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आसमाँ में दिये उछाल दूँ क्या [गज़ल]- अर्पित शर्मा "अर्पित"

रचनाकार परिचय:-

नाम :- अर्पित शर्मा "अर्पित"
शह्र :- शाजापुर (मध्यप्रदेश)
जन्म दि :- 28-04-1992
जन्म स्थान :- उज्जैन ( मध्यप्रदेश)

आसमाँ में दिये उछाल दूँ क्या,,
चाँद में और नूर डाल दूँ क्या,,


आँख लगते ही आसमान में था,
रूह को जिस्म से निकाल दूँ क्या,,


खुदको आसान वो समझता है,
मैं उसे मुश्किलो में डाल दूँ क्या,,


सब के सब लग रहे है पागल से,
अब नये इनको खद-ओ- खाल दूँ क्या,,


शोर सड़कों पे है बहुत ज़्यादा,
खुद को सुने मकाँ में डाल दूँ क्या,,


देखा मुझको तो वो भी शरमा गये,
एक इशारा करूँ सवाल दूँ क्या,,


अपनी मुठ्ठी से छोड़ कर जुगनू,
इन सितारों को एक मिसाल दूँ क्या


अर्पित शर्मा "अर्पित"





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