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दोराहा [कविता]- शबनम शर्मा

रचनाकाररचनाकार परिचय:-

शबनम शर्मा
अनमोल कुंज, पुलिस चैकी के पीछे, मेन बाजार, माजरा, तह. पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हि.प्र. – 173021 मोब. - 09816838909, 09638569237



दौराहे पर खड़ी जिन्दगी,
लिए कई सवाल,
कई बवाल
चहुँ ओर घोर अन्धकार,
टिमटिमाता सा इक तारा,
ममता का सहारा,
क्यूँ बार-बार मेरा हाथ
पकड़, मुझे घसीट लाता
ये उस दौराहे पर
जहाँ से आगे जाना
कठिन,
पीछे आना असंभव,
खींचता तुम्हारी ओर
सिर्फ एक ही जवाब,
कि ज़िन्दगी के बचे पल
तुम्हारे नाम हो जाएँ
लगे मुझे कि किसी काम
आए मेरे ये निश्छल पल
बूढ़ी ज़िन्दगी।







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