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भाई हे तो रोज राखी, रोज सावन हे [कविता]- राजेश भंडारी "बाबु"

रचनाकार परिचय:-


राजेश भंडारी “बाबु”
१०४ महावीर नगर इंदौर
९००९५०२७३४


भाई हे तो जीवन में प्यार हे दुलार हे
भाई हे तो हमेशा बेन को अहंकार हे
भाई हे तो मायके का आधार हे
भाई हे तो बहन का त्यौहार हे
भाई हे जो प्यारी भाभी लाता हे
भाई हे जो घर में खुशबु मह्काता हे
भाई हे तो बेन घणी इतराती हे
भाई हे तो भाभी थोड़ा डराती हे
भाई हे तो बहन सबको रोब दिखाती हे
भाई हे जो भाभी सही गलत सिखाती हे
भाई हे तो मायके हमेशा की आस हे
भाई हे माँ बाप की भी चलती साँस हे
भाई हे जो बहन को रोने नहीं देता हे
भाई हे जो मुश्किल में साथ देता हे
भाई हे जो ताउम्र साथ निभाता हे
भाई हे जो राखी को कर्ज चुकाता हे
भाई हे तो रोजना मायका का आँगन हे
भाई हे तो रोज राखी हे रोज सावन हे
भाई हे तो बहन की दुनिया में स्पंदन हे
भाई बहन का रिश्ता निर्मल और पावन हे


राजेश भंडारी "बाबु"
९००९५०२७३४

Rajesh Bhandari "babu"
104 Mahavir Nagar Indore
9009502734




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