप्पणियां

  1. रमेश कुमार1 अप्रैल 2016 को 10:14 am

    आज भी बुलाती है
    नादान है, तेरी गली..

    अच्छी कविता

    जवाब देंहटाएं

आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

आइये कारवां बनायें...

~~~ साहित्य शिल्पी का पुस्तकालय निरंतर समृद्ध हो रहा है। इन्हें आप हमारी साईट से सीधे डाउनलोड कर के पढ सकते हैं ~~~~~~~

डाउनलोड करने के लिए चित्र पर क्लिक करें...