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देश के हर व्यक्ति मे ईमानदारी होना चाहिये [कविता]- विवेक रंजन श्रीवास्तव



विवेक रंजन श्रीवास्तवरचनाकार परिचय:-



विवेक रंजन श्रीवास्तव
अधीक्षण अभियंता
औ बी ११ विद्युत मण्डल कालोनी रामपुर जबलपुर


देश के हर व्यक्ति मे ईमानदारी होना चाहिये

जिंदगी में जीत पाने समझदारी चाहिये
आगे बढते जाने की मन मे तैयारी चाहिये

रास्ते कोई भी हो कठिनाईयॉ आती ही है
पार पाने ऑधियों से होशियारी चाहिये

कहॉ जाना हो सुनिश्चित और मालू रास्ता
कल की हर संभावना की जानकारी चाहिये

देखकर राहों में रौनक भटक जाना है गलत
खुद को दुख से बचाने की जिम्मेदारी चाहिये

खुशी हो हर आदमी जब हरेक का हरदम बने
आदतों मे खुशमिजाजी श्हारदारी चाहिये

पारिवारिक प्रगति को औं देश की उन्नति को
देश के हर व्यक्ति में ईमानदारी चाहिये

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