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इन्तज़ार [कविता]- शबनम शर्मा

रचनाकाररचनाकार परिचय:-

शबनम शर्मा
अनमोल कुंज, पुलिस चैकी के पीछे, मेन बाजार, माजरा, तह. पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हि.प्र. – 173021 मोब. - 09816838909, 09638569237

बीती रात,
झकझोर दिया इक ख्याल ने
उठ बैठी
अंधेरी काली रात में
चहुँ ओर सिर्फ अन्धकार,
बुझ गये सारे दीये,
अरे, कोई टिमटिमा भी नहीं रहा,
ये बेबुनियाद लम्हें
ये सरकती सी जि़न्दगी
पूछती सिर्फ इक सवाल
अब किसका इन्तज़ार
सलाम होता कुर्सी, जवानी व
पैसे को,
विदाई ले चुके यह सब
रह गई सिमटी सी देह,
खुष्क आँखें, कंपकंपाते हाथ,
टपकती छतें व सिलवटों
से भरे बिस्तर,
नाहक जीने की चाह,
ख्याल जीत गया,
पूछ ही बैठा दोबारा,
बता अब किसका इन्तज़ार।






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